Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
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4.1 परिचय
व्याख्या4.1 परिचय
ऑक्सीकरण और अपचयन रसायन विज्ञान के अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनका प्रयोग विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं में होता है। इस अध्याय में हम ऑक्सीकरण (Oxidation) और अपचयन (Reduction) की मूलभूत अवधारणाओं, उनके ऐतिहासिक विकास, तथा आधुनिक परिभाषाओं का अध्ययन करेंगे। प्रारंभ में, ऑक्सीकरण का अर्थ केवल ऑक्सीजन के योग से और अपचयन का अर्थ ऑक्सीजन के वियोग से समझा जाता था। परंतु जैसे-जैसे रसायन विज्ञान का विकास हुआ, इनकी परिभाषाएँ विस्तृत होती गईं। अब इनकी व्याख्या इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण, हाइड्रोजन के योग/वियोग, तथा ऑक्सीजन के योग/वियोग के आधार पर की जाती है। इस खंड में हम जानेंगे कि किस प्रकार ऑक्सीकरण और अपचयन की अवधारणाएँ विकसित हुईं और इनका रसायन विज्ञान में क्या महत्व है।
- ऑक्सीकरण और अपचयन रासायनिक अभिक्रियाओं के मूलभूत सिद्धांत हैं।
- प्रारंभ में ऑक्सीकरण का अर्थ ऑक्सीजन के योग से था।
- आधुनिक परिभाषा में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण को भी सम्मिलित किया गया है।
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ ऊर्जा उत्पादन, धातु निष्कर्षण, तथा जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण हैं।
- इनकी समझ से रासायनिक अभिक्रियाओं की दिशा और उत्पाद का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
- यह अध्याय आगे इन अवधारणाओं की विस्तृत व्याख्या करेगा।
- 📌 ऑक्सीकरण: किसी तत्व या यौगिक में ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का वियोग या इलेक्ट्रॉनों का ह्रास।
- 📌 अपचयन: किसी तत्व या यौगिक में ऑक्सीजन का वियोग या हाइड्रोजन का योग या इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति।
4.2 ऑक्सीकरण और अपचयन की परिभाषाएँ
परिभाषा4.2 ऑक्सीकरण और अपचयन की परिभाषाएँ
ऑक्सीकरण और अपचयन की परिभाषाएँ समय के साथ बदलती रही हैं। प्रारंभ में ऑक्सीकरण का अर्थ केवल ऑक्सीजन के योग से था, परंतु अब इसकी परिभाषा व्यापक हो गई है। आधुनिक रसायन विज्ञान में ऑक्सीकरण को इलेक्ट्रॉनों के ह्रास और अपचयन को इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति के रूप में भी परिभाषित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, हाइड्रोजन के वियोग (ऑक्सीकरण) और योग (अपचयन) के आधार पर भी इनकी व्याख्या की जाती है। इस खंड में हम इन सभी परिभाषाओं का अध्ययन करेंगे।
- ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन का योग, हाइड्रोजन का वियोग, या इलेक्ट्रॉनों का ह्रास।
- अपचयन: ऑक्सीजन का वियोग, हाइड्रोजन का योग, या इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति।
- इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण की अवधारणा आधुनिक रसायन विज्ञान में अधिक प्रचलित है।
- कई अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ होते हैं।
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाओं को रेडॉक्स अभिक्रिया भी कहते हैं।
- इनकी पहचान के लिए ऑक्सीडेशन संख्या का निर्धारण आवश्यक है।
- 📌 रेडॉक्स अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ होते हैं।
- 📌 ऑक्सीडेशन संख्या: किसी तत्व के परमाणु पर उपस्थित आवेश, यदि सभी बंध पूर्णतः आयनिक हों।
4.3 ऑक्सीडेशन संख्या (ऑक्सीकरण अवस्था)
अवधारणा4.3 ऑक्सीडेशन संख्या (ऑक्सीकरण अवस्था)
ऑक्सीडेशन संख्या (ऑक्सीकरण अवस्था) किसी तत्व के परमाणु पर उपस्थित वह काल्पनिक आवेश है, जो उसे उस स्थिति में प्राप्त होता यदि सभी बंध पूर्णतः आयनिक होते। ऑक्सीडेशन संख्या का निर्धारण रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके निर्धारण
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