Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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5.1 परिचय
व्याख्या5.1 परिचय
इस अनुभाग में ऑक्सीकरण और अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रियाओं की मूलभूत अवधारणा का परिचय दिया गया है। ऑक्सीकरण-अपचयन रासायनिक अभिक्रियाओं का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ग है, जिसमें इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है। ऑक्सीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी तत्व की ऑक्सीकरण अवस्था बढ़ती है, अर्थात वह इलेक्ट्रॉन खोता है। इसके विपरीत, अपचयन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी तत्व की ऑक्सीकरण अवस्था घटती है, अर्थात वह इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है। रेडॉक्स अभिक्रियाएँ जैविक और अजैविक दोनों प्रणालियों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जैसे श्वसन, प्रकाश-संश्लेषण, धातु निष्कर्षण, बैटरियों का कार्य आदि। इस अध्याय में रेडॉक्स अभिक्रियाओं के सिद्धांत, उनके प्रकार, संतुलन, इलेक्ट्रोड विभव, तथा उनके अनुप्रयोगों का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण पर आधारित होती हैं।
- ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन का ह्रास तथा अपचयन में इलेक्ट्रॉन की प्राप्ति होती है।
- रेडॉक्स अभिक्रियाएँ अनेक जैविक और औद्योगिक प्रक्रियाओं में होती हैं।
- ऑक्सीकरण अवस्था की अवधारणा रेडॉक्स अभिक्रियाओं को समझने के लिए आवश्यक है।
- इलेक्ट्रोड विभव, सेल विभव, तथा गिब्स मुक्त ऊर्जा का रेडॉक्स अभिक्रियाओं से गहरा संबंध है।
- 📌 ऑक्सीकरण: इलेक्ट्रॉन का ह्रास
- 📌 अपचयन: इलेक्ट्रॉन की प्राप्ति
- 📌 रेडॉक्स अभिक्रिया: ऑक्सीकरण और अपचयन की संयुक्त अभिक्रिया
5.2 ऑक्सीकरण अवस्था की अवधारणा
अवधारणा5.2 ऑक्सीकरण अवस्था की अवधारणा
ऑक्सीकरण अवस्था (Oxidation State) किसी तत्व के परमाणु द्वारा किसी यौगिक में इलेक्ट्रॉनों के वितरण को दर्शाती है। यह एक काल्पनिक आवेश है, जिसे यह मानकर निकाला जाता है कि सभी बंध पूर्णतः आयनिक हैं। ऑक्सीकरण अवस्था की गणना के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं, जैसे कि मुक्त तत्त्वों की ऑक्सीकरण अवस्था शून्य होती है, हाइड्रोजन की अधिकतर यौगिकों में +1, ऑक्सीजन की -2, क्षार धातुओं की +1, क्षारीय मृदु धातुओं की +2 होती है। यौगिक या आयन में उपस्थित सभी तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं का योग यौगिक के कुल आवेश के बराबर होता है। ऑक्सीकरण अवस्था की अवधारणा रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान, संतुलन तथा उनके यांत्रिकी को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- ऑक्सीकरण अवस्था इलेक्ट्रॉनों के वितरण का काल्पनिक आवेश है।
- मुक्त तत्त्वों की ऑक्सीकरण अवस्था सदैव शून्य होती है।
- ऑक्सीकरण अवस्था के नियम रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान में सहायक हैं।
- ऑक्सीकरण अवस्था से यह ज्ञात होता है कि कौन सा तत्त्व ऑक्सीकरण और कौन सा अपचयन कर रहा है।
- ऑक्सीकरण अवस्था की गणना से अभिक्रिया के संतुलन में सहायता मिलती है।
- 📌 ऑक्सीकरण अवस्था: किसी तत्त्व का काल्पनिक आवेश
- 📌 नियम: ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए निर्धारित नियम
5.3 रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकार
व्याख्या5.3 रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकार
रेडॉक्स अभिक्रियाओं को ऑक्सीकरण अवस्था के परिवर्तन के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है। मुख्यतः ये निम्नलिखित हैं: (1) संयुग्मन (Combination) अभिक्रिया, जिसमें दो या दो से अधिक तत्त्व मिलकर एक यौगिक बनाते हैं; (2) अपघटन (Decompositi
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