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रासायनिक बलगतिकी | Class 12 Chemistry Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 9 मिनट का पठन

रासायनिक बलगतिकी | Class 12 Chemistry Notes

रासायनिक बलगतिकी – this guide gives you a concise, exam-ready overview of रासायनिक बलगतिकी from Class 12 Chemistry, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

3.2 अभिक्रिया वेग को प्रभावित करने वाले कारक

अभिक्रिया वेग विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जिनमें प्रमुख हैं अभिकारकों की सांद्रता, तापमान, दाब (विशेषकर गैसीय अभिक्रियाओं में) और उत्प्रेरक। किसी अभिक्रिया का वेग नियम (Rate Law) अभिकारकों की सांद्रताओं के घातांकों के रूप में व्यक्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, सामान्य अभिक्रिया aA + bB → cC + dD के लिए वेग समीकरण होता है: वेग = k [A]^x [B]^y, जहाँ x और y वेग क्रम (order) के घातांक होते हैं जो स्टॉइकियोमीट्री गुणांक से भिन्न हो सकते हैं। वेग समीकरण प्रयोग द्वारा निर्धारित किया जाता है, न कि केवल समीकरण देखकर। अभिक्रिया की कुल कोटि x + y होती है, जो अभिक्रिया की गति पर सांद्रता के प्रभाव को दर्शाती है। अभिक्रियाओं को उनके वेग क्रम के आधार पर शून्य, प्रथम, द्वितीय आदि कोटि में वर्गीकृत किया जाता है। शून्य कोटि अभिक्रिया में वेग सांद्रता पर निर्भर नहीं करता, प्रथम कोटि में वेग सीधे सांद्रता के समानुपाती होता है, और द्वितीय कोटि में वेग सांद्रता के वर्ग के समानुपाती होता है। वेग स्थिरांक k की इकाई अभिक्रिया के क्रम पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त, अभिक्रिया की आण्विकता वह संख्या होती है जो प्राथमिक अभिक्रिया में संघट्ट करने वाले अणुओं की संख्या को दर्शाती है। जटिल अभिक्रियाओं में आण्विकता का अर्थ नहीं होता। उत्प्रेरक अभिक्रिया वेग को बढ़ाता है बिना स्वयं अभिक्रिया में स्थायी परिवर्तन हुए।

📊 Diagram: Table on page 8 (NO₂ के विरचन का प्रारंभिक वेग); Table on page 10 (वेग स्थिरांक की इकाइयाँ)

🧪 Activity: NO और O₂ के प्रारंभिक सांद्रताओं के प्रभाव का अध्ययन कर अभिक्रिया क्रम का निर्धारण।

🔗 Connection: अगले खंड में शून्य और प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के समाकलित वेग समीकरणों की व्युत्पत्ति की जाएगी।

Table on page 8 (5×4)

प्रयोगप्रारंभिक [NO]/mol L⁻¹प्रारंभिक [O₂]/mol L⁻¹NO₂ के विरचन का प्रारंभिक वेग/mol L⁻¹ s⁻¹
1.0.300.300.096
2.0.600.300.384
3.0.300.600.192
4.0.600.600.768

Table on page 10 (4×3)

अभिक्रियाकोटिवेग स्थिरांक की इकाई
शून्य कोटि अभिक्रिया0$$\frac{\text{mol L}^{-1}}{\text{s}} \times \frac{1}{(\text{mol L}^{-1})^0} = \text{mol L}^{-1}\text{s}^{-1}$$
प्रथम कोटि अभिक्रिया1$$\frac{\text{mol L}^{-1}}{\text{s}} \times \frac{1}{(\text{mol L}^{-1})^1} = \text{s}^{-1}$$
द्वितीय कोटि अभिक्रिया2$$\frac{\text{mol L}^{-1}}{\text{s}} \times \frac{1}{(\text{mol L}^{-1})^2} = \text{mol}^{-1}\text{L s}^{-1}$$

Table on page 4 (2×10)

t/s050100150200300400700800
[C₄H₉Cl]/mol L⁻¹0.1000.09050.08200.07410.06710.05490.04390.02100.017

Table on page 4 (8×5)

---------------
0.1000.09050501.90
0.09050.0820501001.70
0.08200.07411001501.58
0.07410.06711502001.40
0.06710.05492003001.22
0.05490.04393004001.10
0.04390.03354005001.04
0.02100.0177008000.4

Table on page 15 (3×6)

A(g)B(g)+C(g)
$ t = 0 $ समय पर$ p_i \text{ atm} $$ 0 \text{ atm} $$ 0 \text{ atm} $
$ t $ समय पर$ (p_i - x) \text{ atm} $$ x \text{ atm} $$ x \text{ atm} $

Table on page 16 (3×3)

क्र.सं.समय/sकुल दाब/atm
100.5
21000.512

Table on page 16 (2×4)

प्रारंभ में t = 00.5 atm0 atm0 atm
t समय पर(0.5 - 2x) atm2x atmx atm

Table on page 18 (2×7)

कोटिअभिक्रिया प्रकारअवकल वेग नियमसमाकलन वेग नियमसरल रेखा आलेखअधार्युk की इकाई

| 0 | R→P | d[R]/dt = -k | kt = [R]₀-[R] | [R] एवं t के मध्य | [R]₀/2k | सांद्रता समय⁻¹

Table on page 25 (2×5)

t/s0306090
[A]/ mol L⁻¹0.550.310.170.085

Table on page 26 (3×4)

A/ mol L⁻¹0.200.200.40
B/ mol L⁻¹0.300.100.05
r₀/mol L⁻¹s⁻¹5.07 × 10⁻⁵5.07 × 10⁻⁵1.43 × 10⁻⁴

Table on page 26 (5×4)

प्रयोग[A]/ mol L⁻¹[B]/ mol L⁻¹D के विरचन का प्रारंभिक वेग/mol L⁻¹ min⁻¹
I0.10.16.0 × 10⁻³
II0.30.27.2 × 10⁻²
III0.30.42.88 × 10⁻¹
IV0.40.12.40 × 10⁻²

Table on page 26 (5×4)

प्रयोग[A]/mol L⁻¹[B]/mol L⁻¹प्रारंभिक वेग/mol L⁻¹ min⁻¹
I0.10.12.0 × 10⁻²
II-0.24.0 × 10⁻²
III0.40.4-
IV-0.22.0 × 10⁻²

Table on page 26 (2×10)

t/s0400800120016002000240028003200
10² × [N₂O₅]/mol L⁻¹1.631.361.140.930.780.640.530.430.35

Table on page 27 (4×2)

t (sec)p (mm Hg में)
035.0
36054.0
72063.0

Table on page 27 (3×3)

प्रयोगसमय/sकुल दाब/atm
100.5
21000.6

Table on page 27 (2×6)

T/°C020406080
$10^5 \times k/\mathrm{s}^{-1}$0.07871.7025.71782140

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3.1 निम्न अभिक्रियाओं के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए। (i) $3 \mathrm{NO}(\mathrm{g}) \rightarrow \mathrm{N}_{2} \mathrm{O}(\mathrm{g})$ वेग = $k \left[ \mathrm{NO} \right]^{2}$ (ii) $\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}_{2} (\mathrm{aq}) + 3 \mathrm{I}^{-} (\mathrm{aq}) + 2 \mathrm{H}^{+} \rightarrow 2 \mathrm{H}_{2} \mathrm{O} (\mathrm{l}) + \mathrm{I}_{3}^{-}$ वेग = $k \left[ \mathrm{H}_{2} \mathrm{O}_{2} \right] \left[ \mathrm{I}^{-} \right]$ (iii) $\mathrm{CH}_{3} \mathrm{CHO} (\mathrm{g}) \rightarrow \mathrm{CH}_{4} (\mathrm{g}) + \mathrm{CO}(\mathrm{g})$ वेग = $k \left[ \mathrm{CH}_{3} \mathrm{CHO} \right]^{3/2}$ (iv) $\mathrm{C}_{2} \mathrm{H}_{5} \mathrm{Cl} (\mathrm{g}) \rightarrow \mathrm{C}_{2} \mathrm{H}_{4} (\mathrm{g}) + \mathrm{HCl} (\mathrm{g})$ वेग = $k \left[ \mathrm{C}_{2} \mathrm{H}_{5} \mathrm{Cl} \right]$

(i) अभिक्रिया: $3 \mathrm{NO} \rightarrow \mathrm{N}_2\mathrm{O}$ वेग समीकरण: $\text{वेग} = k[\mathrm{NO}]^2$ अभिक्रिया कोटि: अभिक्रिया कोटि वेग समीकरण में सांद्रता के घात के योग के बराबर होती है। यहाँ, कोटि = 2 वेग स्थिरांक की इकाई: वेग की इकाई mol L⁻¹ s⁻¹ होती है और सांद्रता की इकाई mol L⁻¹ होती है। इसलिए, $k$ की इकाई = (mol L⁻¹ s⁻¹) / (mol L⁻¹)² = mol⁻¹ L s⁻¹

(ii) अभिक्रिया: $\mathrm{H}_2\mathrm{O}_2 + 3 \mathrm{I}^- + 2 \mathrm{H}^+ \rightarrow 2 \mathrm{H}_2\mathrm{O} + \mathrm{I}_3^-$ वेग

3.2 अभिक्रिया $2 \mathrm{A} + \mathrm{B} \rightarrow \mathrm{A}_{2} \mathrm{B}$ के लिए, वेग = $k \left[ \mathrm{A} \left[ \mathrm{B} \right]^{2} \right]$ यहाँ $k$ का मान $2.0 \times 10^{-6} \mathrm{~mol}^{-2} \mathrm{~L}^{2} \mathrm{~s}^{-1}$ है। प्रारंभिक वेग की गणना कीजिए; जब [A] = 0.1 mol L⁻¹ एवं [B] = 0.2 mol L⁻¹ हो तथा अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए; जब [A] घट कर 0.06 mol L⁻¹ रह जाए।

दिया गया: वेग = k [A][B]^2 k = 2.0 × 10⁻⁶ mol⁻² L² s⁻¹ पहली स्थिति में: [A] = 0.1 mol L⁻¹, [B] = 0.2 mol L⁻¹

प्रारंभिक वेग = k × [A] × [B]^2 = 2.0 × 10⁻⁶ × 0.1 × (0.2)^2 = 2.0 × 10⁻⁶ × 0.1 × 0.04 = 8.0 × 10⁻⁹ mol L⁻¹ s⁻¹

दूसरी स्थिति में: [A] = 0.06 mol L⁻¹, [B] = 0.2 mol L⁻¹

वेग = 2.0 × 10⁻⁶ × 0.06 × (0.2)^2 = 2.0 × 10⁻⁶ × 0.06 × 0.04 = 4.8 × 10⁻⁹ mol L⁻¹ s⁻¹

3.3 प्लैटिनम सतह पर $\mathrm{NH}_{3}$ का अपघटन शून्य कोटि की अभिक्रिया है। $\mathrm{N}_{2}$ एवं $\mathrm{H}_{2}$ के उत्पादन की दर क्या होगी जब $k$ का मान $2.5 \times 10^{-4} \mathrm{~mol} \mathrm{~L}^{-1} \mathrm{~s}^{-1}$ हो?

शून्य कोटि अभिक्रिया में वेग स्थिरांक $k$ ही वेग होता है क्योंकि सांद्रता का प्रभाव नहीं होता।

इसलिए, $\mathrm{N}_2$ और $\mathrm{H}_2$ के उत्पादन की दर = $k = 2.5 \times 10^{-4} \mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1} \mathrm{s}^{-1}$

3.4 डाइमेथिल ईथर के अपघटन से $\mathrm{CH}_{4}, \mathrm{H}_{2}$ तथा $\mathrm{CO}$ बनते हैं। इस अभिक्रिया का वेग निम्न समीकरण द्वारा दिया जाता है— $$ \text{वेग} = k \left[ \mathrm{CH}_{3} \mathrm{OCH}_{3} \right]^{3/2} $$ अभिक्रिया के वेग का अनुगमन बंद पात्र में बढ़ते दाब द्वारा किया जाता है, अत: वेग समीकरण को डाइमेथिल ईथर के आधिक दाब के पद में भी दिया जा सकता है। अत: $$ \text{वेग} = k \left( p_{\mathrm{CH}_{3} \mathrm{OCH}_{3}} \right)^{3/2} $$ यदि दाब को bar में तथा समय को मिनट में मापा जाये तो अभिक्रिया के वेग एवं वेग स्थिरांक की इकाइयाँ क्या होंगी?

दिया गया: वेग = k (p_{CH3OCH3})^{3/2}

दाब की इकाई: bar समय की इकाई: मिनट

वेग की इकाई: mol L⁻¹ min⁻¹ (सामान्यतः)

चूंकि वेग = k × (दाब)^{3/2}

इसलिए,

k की इकाई = (mol L⁻¹ min⁻¹) / (bar)^{3/2} = mol L⁻¹ min⁻¹ bar^{-3/2}

अतः,

वेग की इकाई: mol L⁻¹ min⁻¹ वेग स्थिरांक की इकाई: mol L⁻¹ min⁻¹ bar^{-3/2}

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