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Software Process Evolutionary Models 28 - 36

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Software Engineering (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 3अध्याय 9 / 20Chapter 4

Software Process Evolutionary Models 28 - 36अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

3.1 सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल का परिचय

व्याख्या

3.1 सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल का परिचय

इस अनुभाग में सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल की मूलभूत अवधारणा का परिचय दिया गया है। सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल वह ढांचा है, जिसके अंतर्गत सॉफ्टवेयर विकास की विभिन्न गतिविधियाँ और चरण व्यवस्थित रूप से परिभाषित किए जाते हैं। यह मॉडल सॉफ्टवेयर निर्माण के लिए आवश्यक कार्यों, उनके अनुक्रम, और नियंत्रण को स्पष्ट करता है। सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल का उद्देश्य सॉफ्टवेयर विकास को सुव्यवस्थित, नियंत्रित और गुणवत्ता युक्त बनाना है। विभिन्न प्रक्रिया मॉडल जैसे वॉटरफॉल, इटरटिव, स्पाइरल आदि, सॉफ्टवेयर विकास के विभिन्न दृष्टिकोणों को दर्शाते हैं। प्रत्येक मॉडल की अपनी विशेषताएँ, लाभ और सीमाएँ होती हैं। इस अनुभाग में प्रक्रिया मॉडल की आवश्यकता, उनके प्रकार और उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई है।

  • सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल सॉफ्टवेयर विकास के चरणों का ढांचा प्रदान करता है।
  • यह मॉडल कार्यों के अनुक्रम और नियंत्रण को स्पष्ट करता है।
  • प्रक्रिया मॉडल गुणवत्ता और समय प्रबंधन में सहायक होते हैं।
  • विभिन्न प्रक्रिया मॉडल विभिन्न परियोजना आवश्यकताओं के अनुसार चुने जाते हैं।
  • प्रक्रिया मॉडल सॉफ्टवेयर विकास के जोखिमों को कम करने में मदद करते हैं।
  • 📌 सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल: सॉफ्टवेयर विकास के चरणों का ढांचा।
  • 📌 वॉटरफॉल मॉडल: एक अनुक्रमिक प्रक्रिया मॉडल।
  • 📌 इटरटिव मॉडल: पुनरावृत्तियों के माध्यम से विकास।

3.2 वॉटरफॉल मॉडल

अवधारणा

3.2 वॉटरफॉल मॉडल

वॉटरफॉल मॉडल सॉफ्टवेयर विकास का सबसे पुराना और सरल प्रक्रिया मॉडल है। इसमें विकास के चरण क्रमशः एक के बाद एक पूरे किए जाते हैं। प्रत्येक चरण की पूर्णता के बाद ही अगला चरण शुरू होता है। वॉटरफॉल मॉडल में आवश्यकताओं का विश्लेषण, सिस्टम डिजाइन, कार्यान्वयन, परीक्षण, और रखरखाव शामिल होते हैं। इस मॉडल की विशेषता है कि इसमें पीछे लौटना कठिन होता है, अर्थात् यदि किसी चरण में त्रुटि रह जाए तो उसे सुधारने के लिए पुनः सभी चरणों को दोहराना पड़ता है। वॉटरफॉल मॉडल उन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है, जहाँ आवश्यकताएँ स्पष्ट और स्थिर होती हैं।

  • वॉटरफॉल मॉडल में विकास के चरण अनुक्रमिक होते हैं।
  • हर चरण की पूर्णता के बाद ही अगला चरण शुरू होता है।
  • यह मॉडल स्थिर आवश्यकताओं वाली परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है।
  • त्रुटि सुधार के लिए पीछे लौटना कठिन होता है।
  • वॉटरफॉल मॉडल में दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
  • 📌 वॉटरफॉल मॉडल: अनुक्रमिक सॉफ्टवेयर प्रक्रिया मॉडल।
  • 📌 दस्तावेजीकरण: प्रत्येक चरण का लिखित विवरण।

3.3 इटरटिव और इवोल्यूशनरी मॉडल

व्याख्या

3.3 इटरटिव और इवोल्यूशनरी मॉडल

इटरटिव और इवोल्यूशनरी मॉडल सॉफ्टवेयर विकास में पुनरावृत्ति और क्रमिक सुधार की अवधारणा पर आधारित हैं। इटरटिव मॉडल में सॉफ्टवेयर को छोटे-छोटे चरणों में विकसित किया जाता है, प्रत्येक चरण में सॉफ्टवेयर का एक संस्करण तैयार होता है। प्रत्येक पुनरावृत्ति मे