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The Law of Contract is Not the Whole Law of Obligation: The Indian contract act shall not lay

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Legal Aspects of Business (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

The Law of Contract is Not the Whole Law of Obligation: The Indian contract act shall not layअध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की भूमिका और उसकी सीमाओं का परिचय दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि संविदा का कानून, दायित्व के संपूर्ण कानून का पर्याय नहीं है। भारतीय संविदा अधिनियम केवल उन दायित्वों को नियंत्रित करता है जो संविदा के आधार पर उत्पन्न होते हैं, जबकि अन्य प्रकार के दायित्व जैसे कि टॉर्ट (अविधिक दायित्व), न्यायिक आदेशों से उत्पन्न दायित्व, या विधिक दायित्व, इस अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। इस प्रकार, यह अध्याय छात्रों को यह समझाने का प्रयास करता है कि संविदा का कानून, दायित्व के व्यापक क्षेत्र का एक भाग मात्र है।

  • भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 केवल संविदा से उत्पन्न दायित्वों को नियंत्रित करता है।
  • दायित्व के अन्य स्रोत भी होते हैं जैसे टॉर्ट, न्यायिक आदेश, विधिक दायित्व।
  • संविदा का कानून, दायित्व के संपूर्ण क्षेत्र को नहीं घेरता।
  • यह अध्याय दायित्व के विभिन्न स्रोतों की व्याख्या करता है।
  • 📌 संविदा: दो या दो से अधिक पक्षों के बीच विधिक रूप से बाध्यकारी समझौता।
  • 📌 दायित्व: किसी व्यक्ति या संस्था पर कानून द्वारा लगाया गया उत्तरदायित्व।

संविदा से उत्पन्न दायित्व

अवधारणा

संविदा से उत्पन्न दायित्व

इस अनुभाग में समझाया गया है कि संविदा से उत्पन्न दायित्व वे होते हैं जो दो या दो से अधिक पक्षों के बीच विधिक रूप से बाध्यकारी समझौते के कारण उत्पन्न होते हैं। जब कोई पक्ष संविदा की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो दूसरा पक्ष उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय संविदा अधिनियम के अनुसार, संविदा के सभी आवश्यक तत्व (प्रस्ताव, स्वीकृति, विचार, क्षमता, विधिक उद्देश्य) पूरे होने चाहिए, तभी दायित्व उत्पन्न होता है।

  • संविदा से उत्पन्न दायित्व केवल उन्हीं मामलों में लागू होते हैं जहाँ सभी आवश्यक तत्व पूरे हों।
  • संविदा के उल्लंघन पर क्षतिपूर्ति का अधिकार मिलता है।
  • संविदा से उत्पन्न दायित्व व्यक्तिगत होते हैं।
  • संविदा के दायित्वों को न्यायालय द्वारा लागू किया जा सकता है।
  • 📌 प्रस्ताव: एक पक्ष द्वारा दिया गया प्रस्ताव, जिसे दूसरा पक्ष स्वीकार कर सकता है।
  • 📌 स्वीकृति: प्रस्ताव को बिना शर्त स्वीकार करना।
  • 📌 विचार: संविदा में विनिमय के लिए कुछ मूल्य।

अविधिक (टॉर्ट) दायित्व

व्याख्या

अविधिक (टॉर्ट) दायित्व

इस अनुभाग में अविधिक दायित्वों की व्याख्या की गई है, जिन्हें टॉर्ट भी कहा जाता है। टॉर्ट वे दायित्व हैं जो संविदा के बिना उत्पन्न होते हैं, अर्थात् जब किसी व्यक्ति की क्रिया या चूक से दूसरे व्यक्ति को हानि पहुँचती है, तो वह टॉर्ट के अंतर्गत आता है। ट

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