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Chapter 6

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Contemporary International Relations (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 5अध्याय 4 / 9Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

भूमिका

व्याख्या

भूमिका

इस अनुभाग में वैश्वीकरण की राजनीति का परिचय दिया गया है। वैश्वीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें विश्व के विभिन्न देश, समाज, अर्थव्यवस्थाएँ और संस्कृतियाँ आपस में निकट संबंध स्थापित करती हैं। यह प्रक्रिया आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में देखी जा सकती है। वैश्वीकरण के कारण विश्व के देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, तकनीक और विचारों का आदान-प्रदान तीव्र गति से बढ़ा है। 1990 के दशक के बाद भारत सहित अनेक देशों ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (एलपीजी) की नीतियाँ अपनाईं, जिससे वैश्वीकरण की प्रक्रिया और तेज़ हुई। वैश्वीकरण के समर्थक इसे आर्थिक विकास, रोज़गार और तकनीकी प्रगति का साधन मानते हैं, जबकि आलोचक इसे असमानता, सांस्कृतिक एकरूपता और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा मानते हैं। इस अध्याय में वैश्वीकरण के विभिन्न पहलुओं, इसके लाभ-हानि, और भारत पर इसके प्रभावों की चर्चा की गई है।

  • वैश्वीकरण विश्व के देशों को आपस में जोड़ने की प्रक्रिया है।
  • यह आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में होता है।
  • 1990 के दशक के बाद वैश्वीकरण की गति तेज़ हुई।
  • वैश्वीकरण के समर्थक और आलोचक दोनों हैं।
  • भारत में एलपीजी नीति के बाद वैश्वीकरण बढ़ा।
  • इस अध्याय में वैश्वीकरण के विभिन्न पहलुओं की चर्चा है।
  • 📌 वैश्वीकरण: विश्व के देशों, समाजों और अर्थव्यवस्थाओं का आपसी जुड़ाव।
  • 📌 एलपीजी: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीति।

वैश्वीकरण का अर्थ

अवधारणा

वैश्वीकरण का अर्थ

इस अनुभाग में वैश्वीकरण की परिभाषा, उसकी प्रकृति और उसके विभिन्न आयामों की चर्चा की गई है। वैश्वीकरण का अर्थ है – विश्व के विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, तकनीक, विचारों और लोगों का निर्बाध प्रवाह। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें राष्ट्रीय सीमाएँ कमज़ोर पड़ती हैं और विश्व एक 'वैश्विक गाँव' के रूप में उभरता है। वैश्वीकरण के मुख्य आयाम हैं: आर्थिक (व्यापार, निवेश, पूंजी प्रवाह), राजनीतिक (नीतियों, शासन प्रणालियों का प्रभाव), सामाजिक-सांस्कृतिक (संस्कृति, भाषा, जीवनशैली का प्रसार) और तकनीकी (इंटरनेट, सूचना तकनीक)। वैश्वीकरण के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) की भूमिका बढ़ी है।

  • वैश्वीकरण का अर्थ है – विश्व का एकीकरण।
  • इसमें वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, तकनीक और विचारों का प्रवाह शामिल है।
  • राष्ट्रीय सीमाएँ कमज़ोर होती हैं।
  • बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका बढ़ती है।
  • वैश्वीकरण के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी आयाम हैं।
  • 📌 बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी): ऐसी कंपनी, जिसका संचालन एक से अधिक देशों में होता है।
  • 📌 वैश्विक गाँव: वह स्थिति, जब पूरा विश्व एक गाँव की तरह आपस में जुड़ जाता है।

वैश्वीकरण के विभिन्न आयाम

व्याख्या

वैश्वीकरण के विभिन्न आयाम

इस अनुभाग में वैश्वीकरण के प्रमुख आयामों – आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और तकनीकी – की विस्तार से चर्चा की गई है। आर्थिक आयाम में अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी निवेश, पूंजी प्रवाह, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका, और वैश्विक बाज़ार का विस्तार