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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (Earliest Time to 1200 AD) (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 19Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में हम भारतीय उपमहाद्वीप में पूर्व पाषाण, नवपाषाण तथा ताम्रपाषाण कालीन संस्कृतियों का अध्ययन करेंगे। ये काल भारतीय इतिहास के आद्य युग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जब मानव ने पत्थर, तांबा आदि का उपयोग औजारों के रूप में करना आरंभ किया। इस काल के अध्ययन से हमें मानव सभ्यता के विकास, उसकी जीवन शैली, भोजन, आवास, सामाजिक संगठन, धार्मिक विश्वास तथा तकनीकी प्रगति की जानकारी मिलती है। इस काल के प्रमाण मुख्यतः पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त होते हैं, जिनमें औजार, हड्डियाँ, चित्र, मकान, कब्रें आदि शामिल हैं। इस अध्याय में हम इन सभ्यताओं के उद्भव, विकास, विशेषताएँ, तथा उनके पतन के कारणों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

  • पूर्व पाषाण, नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल भारतीय इतिहास के प्रारंभिक युग हैं।
  • इन कालों की जानकारी मुख्यतः पुरातात्विक प्रमाणों से मिलती है।
  • मानव ने पत्थर, तांबा आदि का औजारों के रूप में उपयोग करना सीखा।
  • इन कालों में मानव जीवन, भोजन, आवास, सामाजिक संगठन आदि में परिवर्तन आया।
  • इन कालों के अध्ययन से सभ्यता के विकास की प्रक्रिया समझी जा सकती है।
  • 📌 पूर्व पाषाण काल: पत्थर के प्रारंभिक औजारों का काल।
  • 📌 नवपाषाण काल: उन्नत पत्थर के औजारों और कृषि का काल।
  • 📌 ताम्रपाषाण काल: तांबा और पत्थर के संयुक्त उपयोग का काल।

पूर्व पाषाण काल

व्याख्या

पूर्व पाषाण काल

पूर्व पाषाण काल भारतीय इतिहास का सबसे प्राचीन काल है, जिसे पाषाण युग का प्रारंभिक चरण माना जाता है। इस काल की समयावधि लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व से 10,000 ईसा पूर्व तक मानी जाती है। इस काल में मानव शिकारी-संग्रहकर्ता था, जो भोजन के लिए शिकार करता और वनस्पतियाँ एकत्र करता था। औजार मुख्यतः पत्थर के बनते थे, जिनमें हाथ कुल्हाड़ी, स्क्रेपर, चाकू आदि शामिल थे। इस काल को तीन उपखंडों में बाँटा गया है – निम्न, मध्य और उच्च पूर्व पाषाण काल।

  • पूर्व पाषाण काल की समयावधि लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व से 10,000 ईसा पूर्व तक है।
  • मानव शिकारी-संग्रहकर्ता जीवन जीता था।
  • औजार मुख्यतः पत्थर के होते थे।
  • भीमबेटका, सोहन, बेलन घाटी आदि प्रमुख स्थल हैं।
  • इस काल को निम्न, मध्य और उच्च पूर्व पाषाण काल में बाँटा गया है।
  • 📌 शिकारी-संग्रहकर्ता: वह व्यक्ति जो शिकार और वनस्पति संग्रह कर जीवन यापन करता है।
  • 📌 हाथ कुल्हाड़ी: पत्थर का बना बड़ा औजार, जिसका उपयोग खुदाई, काटने आदि में होता था।

पूर्व पाषाण काल की विशेषताएँ

अवधारणा

पूर्व पाषाण काल की विशेषताएँ

पूर्व पाषाण काल की प्रमुख विशेषताएँ मानव जीवन, औजारों, भोजन, आवास और सामाजिक संगठन में देखी जा सकती हैं। इस काल में मानव छोटे-छोटे समूहों में रहता था और भोजन के लिए शिकार तथा वनस्पति संग्रह करता था। औजार मुख्यतः पत्थर के होते थे, जिन्हें काट-छाँटकर आ