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Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Issues in Indian Economic Development (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 4अध्याय 7 / 17Chapter 5

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में भारत में जनसंख्या वृद्धि की समस्या का परिचय दिया गया है। स्वतंत्रता के समय भारत की जनसंख्या लगभग 34 करोड़ थी, जो 2011 की जनगणना के अनुसार 121 करोड़ तक पहुँच गई। जनसंख्या में इतनी तेज़ वृद्धि को 'जनसंख्या विस्फोट' कहा जाता है। यह वृद्धि भारत के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी चुनौती है। अधिक जनसंख्या के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ता है, बेरोजगारी, गरीबी, आवास की समस्या, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के कारण, प्रभाव और नियंत्रण के उपायों का विस्तार से अध्ययन किया गया है।

  • भारत की जनसंख्या में स्वतंत्रता के बाद तीव्र वृद्धि हुई।
  • जनसंख्या विस्फोट से संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।
  • आर्थिक विकास की गति धीमी हो जाती है।
  • बेरोजगारी, गरीबी, आवास व स्वास्थ्य की समस्याएँ बढ़ती हैं।
  • जनसंख्या नियंत्रण के उपायों की आवश्यकता है।
  • 📌 जनसंख्या विस्फोट: अल्प समय में जनसंख्या का अत्यधिक बढ़ना।
  • 📌 जनसंख्या वृद्धि दर: किसी निश्चित समय में जनसंख्या में प्रतिशत वृद्धि।

भारत में जनसंख्या वृद्धि के रुझान

अवधारणा

भारत में जनसंख्या वृद्धि के रुझान

इस अनुभाग में भारत में जनसंख्या वृद्धि के ऐतिहासिक रुझानों का विश्लेषण किया गया है। 1901 से 2011 तक के जनगणना आँकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि भारत में जनसंख्या वृद्धि की दर में समय के साथ परिवर्तन हुआ है। 1921 को 'जनसंख्या का महान विभाजन वर्ष' (Year of Great Divide) कहा जाता है, क्योंकि इसके बाद से जनसंख्या में निरंतर वृद्धि देखी गई। 1951 के बाद जनसंख्या वृद्धि दर में तीव्रता आई, जिसे जनसंख्या विस्फोट की संज्ञा दी गई। 1971-81 के दशक में वृद्धि दर सर्वाधिक थी। 2001-2011 के दशक में वृद्धि दर में कुछ कमी आई, परंतु कुल जनसंख्या में वृद्धि जारी रही।

  • 1901-1921 के बीच जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम थी।
  • 1921 को 'महान विभाजन वर्ष' कहा जाता है।
  • 1951 के बाद वृद्धि दर में तीव्रता आई।
  • 1971-81 में वृद्धि दर सर्वाधिक (2.2%) थी।
  • 2001-11 में वृद्धि दर घटकर 1.64% रह गई।
  • 📌 महान विभाजन वर्ष: 1921, जब पहली बार भारत की जनसंख्या में स्थायी वृद्धि देखी गई।
  • 📌 जनगणना: प्रत्येक 10 वर्ष में होने वाली जनसंख्या की गणना।

जनसंख्या वृद्धि के कारण

व्याख्या

जनसंख्या वृद्धि के कारण

इस अनुभाग में भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है। मुख्यतः जन्म दर में कमी की तुलना में मृत्यु दर में अधिक गिरावट, सामाजिक-आर्थिक कारण, अशिक्षा, बाल विवाह, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताएँ, परिवार नियोजन की असफलता आदि को