Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 प्रस्तावना
व्याख्या8.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में मैक्सवेल वेग वितरण के नियम की आवश्यकता और उसकी पृष्ठभूमि को समझाया गया है। तापीय भौतिकी एवं सांख्यिकीय भौतिकी में गैसों के अणुओं के वेगों के वितरण का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आदर्श गैसों के गुणों को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि किसी निश्चित तापमान पर गैस के अणुओं के वेग किस प्रकार वितरित होते हैं। मैक्सवेल ने 1860 में सांख्यिकीय विधि द्वारा यह नियम प्रतिपादित किया, जिससे ज्ञात होता है कि किसी निश्चित तापमान पर कितने प्रतिशत अणु किसी विशेष वेग सीमा में पाए जाते हैं। यह नियम गैसों के अनेक गुणों जैसे विसरण, विसरण, चालन, आदि को समझने में सहायक है। इस अध्याय में हम मैक्सवेल वेग वितरण के नियम, उसकी गणना, ग्राफ, तथा व्युत्पन्न परिणामों का अध्ययन करेंगे।
- गैसों के अणुओं के वेगों का वितरण सांख्यिकीय विधि से ज्ञात किया जाता है।
- मैक्सवेल वेग वितरण नियम आदर्श गैसों के लिए लागू होता है।
- यह नियम गैसों के तापीय गुणों को समझने में सहायक है।
- मैक्सवेल ने 1860 में यह नियम प्रतिपादित किया।
- गैस के अणुओं के वेग यादृच्छिक होते हैं।
- यह अध्याय गैसों के वेग वितरण के नियम को विस्तार से समझाता है।
- 📌 आदर्श गैस: ऐसी गैस जिसका आचरण आदर्श गैस समीकरण PV = nRT का पालन करता है।
- 📌 सांख्यिकीय विधि: किसी गुणधर्म का अध्ययन बड़े समूह के अणुओं के औसत व्यवहार के आधार पर करना।
8.2 मैक्सवेल वेग वितरण का सांख्यिकीय आधार
अवधारणा8.2 मैक्सवेल वेग वितरण का सांख्यिकीय आधार
इस अनुभाग में मैक्सवेल वेग वितरण नियम के सांख्यिकीय आधार को समझाया गया है। गैस के अणु निरंतर गतिशील होते हैं और उनके वेग यादृच्छिक दिशा में होते हैं। किसी निश्चित समय पर, सभी अणुओं के वेग समान नहीं होते, बल्कि वे विभिन्न वेगों के वितरण में होते हैं। सांख्यिकीय यांत्रिकी के अनुसार, यदि किसी गैस में कुल N अणु हैं, तो उनमें से कुछ n₁ अणु वेग v₁, कुछ n₂ अणु वेग v₂, आदि वेगों के साथ पाए जाते हैं। मैक्सवेल ने अनुमान लगाया कि किसी निश्चित वेग सीमा dv में पाए जाने वाले अणुओं की संख्या n(v) dv, कुल अणुओं की संख्या N के सापेक्ष एक निश्चित अनुपात में होती है। यह अनुपात गैस के तापमान और अणु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है। सांख्यिकीय आधार पर यह वितरण नियम गिब्स के सिद्धांतों पर भी आधारित है, जिसमें अणुओं के वेगों के संभाव्य वितरण की गणना की जाती है।
- गैस के अणुओं के वेग यादृच्छिक दिशा में होते हैं।
- किसी निश्चित वेग सीमा में पाए जाने वाले अणुओं की संख्या सांख्यिकीय रूप से ज्ञात की जाती है।
- सांख्यिकीय यांत्रिकी के अनुसार, वितरण नियम संभाव्यता पर आधारित है।
- गैस के तापमान और अणु के द्रव्यमान का वेग वितरण पर प्रभाव पड़ता है।
- मैक्सवेल का वितरण नियम गिब्स के सिद्धांतों पर आधारित है।
- यह वितरण केवल आदर्श गैसों के लिए मान्य है।
- 📌 संभाव्यता (Probability): किसी घटना के घटित होने की संभावना।
- 📌 सांख्यिकीय यांत्रिकी: अणुओं के समूह के औसत व्यवहार का अध्ययन।
8.3 मैक्सवेल वेग वितरण का गणितीय व्युत्पादन
सूत्र8.3 मैक्सवेल वेग वितरण का गणितीय व्युत्पादन
इस अनुभाग में मैक्सवेल वेग वितरण के नियम का गणितीय व्युत्पादन प्रस्तुत किया गया है। मान लीजिए, किसी आदर्श गैस में कुल N अणु हैं, जिनका द्रव्यमान m है और तापमान T है। मैक्सवेल के अनुसार, वेग v और v + dv के बीच पाए जाने वाले अणुओं की संख्या n(v) dv निम
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