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Chapter 15

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Differential Equation (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 14अध्याय 11 / 11

Chapter 15अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

15.1 परिचय

व्याख्या

15.1 परिचय

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों का परिचय दिया गया है। आंशिक अवकल समीकरण (Partial Differential Equation) वे समीकरण होते हैं जिनमें एक से अधिक स्वतंत्र चर और उनके आंशिक अवकलन (partial derivatives) सम्मिलित होते हैं। इन समीकरणों का अध्ययन गणित, भौतिकी, अभियांत्रिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान आदि में महत्वपूर्ण है क्योंकि ये प्राकृतिक घटनाओं जैसे ऊष्मा संचरण, तरंग संचरण, तरल प्रवाह आदि का गणितीय मॉडल प्रस्तुत करते हैं। आंशिक अवकल समीकरणों को हल करने के लिए विभिन्न विधियाँ अपनाई जाती हैं, जैसे प्रत्यक्ष विधि, पृथक्करण विधि, और समाकलन विधि। इस अध्याय में आंशिक अवकल समीकरणों की मूलभूत अवधारणाओं, निर्माण, और हल की विधियों का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।

  • आंशिक अवकल समीकरणों में एक से अधिक स्वतंत्र चर होते हैं।
  • इन समीकरणों में आंशिक अवकलन का प्रयोग होता है।
  • प्राकृतिक घटनाओं के गणितीय मॉडल में इनका उपयोग होता है।
  • हल करने के लिए विभिन्न विधियाँ उपलब्ध हैं।
  • इस अध्याय में मूलभूत अवधारणाओं का अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 आंशिक अवकल समीकरण: दो या अधिक स्वतंत्र चर वाले अवकल समीकरण।
  • 📌 आंशिक अवकलन: किसी चर के सापेक्ष अवकलन, अन्य चर को स्थिर मानते हुए।

15.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण

अवधारणा

15.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों के निर्माण की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया गया है। जब किसी भौतिक घटना या समस्या का गणितीय मॉडल तैयार किया जाता है, तो उसमें आश्रित और स्वतंत्र चर के बीच संबंध स्थापित किया जाता है। यदि आश्रित चर कई स्वतंत्र चर पर निर्भर करता है, तो आंशिक अवकल समीकरण बनता है। समीकरणों का निर्माण मुख्यतः दो विधियों से किया जाता है: (1) क्रियात्मक संबंधों से, (2) भौतिक नियमों से। क्रियात्मक संबंधों में, यदि y = f(x, t) है, तो y के x और t के सापेक्ष आंशिक अवकलन लेकर समीकरण तैयार किया जाता है। भौतिक नियमों में, जैसे ऊष्मा संचरण, तरंग संचरण आदि, संबंधित नियमों के अनुसार समीकरण बनता है।

  • आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण दो मुख्य विधियों से होता है।
  • क्रियात्मक संबंधों से समीकरण तैयार किया जाता है।
  • भौतिक नियमों से समीकरणों का निर्माण होता है।
  • आश्रित और स्वतंत्र चर के बीच संबंध स्थापित किया जाता है।
  • ऊष्मा, तरंग, तरल प्रवाह आदि के समीकरण इसी प्रकार बनते हैं।
  • 📌 क्रियात्मक संबंध: आश्रित और स्वतंत्र चर के बीच गणितीय संबंध।
  • 📌 भौतिक नियम: प्राकृतिक घटनाओं के लिए स्थापित नियम।

15.3 आंशिक अवकल समीकरणों का क्रम और डिग्री

परिभाषा

15.3 आंशिक अवकल समीकरणों का क्रम और डिग्री

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों के क्रम (Order) और डिग्री (Degree) की परिभाषा और पहचान की विधि दी गई है। किसी आंशिक अवकल समीकरण का क्रम उस समीकरण में उपस्थित सबसे उच्च क्रम के आंशिक अवकलन का क्रम होता है। डिग्री उस समीकरण में सबसे उच्च क्रम के आंशि