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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Inorganic Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 10अध्याय 8 / 8

Chapter 12अध्ययन नोट्स

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12.1 अम्ल तथा क्षारक की परिभाषाएँ

परिभाषा

12.1 अम्ल तथा क्षारक की परिभाषाएँ

इस अनुभाग में अम्ल (Acid) तथा क्षारक (Base) की विभिन्न परिभाषाओं का वर्णन किया गया है। सबसे पहले, अर्रेनियस (Arrhenius) द्वारा दी गई परिभाषा के अनुसार, अम्ल वे पदार्थ हैं जो जल में घुलने पर H⁺ (हाइड्रोजन आयन) उत्पन्न करते हैं, जबकि क्षारक वे हैं जो जल में घुलने पर OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) उत्पन्न करते हैं। ब्रॉन्स्टेड-लोवरी (Bronsted-Lowry) के अनुसार, अम्ल वे हैं जो प्रोटॉन (H⁺) दाता होते हैं और क्षारक वे हैं जो प्रोटॉन ग्राही होते हैं। लुईस (Lewis) के अनुसार, अम्ल वे हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही होते हैं और क्षारक वे हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म दाता होते हैं। इन परिभाषाओं के माध्यम से अम्ल-क्षारक की प्रकृति, उनके व्यवहार और रासायनिक अभिक्रियाओं में उनकी भूमिका को समझा जा सकता है।

  • अर्रेनियस के अनुसार अम्ल H⁺ आयन और क्षारक OH⁻ आयन उत्पन्न करते हैं।
  • ब्रॉन्स्टेड-लोवरी के अनुसार अम्ल प्रोटॉन दाता और क्षारक प्रोटॉन ग्राही होते हैं।
  • लुईस के अनुसार अम्ल इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही और क्षारक इलेक्ट्रॉन युग्म दाता होते हैं।
  • अम्ल-क्षारक की परिभाषा उनके व्यवहार और अभिक्रियाओं को समझने में सहायक है।
  • विभिन्न परिभाषाएँ विभिन्न परिस्थितियों में उपयुक्त होती हैं।
  • 📌 अम्ल: वह पदार्थ जो जल में घुलने पर H⁺ आयन उत्पन्न करता है।
  • 📌 क्षारक: वह पदार्थ जो जल में घुलने पर OH⁻ आयन उत्पन्न करता है।
  • 📌 प्रोटॉन दाता: वह जो H⁺ आयन देता है।

12.2 अम्ल तथा क्षारक के भौतिक एवं रासायनिक गुण

व्याख्या

12.2 अम्ल तथा क्षारक के भौतिक एवं रासायनिक गुण

इस अनुभाग में अम्लों और क्षारकों के भौतिक (Physical) तथा रासायनिक (Chemical) गुणों का विस्तार से वर्णन किया गया है। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, जल में घुलनशील होते हैं, और नीले लिटमस को लाल करते हैं। क्षारक स्वाद में कड़वे, स्पर्श में साबुन जैसे होते हैं, और लाल लिटमस को नीला करते हैं। रासायनिक दृष्टि से, अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं, धातु ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया कर लवण और जल बनाते हैं। क्षारक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर लवण और जल बनाते हैं (उदासीनीकरण अभिक्रिया)। अम्ल कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करते हैं।

  • अम्ल खट्टे, जल में घुलनशील, नीले लिटमस को लाल करते हैं।
  • क्षारक कड़वे, स्पर्श में साबुन जैसे, लाल लिटमस को नीला करते हैं।
  • अम्ल धातुओं के साथ हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
  • क्षारक अम्ल के साथ लवण और जल बनाते हैं।
  • अम्ल कार्बोनेट के साथ CO₂ गैस उत्पन्न करते हैं।
  • अम्ल और क्षारक दोनों विद्युत का संचालन करते हैं।
  • 📌 भौतिक गुण: पदार्थ के वे गुण जो इंद्रियों द्वारा ज्ञात होते हैं।
  • 📌 रासायनिक गुण: पदार्थ के वे गुण जो रासायनिक अभिक्रियाओं में प्रकट होते हैं।
  • 📌 उदासीनीकरण: अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया जिससे लवण और जल बनता है।

12.3 अम्ल-क्षारक अभिक्रिया (उदासीनीकरण अभिक्रिया)

अवधारणा

12.3 अम्ल-क्षारक अभिक्रिया (उदासीनीकरण अभिक्रिया)

इस अनुभाग में अम्ल और क्षारक के बीच होने वाली अभिक्रिया, जिसे उदासीनीकरण (Neutralization) कहा जाता है, का विस्तार से वर्णन किया गया है। जब अम्ल और क्षारक को मिलाया जाता है, तो वे आपस में अभिक्रिया करके लवण (Salt) और जल (Water) बनाते हैं। यह अभिक्रिया