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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Numerical Analysis & Vector Calculus (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 2अध्याय 4 / 18Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 परिमित अंतर की परिभाषा

परिभाषा

2.1 परिमित अंतर की परिभाषा

परिमित अंतर (Finite Difference) गणित की वह शाखा है जिसमें फलनों के मानों के बीच निश्चित अंतराल पर अंतर की गणना की जाती है। यह विधि मुख्यतः संख्यात्मक विश्लेषण (Numerical Analysis) में प्रयुक्त होती है, जहाँ किसी फलन के मान ज्ञात होते हैं और उनके आधार पर अन्य मानों की गणना या अनुमान किया जाता है। परिमित अंतर का उपयोग अवकलन, समाकलन, अंतरालों के बीच प्रवृत्तियों की पहचान, तथा समीकरणों के हल में किया जाता है। इसमें मुख्यतः तीन प्रकार के अंतर होते हैं: अग्र अंतर (Forward Difference), पश्च अंतर (Backward Difference), तथा केंद्रीय अंतर (Central Difference)। इन अंतरालों की गणना के लिए अंतर सारणी (Difference Table) का निर्माण किया जाता है।

  • परिमित अंतर फलनों के निश्चित अंतराल पर मानों के बीच के अंतर को दर्शाता है।
  • मुख्यतः अग्र, पश्च, और केंद्रीय अंतर का उपयोग किया जाता है।
  • यह विधि संख्यात्मक विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • परिमित अंतर का उपयोग अवकलन, समाकलन, और समीकरणों के हल में होता है।
  • अंतर सारणी का निर्माण परिमित अंतर की गणना के लिए किया जाता है।
  • 📌 परिमित अंतर: निश्चित अंतराल पर फलन के मानों के बीच का अंतर।
  • 📌 अग्र अंतर (Δ): अगले मान से वर्तमान मान घटाना।
  • 📌 पश्च अंतर (∇): वर्तमान मान से पिछले मान घटाना।

2.2 अग्र अंतर (Forward Difference)

अवधारणा

2.2 अग्र अंतर (Forward Difference)

अग्र अंतर (Forward Difference) वह अंतर है जिसमें किसी फलन के दो क्रमागत मानों के बीच का अंतर निकाला जाता है। यदि x के मान समान अंतराल h पर दिए गए हैं, तो अग्र अंतर को Δ प्रतीक से दर्शाया जाता है। गणना के लिए, Δyₙ = yₙ₊₁ − yₙ का सूत्र प्रयोग होता है। अग्र अंतर का उपयोग मुख्यतः जब हमें अगले मान का अनुमान लगाना हो, तब किया जाता है। यह अंतर सारणी के निर्माण में प्रथम स्तंभ में लिखा जाता है। अग्र अंतर की उच्च कोटियाँ भी होती हैं, जैसे Δ²yₙ = Δyₙ₊₁ − Δyₙ, Δ³yₙ = Δ²yₙ₊₁ − Δ²yₙ आदि।

  • अग्र अंतर में अगले मान से वर्तमान मान घटाया जाता है।
  • प्रतीक Δ का उपयोग अग्र अंतर के लिए होता है।
  • समान अंतराल h आवश्यक है।
  • अग्र अंतर की उच्च कोटियाँ भी होती हैं।
  • मुख्यतः अगले मान के अनुमान के लिए उपयोगी।
  • 📌 अग्र अंतर (Δ): अगले मान से वर्तमान मान का अंतर।
  • 📌 उच्च कोटि अग्र अंतर: Δ², Δ³ आदि, जो अग्र अंतर के अंतर हैं।

2.3 पश्च अंतर (Backward Difference)

अवधारणा

2.3 पश्च अंतर (Backward Difference)

पश्च अंतर (Backward Difference) वह अंतर है जिसमें किसी फलन के वर्तमान मान से उसके पिछले मान का अंतर निकाला जाता है। इसे ∇ प्रतीक से दर्शाया जाता है। यदि x के मान समान अंतराल h पर हैं, तो ∇yₙ = yₙ − yₙ₋₁ का सूत्र प्रयोग होता है। पश्च अंतर का उपयोग तब