Chapter 3
Chapter 3 — अध्ययन नोट्स
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3.1 अनुक्रम की परिभाषा
परिभाषा3.1 अनुक्रम की परिभाषा
इस अनुभाग में वास्तविक अनुक्रम (Real Sequence) की मूलभूत परिभाषा दी गई है। अनुक्रम संख्याओं का एक क्रमबद्ध संग्रह होता है, जिसमें प्रत्येक संख्या को एक निश्चित स्थान (स्थानांक) के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है। वास्तविक अनुक्रम वह अनुक्रम है जिसमें प्रत्येक पद वास्तविक संख्या होती है। इसे सामान्यतः a₁, a₂, a₃,..., aₙ,... के रूप में लिखा जाता है, जहाँ aₙ अनुक्रम का nवाँ पद है। अनुक्रम को एक फलन के रूप में भी देखा जा सकता है, जिसमें प्राकृतिक संख्याओं (N) से वास्तविक संख्याओं (R) में फलन होता है। अर्थात्, f: N → R, जहाँ f(n) = aₙ। अनुक्रम का प्रत्येक पद एक निश्चित नियम या सूत्र के अनुसार निर्धारित होता है। उदाहरण के लिए, aₙ = 1/n एक अनुक्रम है, जिसमें प्रत्येक पद 1/n के रूप में परिभाषित है।
- अनुक्रम संख्याओं का क्रमबद्ध संग्रह है।
- वास्तविक अनुक्रम में प्रत्येक पद वास्तविक संख्या होती है।
- अनुक्रम को फलन के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।
- प्रत्येक पद का स्थानांक प्राकृतिक संख्या होता है।
- अनुक्रम के पदों का निर्धारण एक नियम या सूत्र से होता है।
- 📌 अनुक्रम: संख्याओं का क्रमबद्ध संग्रह।
- 📌 वास्तविक अनुक्रम: ऐसा अनुक्रम जिसमें प्रत्येक पद वास्तविक संख्या हो।
3.2 अनुक्रम के प्रकार
अवधारणा3.2 अनुक्रम के प्रकार
इस अनुभाग में विभिन्न प्रकार के अनुक्रमों का वर्णन किया गया है। मुख्यतः दो प्रकार के अनुक्रम होते हैं: सीमित (Bounded) और असीमित (Unbounded) अनुक्रम। सीमित अनुक्रम वह है, जिसके सभी पद किसी निश्चित वास्तविक संख्या के भीतर रहते हैं। यदि कोई अनुक्रम ऊपर या नीचे से सीमित है, तो उसे क्रमशः ऊपर से सीमित (Bounded above) या नीचे से सीमित (Bounded below) कहते हैं। यदि कोई अनुक्रम ऊपर और नीचे दोनों से सीमित है, तो उसे सीमित अनुक्रम कहते हैं। इसके अतिरिक्त, एकांकी अनुक्रम (Constant Sequence) वह है, जिसमें सभी पद समान होते हैं। आरोही (Increasing) और अवरोही (Decreasing) अनुक्रम भी महत्वपूर्ण हैं। आरोही अनुक्रम में प्रत्येक पद अपने पूर्ववर्ती पद से बड़ा या बराबर होता है, जबकि अवरोही अनुक्रम में प्रत्येक पद अपने पूर्ववर्ती पद से छोटा या बराबर होता है।
- सीमित अनुक्रम के सभी पद एक निश्चित सीमा के भीतर होते हैं।
- एकांकी अनुक्रम के सभी पद समान होते हैं।
- आरोही अनुक्रम में aₙ ≤ aₙ₊₁ होता है।
- अवरोही अनुक्रम में aₙ ≥ aₙ₊₁ होता है।
- असीमित अनुक्रम के पदों की कोई सीमा नहीं होती।
- 📌 सीमित अनुक्रम: सभी पद एक सीमा के भीतर।
- 📌 एकांकी अनुक्रम: सभी पद समान।
- 📌 आरोही अनुक्रम: प्रत्येक पद अपने पूर्ववर्ती से बड़ा या बराबर।
3.3 अनुक्रम का सन्निकटन (Convergence)
अवधारणा3.3 अनुक्रम का सन्निकटन (Convergence)
इस अनुभाग में अनुक्रम के सन्निकटन (Convergence) की परिभाषा और उसका महत्व बताया गया है। किसी अनुक्रम का सन्निकटन तब होता है जब उसके पद n के बढ़ने पर किसी निश्चित वास्तविक संख्या L के समीप आते जाते हैं। इसे गणितीय रूप में ऐसे लिखा जाता है: किसी भी ε >
SLM - Real Analysis & Metric Space (Hindi) के सभी 13 अध्याय
Real Analysis & Metric Space · Vardhman Mahaveer Open University