Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
इस अनुभाग में भारतीय संसद की भूमिका, संरचना और महत्व का परिचय दिया गया है। संसद भारतीय लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाए जाते हैं, सरकार की जिम्मेदारी तय होती है और जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व होता है। संसद दो सदनों—लोकसभा (निम्न सदन) और राज्यसभा (उच्च सदन)—से मिलकर बनी है। संसद का गठन संविधान के अनुच्छेद 79 के तहत हुआ है। संसद का मुख्य कार्य विधि निर्माण, कार्यपालिका पर नियंत्रण, वित्तीय कार्य, और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करना है। संसद के माध्यम से जनता की इच्छाओं और जरूरतों को नीति निर्माण में स्थान मिलता है।
- भारतीय संसद दो सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—से मिलकर बनी है।
- संसद का गठन संविधान के अनुच्छेद 79 के तहत हुआ।
- संसद विधि निर्माण, कार्यपालिका पर नियंत्रण और वित्तीय कार्य करती है।
- संसद में जनता के प्रतिनिधि बैठते हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होती है।
- संसद लोकतंत्र का आधार स्तंभ है।
- 📌 संसद: भारत की सर्वोच्च विधायिका, जो दो सदनों से मिलकर बनती है।
- 📌 लोकसभा: संसद का निम्न सदन, जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है।
- 📌 राज्यसभा: संसद का उच्च सदन, राज्यों के प्रतिनिधियों से मिलकर बनता है।
संसद का गठन
व्याख्यासंसद का गठन
इस अनुभाग में संसद के गठन की संवैधानिक प्रक्रिया और उसकी संरचना का विस्तार से वर्णन किया गया है। भारतीय संसद का गठन राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा से होता है। संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार, संसद में राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं। लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा के सदस्य राज्यों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं। संसद का गठन हर पाँच वर्ष में लोकसभा के चुनाव के माध्यम से होता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। संसद के गठन में संघीय ढांचे का ध्यान रखा गया है, जिससे राज्यों को भी केंद्र में प्रतिनिधित्व मिलता है।
- संसद का गठन राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा से होता है।
- लोकसभा के सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाते हैं।
- राज्यसभा के सदस्य राज्यों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं।
- राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसमें एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
- संविधान के अनुच्छेद 79 में संसद के गठन का उल्लेख है।
- 📌 राष्ट्रपति: भारत के संविधान के अनुसार संसद का अभिन्न अंग।
- 📌 लोकसभा: संसद का निम्न सदन, 545 सदस्य (2 मनोनीत)।
- 📌 राज्यसभा: संसद का उच्च सदन, अधिकतम 250 सदस्य।
लोकसभा और राज्यसभा
व्याख्यालोकसभा और राज्यसभा
इस अनुभाग में लोकसभा और राज्यसभा की संरचना, सदस्यता, कार्यकाल और उनकी विशेषताओं का वर्णन है। लोकसभा को 'जनता का सदन' कहा जाता है, जिसमें अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं। इनमें 530 सदस्य राज्यों से, 20 केंद्रशासित प्रदेशों से और 2 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा
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Indian Politics - An Introduction · Vardhman Mahaveer Open University