Chapter 11
Chapter 11 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
इस अनुभाग में यूरोप के पुनर्गठन की पृष्ठभूमि, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की स्थिति, और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में आए परिवर्तनों का परिचय दिया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से पूरी तरह बदल गया था। युद्ध के विनाश ने यूरोपीय देशों को पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित किया। अमेरिका और सोवियत संघ के उदय से शक्ति संतुलन में बड़ा परिवर्तन आया। यूरोप में नए राजनीतिक संगठन, आर्थिक सहयोग की संस्थाएँ और सुरक्षा संरचनाएँ स्थापित हुईं। इस समय यूरोपीय देशों को अपने अस्तित्व, सुरक्षा और विकास के लिए नए मार्ग तलाशने पड़े।
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में व्यापक विनाश हुआ।
- अमेरिका और सोवियत संघ दो महाशक्तियों के रूप में उभरे।
- यूरोपीय देशों को पुनर्निर्माण की आवश्यकता महसूस हुई।
- नए राजनीतिक और आर्थिक संगठन अस्तित्व में आए।
- यूरोप का पुनर्गठन अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
- 📌 पुनर्गठन: किसी व्यवस्था या संरचना का नए सिरे से निर्माण।
- 📌 द्वितीय विश्व युद्ध: 1939 से 1945 तक लड़ा गया वैश्विक युद्ध।
यूरोप का राजनीतिक पुनर्गठन
व्याख्यायूरोप का राजनीतिक पुनर्गठन
यूरोप का राजनीतिक पुनर्गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी। युद्ध के बाद यूरोप के कई देशों की सीमाएँ बदलीं, सरकारों का स्वरूप बदला और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना हुई। जर्मनी का विभाजन, पोलैंड की सीमाओं में परिवर्तन, और पूर्वी यूरोपीय देशों में साम्यवादी सरकारों का उदय प्रमुख घटनाएँ थीं। पश्चिमी यूरोप में लोकतांत्रिक शासन स्थापित हुआ जबकि पूर्वी यूरोप में सोवियत संघ के प्रभाव में साम्यवादी शासन लागू हुए। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को नया आयाम दिया।
- युद्ध के बाद जर्मनी को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया।
- पूर्वी यूरोप में सोवियत संघ का प्रभाव बढ़ा।
- पश्चिमी यूरोप में लोकतांत्रिक शासन स्थापित हुए।
- संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना से वैश्विक राजनीति में बदलाव आया।
- सीमाओं में परिवर्तन और नए देशों का उदय हुआ।
- 📌 लोकतंत्र: ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता को शासन में भागीदारी का अधिकार होता है।
- 📌 साम्यवाद: एक राजनीतिक विचारधारा जिसमें राज्य के नियंत्रण में उत्पादन के साधन होते हैं।
यूरोप का आर्थिक पुनर्गठन
व्याख्यायूरोप का आर्थिक पुनर्गठन
युद्ध के बाद यूरोप की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। उद्योग-धंधे नष्ट हो गए थे, व्यापार ठप हो गया था और बेरोजगारी बढ़ गई थी। ऐसे में यूरोपीय देशों ने आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए सहयोग की नीति अपनाई। अमेरिका द्वारा मार्शल योजना के तहत आर्थिक सहा
SLM - Contemporary International Relations (Hindi) के सभी 9 अध्याय
Contemporary International Relations · Vardhman Mahaveer Open University