Ch 13निःशुल्क

Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Solid State Physics (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 12अध्याय 13 / 15Chapter 14

Chapter 13अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 परिचय

व्याख्या

13.1 परिचय

इस अनुभाग में प्रकाशिक गुणों का परिचय दिया गया है। ठोस अवस्था भौतिकी में प्रकाशिक गुणों का अध्ययन पदार्थों के प्रकाश के साथ अन्तःक्रिया के आधार पर किया जाता है। जब प्रकाश किसी ठोस पदार्थ से गुजरता है या उस पर पड़ता है, तो वह पदार्थ के इलेक्ट्रॉनिक संरचना, बंधन, तथा क्रिस्टल संरचना के अनुसार विभिन्न प्रकार से प्रतिक्रिया करता है। प्रकाशिक गुणों में अपवर्तनांक, अवशोषण, परावर्तन, प्रकाश का प्रकीर्णन, तथा प्रकाश का संचरण शामिल होते हैं। इन गुणों के अध्ययन से हमें पदार्थ की संरचना, बंधन, तथा इलेक्ट्रॉनिक अवस्थाओं की जानकारी मिलती है। ठोस अवस्था में प्रकाश के साथ अन्तःक्रिया का अध्ययन करने के लिए क्वांटम यांत्रिकी, बैंड सिद्धांत, तथा इलेक्ट्रॉनिक संक्रमणों का उपयोग किया जाता है।

  • प्रकाशिक गुण पदार्थ के प्रकाश के साथ अन्तःक्रिया पर आधारित होते हैं।
  • अपवर्तन, अवशोषण, परावर्तन, प्रकीर्णन आदि प्रकाशिक गुणों में आते हैं।
  • प्रकाशिक गुणों से पदार्थ की इलेक्ट्रॉनिक संरचना का पता चलता है।
  • ठोस अवस्था में प्रकाश के साथ अन्तःक्रिया का अध्ययन क्वांटम यांत्रिकी द्वारा किया जाता है।
  • प्रकाशिक गुणों का उपयोग तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में होता है।
  • 📌 प्रकाशिक गुण: पदार्थ के प्रकाश के साथ अन्तःक्रिया के आधार पर होने वाले गुण।
  • 📌 अपवर्तनांक: किसी माध्यम में प्रकाश की गति का अनुपात।

13.2 प्रकाश का संचरण

अवधारणा

13.2 प्रकाश का संचरण

इस अनुभाग में प्रकाश के ठोस में संचरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है। जब प्रकाश किसी ठोस माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी गति कम हो जाती है और वह माध्यम के अपवर्तनांक के अनुसार संचरित होता है। ठोस पदार्थों में प्रकाश का संचरण इलेक्ट्रॉनिक बैंड संरचना पर निर्भर करता है। पारदर्शी ठोस जैसे कांच या क्रिस्टल में प्रकाश बिना अवशोषण के गुजर सकता है, जबकि अपारदर्शी ठोस जैसे धातु में प्रकाश का संचरण नहीं होता। प्रकाश का संचरण पदार्थ की संरचना, बंधन, तथा इलेक्ट्रॉनिक अवस्थाओं पर निर्भर करता है।

  • प्रकाश का संचरण ठोस में अपवर्तनांक पर निर्भर करता है।
  • पारदर्शी ठोस में प्रकाश बिना अवशोषण के गुजरता है।
  • अपारदर्शी ठोस में प्रकाश का संचरण नहीं होता।
  • संचरण इलेक्ट्रॉनिक बैंड संरचना से प्रभावित होता है।
  • संचरण के दौरान प्रकाश की गति कम हो जाती है।
  • 📌 संचरण: प्रकाश का माध्यम से गुजरना।
  • 📌 पारदर्शी: वह पदार्थ जिसमें प्रकाश का संचरण होता है।

13.3 प्रकाश का अवशोषण

व्याख्या

13.3 प्रकाश का अवशोषण

इस अनुभाग में ठोस में प्रकाश के अवशोषण की प्रक्रिया का अध्ययन किया गया है। जब प्रकाश ठोस में प्रवेश करता है, तो उसकी ऊर्जा इलेक्ट्रॉन द्वारा अवशोषित की जाती है, जिससे इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा अवस्था में चले जाते हैं। अवशोषण की प्रक्रिया बैंड गैप पर निर्