Chapter 13
Chapter 13 — अध्ययन नोट्स
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13.1 आंशिक अवकल समीकरणों का परिचय
व्याख्या13.1 आंशिक अवकल समीकरणों का परिचय
इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों (Partial Differential Equations) का परिचय दिया गया है। आंशिक अवकल समीकरण वे समीकरण होते हैं जिनमें एक से अधिक स्वतंत्र चर (independent variables) होते हैं और अवकलन (differentiation) आंशिक रूप से किया जाता है। इन समीकरणों में अज्ञात फलन (unknown function) का एक से अधिक चर के सापेक्ष आंशिक अवकलज (partial derivatives) शामिल होते हैं। भौतिक विज्ञान, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र, जैविकी आदि में आंशिक अवकल समीकरणों का विशेष महत्त्व है, जैसे ताप का प्रवाह, तरंगों का संचरण, विद्युत क्षेत्र का वितरण आदि। इस खंड में यह भी स्पष्ट किया गया है कि साधारण अवकल समीकरण (Ordinary Differential Equation) और आंशिक अवकल समीकरण में क्या अंतर है। साधारण अवकल समीकरण में केवल एक स्वतंत्र चर होता है जबकि आंशिक अवकल समीकरण में दो या अधिक स्वतंत्र चर होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि z = f(x, y) है, तो ∂z/∂x और ∂z/∂y आंशिक अवकलज कहलाते हैं।
- आंशिक अवकल समीकरणों में दो या अधिक स्वतंत्र चर होते हैं।
- इन समीकरणों में अज्ञात फलन के आंशिक अवकलज होते हैं।
- भौतिक विज्ञान में कई घटनाओं का गणितीय निरूपण आंशिक अवकल समीकरणों द्वारा होता है।
- साधारण अवकल समीकरण और आंशिक अवकल समीकरण में मुख्य अंतर स्वतंत्र चरों की संख्या है।
- आंशिक अवकल समीकरणों का सामान्य रूप F(x, y, z, ∂z/∂x, ∂z/∂y, ...) = 0 होता है।
- 📌 आंशिक अवकल समीकरण: जिसमें दो या अधिक स्वतंत्र चर तथा उनके आंशिक अवकलज होते हैं।
- 📌 आंशिक अवकलज: किसी फलन का एक चर के सापेक्ष अवकलन, अन्य चरों को स्थिर मानते हुए।
13.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण
व्याख्या13.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण
इस अनुभाग में यह बताया गया है कि आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण किस प्रकार किया जाता है। जब कोई फलन z = f(x, y, c₁, c₂, ...) दिया हो, जिसमें c₁, c₂ आदि निरंतरांक (constants) हों, तो इन निरंतरांकों को हटाने के लिए आंशिक अवकलन का प्रयोग किया जाता है। फलन को x और y के सापेक्ष आंशिक अवकलित कर समीकरण बनाए जाते हैं, जिससे निरंतरांक हट जाते हैं और प्राप्त समीकरण आंशिक अवकल समीकरण कहलाता है। इस प्रक्रिया को 'निर्माण' (Formation) कहते हैं।
- निर्माण के लिए दिए गए फलन को स्वतंत्र चरों के सापेक्ष आंशिक अवकलित किया जाता है।
- प्रत्येक निरंतरांक के लिए एक आंशिक अवकल समीकरण प्राप्त होता है।
- सभी निरंतरांकों को हटाकर एक आंशिक अवकल समीकरण प्राप्त किया जाता है।
- निर्माण प्रक्रिया में फलन के सामान्य रूप का उपयोग किया जाता है।
- यह प्रक्रिया भौतिक समस्याओं के गणितीय निरूपण में सहायक है।
- 📌 निर्माण: दिए गए फलन से निरंतरांकों को हटाकर आंशिक अवकल समीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया।
- 📌 निरंतरांक: फलन में उपस्थित स्थायी मान।
13.3 आंशिक अवकल समीकरणों के प्रकार
अवधारणा13.3 आंशिक अवकल समीकरणों के प्रकार
इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों के विभिन्न प्रकारों को समझाया गया है। मुख्यतः ये दो प्रकार के होते हैं: (i) रैखिक (Linear) आंशिक अवकल समीकरण, (ii) गैर-रैखिक (Non-linear) आंशिक अवकल समीकरण। रैखिक समीकरणों में अज्ञात फलन और उसके अवकलज की घात अधिकतम 1
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