Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
7.1 परिचय
व्याख्या7.1 परिचय
इस अनुभाग में गैसों के गतियात्मक सिद्धांत की मूलभूत अवधारणा प्रस्तुत की गई है। यह सिद्धांत गैसों के व्यवहार को उनके सूक्ष्म कणों की गति के आधार पर समझाता है। गैसों के कणों (अणु या परमाणु) निरंतर गतिशील रहते हैं और आपस में टकराते हैं। इन टक्करों के कारण गैसों के गुण जैसे दाब, तापमान, आयतन आदि उत्पन्न होते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, गैसों के कणों के बीच कोई आकर्षण या विकर्षण बल नहीं होता और वे स्वतंत्र रूप से चलते हैं। यह सिद्धांत गैसों के व्यवहार को सांख्यिकीय रूप में समझने का प्रयास करता है। इसके माध्यम से आदर्श गैस समीकरण, दाब, तापमान, ऊर्जा आदि की व्याख्या की जाती है।
- गैसों के कण निरंतर गतिशील रहते हैं।
- गैसों का दाब कणों की टक्करों के कारण उत्पन्न होता है।
- गैसों के कणों के बीच कोई आकर्षण या विकर्षण बल नहीं माना जाता।
- गैसों के गुणों की व्याख्या सांख्यिकीय विधि से की जाती है।
- गतियात्मक सिद्धांत आदर्श गैसों के लिए लागू होता है।
- 📌 गतियात्मक सिद्धांत: गैसों के कणों की गति पर आधारित सिद्धांत।
- 📌 दाब: गैस के कणों द्वारा दीवारों पर लगाया गया बल प्रति इकाई क्षेत्रफल।
7.2 गैसों के गतियात्मक सिद्धांत की धारणाएँ
अवधारणा7.2 गैसों के गतियात्मक सिद्धांत की धारणाएँ
इस अनुभाग में गैसों के गतियात्मक सिद्धांत की मुख्य धारणाएँ दी गई हैं। ये धारणाएँ आदर्श गैसों के व्यवहार को समझने के लिए आवश्यक हैं। (1) गैसों के कणों का आकार अत्यंत छोटा होता है और उनका आयतन कुल गैस के आयतन की तुलना में नगण्य होता है। (2) गैसों के कणों के बीच कोई आकर्षण या विकर्षण बल नहीं होता। (3) कणों की गति यादृच्छिक होती है और वे निरंतर गतिशील रहते हैं। (4) कणों के बीच टक्कर पूर्णतः प्रत्यास्थ होती है, अर्थात टक्कर के बाद कुल ऊर्जा और संवेग संरक्षित रहता है। (5) गैस के कणों की गति की औसत ऊर्जा तापमान के समानुपाती होती है। (6) गैस के कणों की गति सभी दिशाओं में समान होती है।
- गैस के कणों का आयतन नगण्य होता है।
- कणों के बीच कोई आकर्षण या विकर्षण बल नहीं होता।
- कणों की गति यादृच्छिक और निरंतर होती है।
- टक्कर पूर्णतः प्रत्यास्थ होती है।
- औसत गतिज ऊर्जा तापमान के समानुपाती है।
- गति सभी दिशाओं में समान होती है।
- 📌 प्रत्यास्थ टक्कर: ऐसी टक्कर जिसमें ऊर्जा और संवेग संरक्षित रहता है।
- 📌 यादृच्छिक गति: बिना किसी निश्चित दिशा के कणों की गति।
7.3 गैसों के दाब की गणितीय व्याख्या
व्याख्या7.3 गैसों के दाब की गणितीय व्याख्या
इस अनुभाग में गैसों के दाब की गणितीय व्याख्या दी गई है। गैस के कणों की दीवारों से टक्कर के कारण दाब उत्पन्न होता है। यदि N कणों का द्रव्यमान m है और वे v औसत वेग से चल रहे हैं, तो दाब (P) = (1/3) × (N/V) × m × v²। यहाँ N/V गैस के कणों की संख्या घनत्व
SLM - Thermal and Statistical Physics (Hindi) के सभी 11 अध्याय
Thermal and Statistical Physics · Vardhman Mahaveer Open University