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Chapter 10

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (Earliest Time to 1200 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 19Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में हम भारत के प्राचीन इतिहास के एक महत्वपूर्ण कालखंड का अध्ययन करेंगे, जिसमें इंडो-ग्रीक, शुंग, शक, कुषाण एवं सातवाहन वंशों का उदय एवं पतन हुआ। यह काल लगभग ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर तीसरी शताब्दी ईस्वी तक फैला हुआ है। इस समय भारत में अनेक विदेशी आक्रमण हुए, जिनका प्रभाव भारतीय राजनीति, समाज, धर्म, कला एवं संस्कृति पर पड़ा। इन वंशों के शासनकाल में भारत में सांस्कृतिक समन्वय, व्यापार, बौद्ध धर्म का प्रसार, तथा कला एवं वास्तुकला में नवाचार देखने को मिलता है। इस काल के सिक्के, अभिलेख, स्थापत्य एवं साहित्यिक स्रोत हमें इन वंशों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

  • ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से तीसरी शताब्दी ईस्वी तक का कालखंड।
  • इंडो-ग्रीक, शुंग, शक, कुषाण एवं सातवाहन वंशों का उदय।
  • विदेशी आक्रमणों का भारतीय समाज पर प्रभाव।
  • सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आर्थिक परिवर्तनों का युग।
  • सिक्कों, अभिलेखों एवं स्थापत्य से ऐतिहासिक जानकारी।
  • 📌 इंडो-ग्रीक: वे यूनानी शासक जिन्होंने भारत के उत्तर-पश्चिमी भागों पर शासन किया।
  • 📌 शुंग वंश: मौर्य वंश के पतन के बाद स्थापित भारतीय राजवंश।
  • 📌 शक: मध्य एशिया से आए विदेशी जाति के शासक।

इंडो-ग्रीक शासकों का आगमन और शासन

व्याख्या

इंडो-ग्रीक शासकों का आगमन और शासन

इंडो-ग्रीक शासकों का आगमन सिकंदर के आक्रमण के बाद हुआ। सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस ने भारत के उत्तर-पश्चिमी भागों पर अधिकार किया, किंतु चंद्रगुप्त मौर्य से पराजित होकर उसे क्षेत्र छोड़ना पड़ा। बाद में, बैक्ट्रिया (आधुनिक अफगानिस्तान) के यूनानी शासकों ने भारत में प्रवेश किया। सबसे प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक शासक मेनांडर (मिलिंद) था, जिसने मिलिंदपन्हो नामक बौद्ध ग्रंथ में उल्लेखित प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रसिद्धि पाई। इंडो-ग्रीक शासकों ने द्विभाषी सिक्के जारी किए, जिन पर यूनानी और प्राकृत भाषा में लेख होते थे। इन शासकों ने भारतीय संस्कृति को अपनाया और बौद्ध धर्म के प्रति झुकाव दिखाया।

  • सिकंदर के आक्रमण के बाद यूनानी शासकों का आगमन।
  • बैक्ट्रिया के यूनानी शासकों द्वारा भारत में राज्य स्थापना।
  • मेनांडर (मिलिंद) सबसे प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक शासक।
  • द्विभाषी सिक्कों का प्रचलन।
  • भारतीय संस्कृति एवं धर्म का प्रभाव।
  • 📌 मेनांडर: प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक शासक, जिसे मिलिंद भी कहते हैं।
  • 📌 मिलिंदपन्हो: बौद्ध ग्रंथ जिसमें मेनांडर और नागसेन के संवाद हैं।
  • 📌 द्विभाषी सिक्के: ऐसे सिक्के जिन पर दो भाषाओं में लेख होते हैं।

शुंग वंश का उदय

व्याख्या

शुंग वंश का उदय

मौर्य वंश के अंतिम शासक बृहद्रथ की हत्या उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने की और शुंग वंश की स्थापना की (ईसा पूर्व 185)। शुंग वंश का केंद्र पाटलिपुत्र था। पुष्यमित्र शुंग ने विदेशी आक्रमणों का सफलतापूर्वक सामना किया और वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया