Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
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7.1 समघात रैखिक अवकल समीकरण की परिभाषा
परिभाषा7.1 समघात रैखिक अवकल समीकरण की परिभाषा
इस अनुभाग में समघात रैखिक अवकल समीकरण (Homogeneous Linear Differential Equation) की परिभाषा दी गई है। समघात रैखिक अवकल समीकरण वह समीकरण है जिसमें अवकलजों के गुणांक केवल स्वतंत्र चर (x) के फलन होते हैं और स्वतंत्र पद (free term) अनुपस्थित होता है। सामान्य रूप में, nवें क्रम का समघात रैखिक अवकल समीकरण इस प्रकार लिखा जाता है: P₀(x) dⁿy/dxⁿ + P₁(x) dⁿ⁻¹y/dxⁿ⁻¹ + ... + Pₙ(x) y = 0 जहाँ P₀(x), P₁(x), ..., Pₙ(x) स्वतंत्र चर x के फलन हैं तथा y आश्रित चर है। यदि समीकरण के दाएँ पक्ष में कोई स्वतंत्र पद न हो, तो वह समीकरण समघात कहलाता है। यदि दाएँ पक्ष में कोई फलन F(x) हो, तो समीकरण असमघात कहलाता है। इस अनुभाग में समघातता की शर्तें, समीकरण की रैखिकता तथा स्वतंत्र पद की अनुपस्थिति को विस्तार से समझाया गया है।
- समघात रैखिक अवकल समीकरण में स्वतंत्र पद अनुपस्थित होता है।
- समीकरण के सभी पद y या उसके अवकलज के रैखिक रूप में होते हैं।
- समीकरण के गुणांक स्वतंत्र चर के फलन होते हैं।
- यदि समीकरण के दाएँ पक्ष में कोई फलन F(x) हो, तो वह असमघात कहलाता है।
- nवें क्रम के समीकरण में y का अधिकतम अवकलज क्रम n होता है।
- 📌 समघात (Homogeneous): वह समीकरण जिसमें स्वतंत्र पद अनुपस्थित हो।
- 📌 रैखिक (Linear): समीकरण में y और उसके अवकलजों की घात अधिकतम 1 हो।
- 📌 अवकल समीकरण (Differential Equation): वह समीकरण जिसमें अवकलज सम्मिलित हों।
7.2 समघात रैखिक अवकल समीकरणों का सामान्य हल
व्याख्या7.2 समघात रैखिक अवकल समीकरणों का सामान्य हल
इस अनुभाग में समघात रैखिक अवकल समीकरणों के सामान्य हल (General Solution) की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। सामान्य हल वह हल है जिसमें n स्वतंत्र स्थिरांक होते हैं, जहाँ n समीकरण का क्रम है। सामान्य रूप से, nवें क्रम के समघात रैखिक अवकल समीकरण का सामान्य हल निम्नलिखित रूप में लिखा जाता है: y(x) = C₁y₁(x) + C₂y₂(x) + ... + Cₙyₙ(x) जहाँ y₁(x), y₂(x), ..., yₙ(x) समीकरण के रैखिक स्वतंत्र हल हैं और C₁, C₂, ..., Cₙ स्वतंत्र स्थिरांक हैं। इस अनुभाग में यह भी बताया गया है कि रैखिक स्वतंत्र हलों का रैखिक संयोजन भी समीकरण का हल होता है। साथ ही, विशेष हल और सामान्य हल के अंतर को भी स्पष्ट किया गया है।
- सामान्य हल में n स्वतंत्र स्थिरांक होते हैं।
- रैखिक स्वतंत्र हलों का संयोजन भी समीकरण का हल होता है।
- विशेष हल में स्थिरांकों को विशिष्ट मान देने पर प्राप्त होता है।
- सामान्य हल समीकरण के सभी संभावित हलों को दर्शाता है।
- रैखिक स्वतंत्रता की जाँच व्रॉन्स्कियन से की जाती है।
- 📌 सामान्य हल (General Solution): n स्वतंत्र स्थिरांकों वाला हल।
- 📌 विशेष हल (Particular Solution): सामान्य हल में स्थिरांकों को विशिष्ट मान देने पर प्राप्त हल।
- 📌 रैखिक स्वतंत्रता (Linear Independence): हलों का ऐसा समूह जिसमें कोई हल अन्य हलों का रैखिक संयोजन न हो।
7.3 रैखिक स्वतंत्रता और व्रॉन्स्कियन
अवधारणा7.3 रैखिक स्वतंत्रता और व्रॉन्स्कियन
इस अनुभाग में रैखिक स्वतंत्रता (Linear Independence) की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। यदि y₁(x), y₂(x), ..., yₙ(x) हलों का कोई समूह है, तो वे रैखिक रूप से स्वतंत्र कहलाते हैं यदि उनके लिए C₁y₁(x) + C₂y₂(x) + ... + Cₙyₙ(x) = 0 केवल तभी सत्य हो
SLM - Differential Equation (Hindi) के सभी 11 अध्याय
Differential Equation · Vardhman Mahaveer Open University