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Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Real Analysis & Metric Space (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 12अध्याय 11 / 13Chapter 14

Chapter 13अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 समुच्चय एवं मेट्रिक स्पेस की पुनरावृत्ति

अवधारणा

13.1 समुच्चय एवं मेट्रिक स्पेस की पुनरावृत्ति

इस अनुभाग में समुच्चय (Set) और मेट्रिक स्पेस (Metric Space) की मूलभूत अवधारणाओं की पुनरावृत्ति की जाती है। समुच्चय गणित की आधारभूत इकाई है, जिसमें वस्तुओं का संग्रह होता है। मेट्रिक स्पेस एक ऐसी संरचना है जिसमें किसी भी दो बिंदुओं के बीच दूरी (Distance) को मापने के लिए एक मेट्रिक (Metric) परिभाषित होती है। मेट्रिक d(x, y) को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना चाहिए: (i) d(x, y) ≥ 0 (ii) d(x, y) = 0 केवल तब जब x = y (iii) d(x, y) = d(y, x) (iv) d(x, z) ≤ d(x, y) + d(y, z) (त्रिकोण असमतता)। इस अनुभाग में उदाहरणों के माध्यम से समुच्चय और मेट्रिक स्पेस की व्याख्या की जाती है।

  • समुच्चय गणित की मूलभूत इकाई है।
  • मेट्रिक स्पेस में दूरी मापने के लिए मेट्रिक का प्रयोग होता है।
  • मेट्रिक को चार शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
  • मेट्रिक स्पेस के उदाहरण: वास्तविक संख्याएँ, समुच्चय, आदि।
  • मेट्रिक स्पेस में बिंदुओं के बीच दूरी की अवधारणा महत्वपूर्ण है।
  • 📌 समुच्चय: वस्तुओं का संग्रह।
  • 📌 मेट्रिक स्पेस: ऐसा समुच्चय जिसमें मेट्रिक परिभाषित होती है।
  • 📌 मेट्रिक: दूरी मापने का नियम।

13.2 विवृत समुच्चय की परिभाषा एवं गुण

परिभाषा

13.2 विवृत समुच्चय की परिभाषा एवं गुण

विवृत समुच्चय (Open Set) की परिभाषा मेट्रिक स्पेस में दी जाती है। समुच्चय S, मेट्रिक स्पेस (X, d) का विवृत समुच्चय कहलाता है यदि X के प्रत्येक बिंदु x ∈ S के लिए कोई ε > 0 ऐसा हो कि सभी y ∈ X, जिनके लिए d(x, y) < ε, वे भी S में हों। अर्थात, S का प्रत्येक बिंदु 'आंतरिक बिंदु' है। विवृत समुच्चय के गुण: (i) X और रिक्त समुच्चय ∅ दोनों विवृत हैं। (ii) किसी भी विवृत समुच्चयों का संघ (Union) विवृत होता है। (iii) सीमित संख्या में विवृत समुच्चयों का छेदन (Intersection) विवृत होता है।

  • विवृत समुच्चय की परिभाषा मेट्रिक स्पेस पर आधारित है।
  • प्रत्येक बिंदु के आसपास एक विवृत गोला (Open Ball) होता है।
  • X और ∅ हमेशा विवृत समुच्चय होते हैं।
  • विवृत समुच्चयों का संघ विवृत होता है।
  • सीमित छेदन विवृत होता है।
  • 📌 विवृत समुच्चय: प्रत्येक बिंदु के आसपास विवृत गोला होता है।
  • 📌 विवृत गोला: B(x, r) = {y ∈ X : d(x, y) < r}

13.3 संवृत समुच्चय की परिभाषा एवं गुण

परिभाषा

13.3 संवृत समुच्चय की परिभाषा एवं गुण

संवृत समुच्चय (Closed Set) की परिभाषा: मेट्रिक स्पेस (X, d) में समुच्चय S संवृत कहलाता है यदि उसका पूरक (Complement) Sᶜ विवृत हो। अर्थात, S में सभी 'सीमा बिंदु' (Boundary Points) भी सम्मिलित होते हैं। संवृत समुच्चय के गुण: (i) X और ∅ दोनों संवृत हैं।