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Prof. (Dr.) M.C.Govil 4. Dr. (Mrs.) Madhavi Sinha

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Software Engineering (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Prof. (Dr.) M.C.Govil 4. Dr. (Mrs.) Madhavi Sinhaअध्ययन नोट्स

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2.1 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का परिचय

व्याख्या

2.1 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का परिचय

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है, जिसमें सॉफ्टवेयर के विकास, संचालन और अनुरक्षण के लिए व्यवस्थित, अनुशासित और मात्रात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर उत्पादों का निर्माण करना है, जो समय पर, बजट के भीतर और ग्राहक की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में विभिन्न सिद्धांतों, विधियों, औजारों और तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे सॉफ्टवेयर विकास की प्रक्रिया को अधिक कुशल, विश्वसनीय और लागत प्रभावी बनाया जा सके। यह क्षेत्र सॉफ्टवेयर के जीवन चक्र के सभी चरणों को कवर करता है, जिसमें आवश्यकताओं का संकलन, डिजाइन, कोडिंग, परीक्षण, परिनियोजन और अनुरक्षण शामिल हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का विकास 1960 के दशक में 'सॉफ्टवेयर संकट' के परिणामस्वरूप हुआ, जब बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स समय पर और बजट के भीतर पूरा नहीं हो पा रहे थे। इसके समाधान के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को अपनाया गया, जिससे सॉफ्टवेयर विकास में पेशेवरता और गुणवत्ता आई।

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर विकास की एक व्यवस्थित प्रक्रिया है।
  • यह सॉफ्टवेयर उत्पादों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और लागत को नियंत्रित करती है।
  • इसमें सॉफ्टवेयर जीवन चक्र के सभी चरण शामिल होते हैं।
  • सॉफ्टवेयर संकट के समाधान हेतु इसकी आवश्यकता महसूस हुई।
  • इसमें विभिन्न मॉडल, औजार और तकनीकों का उपयोग होता है।
  • 📌 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग: सॉफ्टवेयर के विकास, संचालन और अनुरक्षण की व्यवस्थित प्रक्रिया।
  • 📌 सॉफ्टवेयर संकट: वह स्थिति जब बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स समय पर और बजट के भीतर पूरा नहीं हो पाते।

2.2 सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अंतर

अवधारणा

2.2 सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अंतर

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंप्यूटर प्रणाली के दो प्रमुख घटक हैं, जिनकी भूमिकाएँ भिन्न होती हैं। हार्डवेयर वे भौतिक उपकरण हैं, जिन्हें हम छू सकते हैं, जैसे कि कीबोर्ड, मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर आदि। दूसरी ओर, सॉफ्टवेयर वे प्रोग्राम और निर्देश हैं, जो हार्डवेयर को कार्य करने के लिए निर्देशित करते हैं। सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर निष्क्रिय रहता है, जबकि हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर का कोई अस्तित्व नहीं है। सॉफ्टवेयर को अद्यतन (अपडेट) और अनुरक्षित (मेंटेन) किया जा सकता है, जबकि हार्डवेयर को भौतिक रूप से बदलना पड़ता है। सॉफ्टवेयर अमूर्त (abstract) होता है, जबकि हार्डवेयर मूर्त (tangible) होता है। दोनों के बीच तालमेल से ही कंप्यूटर प्रणाली सुचारू रूप से कार्य करती है।

  • हार्डवेयर भौतिक उपकरण हैं, जबकि सॉफ्टवेयर निर्देशों का समूह है।
  • सॉफ्टवेयर अमूर्त होता है, हार्डवेयर मूर्त होता है।
  • सॉफ्टवेयर को अद्यतन किया जा सकता है, हार्डवेयर को बदलना पड़ता है।
  • दोनों मिलकर कंप्यूटर प्रणाली को कार्यशील बनाते हैं।
  • 📌 हार्डवेयर: कंप्यूटर के भौतिक घटक, जिन्हें छू सकते हैं।
  • 📌 सॉफ्टवेयर: निर्देशों का समूह, जो हार्डवेयर को कार्य करने के लिए निर्देशित करता है।

2.3 सॉफ्टवेयर के प्रकार

अवधारणा

2.3 सॉफ्टवेयर के प्रकार

सॉफ्टवेयर को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर। सिस्टम सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर है, जो कंप्यूटर हार्डवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे विंडोज, ल