Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 परिचय
व्याख्या8.1 परिचय
इस अनुभाग में अवकल समीकरणों का परिचय दिया गया है। अवकल समीकरण गणित की वह शाखा है जिसमें किसी अज्ञात फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध स्थापित किया जाता है। अवकल समीकरणों का अध्ययन भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, इंजीनियरिंग आदि में किया जाता है। उदाहरण स्वरूप, गति के समीकरण, विद्युत परिपथ, जनसंख्या वृद्धि, रासायनिक अभिक्रियाएँ आदि में अवकल समीकरणों का प्रयोग होता है। इस अध्याय में हम युगपत अवकल समीकरणों (Simultaneous Differential Equations) का अध्ययन करेंगे, जिसमें दो या दो से अधिक अवकल समीकरणों को एक साथ हल किया जाता है।
- अवकल समीकरणों का उपयोग विभिन्न विज्ञानों में होता है।
- युगपत अवकल समीकरणों में दो या अधिक समीकरणों को एक साथ हल किया जाता है।
- अज्ञात फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध स्थापित किया जाता है।
- अवकल समीकरणों के हल से वास्तविक समस्याओं का समाधान मिलता है।
- इस अध्याय में युगपत अवकल समीकरणों के विभिन्न प्रकार और उनके हल की विधियाँ समझाई जाएंगी।
- 📌 अवकल समीकरण: वह समीकरण जिसमें किसी फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध होता है।
- 📌 युगपत अवकल समीकरण: दो या दो से अधिक अवकल समीकरणों का समूह जिन्हें एक साथ हल किया जाता है।
8.2 युगपत अवकल समीकरणों के प्रकार
अवधारणा8.2 युगपत अवकल समीकरणों के प्रकार
इस अनुभाग में युगपत अवकल समीकरणों के प्रकारों का वर्णन किया गया है। मुख्यतः दो प्रकार के युगपत अवकल समीकरण होते हैं: (1) रैखिक युगपत अवकल समीकरण, (2) गैर-रैखिक युगपत अवकल समीकरण। रैखिक समीकरणों में अज्ञात फलन और उसके अवकलन की घात 1 होती है तथा फलन के गुणनफल या भागफल नहीं होते। गैर-रैखिक समीकरणों में अज्ञात फलन या उसके अवकलन की घात 1 से अधिक होती है या उनका गुणनफल/भागफल होता है। इसके अतिरिक्त, समीकरणों को क्रम (order) और डिग्री (degree) के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है।
- युगपत अवकल समीकरण मुख्यतः रैखिक और गैर-रैखिक होते हैं।
- रैखिक समीकरणों में अज्ञात फलन और उसके अवकलन की घात 1 होती है।
- गैर-रैखिक समीकरणों में घात 1 से अधिक या गुणनफल/भागफल होता है।
- क्रम (order) समीकरण में उच्चतम अवकलन की संख्या दर्शाता है।
- डिग्री (degree) समीकरण में उच्चतम अवकलन की घात दर्शाता है।
- 📌 रैखिक अवकल समीकरण: जिसमें अज्ञात फलन और उसके अवकलन की घात 1 होती है।
- 📌 गैर-रैखिक अवकल समीकरण: जिसमें घात 1 से अधिक या गुणनफल/भागफल होता है।
- 📌 क्रम: समीकरण में उच्चतम अवकलन की संख्या।
8.3 युगपत अवकल समीकरणों का हल
व्याख्या8.3 युगपत अवकल समीकरणों का हल
इस अनुभाग में युगपत अवकल समीकरणों के हल की सामान्य विधियाँ बताई गई हैं। मुख्यतः दो विधियाँ प्रयोग की जाती हैं: (1) विलोपन विधि (Elimination Method), (2) प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method)। विलोपन विधि में एक समीकरण को दूसरे में जोड़कर या घटाकर एक
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