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Chapter 4

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Thermal and Statistical Physics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 11Chapter 7

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

4.1 ऊष्मागतिकीय प्राचल का परिचय

व्याख्या

4.1 ऊष्मागतिकीय प्राचल का परिचय

ऊष्मागतिकीय प्राचल (Thermodynamic Variables) वे भौतिक राशियाँ हैं, जिनके द्वारा किसी ऊष्मागतिकीय तंत्र की स्थिति का पूर्णतः वर्णन किया जा सकता है। ये प्राचल जैसे – दाब (P), आयतन (V), ताप (T), आंतरिक ऊर्जा (U), एन्ट्रॉपी (S), आदि होते हैं। किसी तंत्र की ऊष्मागतिकीय अवस्था को इन प्राचलों के मानों द्वारा दर्शाया जाता है। इन प्राचलों को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है: व्यापक (Extensive) और सघन (Intensive) प्राचल। व्यापक प्राचल तंत्र के आकार या द्रव्यमान पर निर्भर करते हैं (जैसे आयतन, द्रव्यमान, आंतरिक ऊर्जा), जबकि सघन प्राचल तंत्र के आकार पर निर्भर नहीं करते (जैसे दाब, ताप)। ऊष्मागतिकीय तंत्र के संतुलन की स्थिति में ये प्राचल निश्चित मान रखते हैं। इन प्राचलों के आपसी संबंधों को ऊष्मागतिकीय समीकरणों द्वारा व्यक्त किया जाता है, जैसे आदर्श गैस समीकरण (PV = nRT)। ऊष्मागतिकीय प्राचलों का अध्ययन ऊष्मागतिकी के नियमों, प्रक्रियाओं और चक्रों को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

  • ऊष्मागतिकीय प्राचल तंत्र की स्थिति का वर्णन करते हैं।
  • प्रमुख प्राचल: दाब, आयतन, ताप, आंतरिक ऊर्जा, एन्ट्रॉपी।
  • प्राचल दो प्रकार के होते हैं: व्यापक और सघन।
  • संतुलन की स्थिति में प्राचलों के मान निश्चित होते हैं।
  • ऊष्मागतिकीय समीकरणों द्वारा प्राचलों का संबंध व्यक्त किया जाता है।
  • इनका अध्ययन ऊष्मागतिकी के नियमों को समझने के लिए आवश्यक है।
  • 📌 ऊष्मागतिकीय प्राचल: तंत्र की स्थिति बताने वाली भौतिक राशियाँ।
  • 📌 व्यापक प्राचल: तंत्र के आकार/द्रव्यमान पर निर्भर (जैसे आयतन)।
  • 📌 सघन प्राचल: तंत्र के आकार पर निर्भर नहीं (जैसे ताप)।

4.2 ऊष्मागतिकीय प्राचलों के प्रकार

अवधारणा

4.2 ऊष्मागतिकीय प्राचलों के प्रकार

ऊष्मागतिकीय प्राचल दो प्रकार के होते हैं: (1) व्यापक प्राचल (Extensive Variables) और (2) सघन प्राचल (Intensive Variables)। व्यापक प्राचल वे हैं जो तंत्र के आकार या द्रव्यमान के साथ बदलते हैं, जैसे आयतन (V), द्रव्यमान (m), आंतरिक ऊर्जा (U), एन्ट्रॉपी (S), आदि। यदि दो तंत्रों को मिलाया जाए, तो व्यापक प्राचलों के मान जोड़ दिए जाते हैं। सघन प्राचल वे हैं जो तंत्र के आकार पर निर्भर नहीं करते, जैसे ताप (T), दाब (P), घनत्व (ρ)। इनका मान तंत्र के किसी भी भाग में समान रहता है। सघन प्राचल व्यापक प्राचलों के अनुपात से प्राप्त किए जा सकते हैं, जैसे घनत्व = द्रव्यमान/आयतन। इन दोनों प्रकार के प्राचलों का ऊष्मागतिकी में विशिष्ट महत्व है, क्योंकि ये तंत्र की स्थिति और उसकी ऊर्जा को समझने में सहायता करते हैं।

  • प्राचल दो प्रकार के: व्यापक और सघन।
  • व्यापक प्राचल तंत्र के आकार/द्रव्यमान पर निर्भर करते हैं।
  • सघन प्राचल तंत्र के आकार पर निर्भर नहीं करते।
  • व्यापक प्राचल जोड़ने पर योगफल मिलता है।
  • सघन प्राचल जोड़ने पर मान नहीं बदलता।
  • घनत्व = द्रव्यमान/आयतन (सघन प्राचल का उदाहरण)।
  • 📌 व्यापक प्राचल: तंत्र के आकार/द्रव्यमान पर निर्भर।
  • 📌 सघन प्राचल: तंत्र के आकार पर निर्भर नहीं।

4.3 ऊष्मागतिकीय तंत्र की अवस्था और अवस्था समीकरण

व्याख्या

4.3 ऊष्मागतिकीय तंत्र की अवस्था और अवस्था समीकरण

ऊष्मागतिकीय तंत्र की अवस्था (State of a Thermodynamic System) वह स्थिति है जिसमें तंत्र के सभी ऊष्मागतिकीय प्राचलों के मान निश्चित होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी गैस के लिए दाब, आयतन और ताप ज्ञात होने पर उसकी अवस्था ज्ञात मानी जाती है। इन प्राचलों के