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Chapter 1

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Software Engineering (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

Chapter 1अध्ययन नोट्स

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1.1 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का परिचय

व्याख्या

1.1 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का परिचय

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है जिसमें सॉफ्टवेयर प्रणालियों के विकास, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए सिद्धांतों, विधियों और उपकरणों का अध्ययन किया जाता है। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले, समय पर और बजट के भीतर सॉफ्टवेयर उत्पादों का निर्माण करना है। पारंपरिक प्रोग्रामिंग के विपरीत, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में टीम वर्क, प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में जटिलता, लागत और रखरखाव की समस्याएँ सामने आईं। इसने सॉफ्टवेयर संकट (Software Crisis) को जन्म दिया, जिसमें प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं होते थे, लागत बढ़ जाती थी और गुणवत्ता में कमी आती थी। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग इन समस्याओं का समाधान प्रदान करती है। इसमें सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र (Software Development Life Cycle - SDLC), विभिन्न मॉडल्स, परीक्षण, रखरखाव, गुणवत्ता आश्वासन आदि शामिल हैं।

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर विकास की व्यवस्थित प्रक्रिया है।
  • यह गुणवत्ता, लागत और समय प्रबंधन पर केंद्रित है।
  • सॉफ्टवेयर संकट के समाधान के लिए इसकी आवश्यकता पड़ी।
  • इसमें टीम वर्क, प्रक्रियाएँ और दस्तावेजीकरण महत्वपूर्ण हैं।
  • सॉफ्टवेयर उत्पादों की विश्वसनीयता और रखरखाव सुनिश्चित करती है।
  • 📌 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग: सॉफ्टवेयर विकास की व्यवस्थित और अनुशासित प्रक्रिया।
  • 📌 सॉफ्टवेयर संकट: बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में आने वाली समस्याएँ जैसे देरी, लागत वृद्धि, गुणवत्ता में कमी।

1.2 सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अंतर

अवधारणा

1.2 सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अंतर

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंप्यूटर प्रणाली के दो मुख्य घटक हैं। हार्डवेयर वे भौतिक उपकरण हैं जिन्हें छुआ जा सकता है, जैसे मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, मदरबोर्ड आदि। सॉफ्टवेयर वह प्रोग्राम या निर्देशों का समूह है जो हार्डवेयर को कार्य करने के लिए निर्देशित करता है। सॉफ्टवेयर अमूर्त (abstract) होता है, जबकि हार्डवेयर मूर्त (tangible) होता है। सॉफ्टवेयर को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहित किया जाता है और इसे बार-बार बदला या अपडेट किया जा सकता है, जबकि हार्डवेयर को बदलना कठिन और महँगा होता है। सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर व्यर्थ है, क्योंकि उसे कोई कार्य नहीं सौंपा जा सकता। दोनों का आपसी संबंध कंप्यूटर प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक है।

  • हार्डवेयर भौतिक उपकरण होते हैं, सॉफ्टवेयर अमूर्त प्रोग्राम।
  • सॉफ्टवेयर हार्डवेयर को निर्देशित करता है।
  • हार्डवेयर को छुआ जा सकता है, सॉफ्टवेयर को नहीं।
  • सॉफ्टवेयर को आसानी से बदला जा सकता है, हार्डवेयर को नहीं।
  • दोनों का आपसी संबंध कंप्यूटर के लिए आवश्यक है।
  • 📌 हार्डवेयर: कंप्यूटर के भौतिक घटक।
  • 📌 सॉफ्टवेयर: कंप्यूटर को निर्देश देने वाले प्रोग्राम।

1.3 सॉफ्टवेयर के प्रकार

व्याख्या

1.3 सॉफ्टवेयर के प्रकार

सॉफ्टवेयर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर। सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर हार्डवेयर और उपयोगकर्ता के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, यूटिलिटी प्रोग्राम्स, डिवाइस ड्राइवर्स आदि शामिल हैं। एप्लिकेश