Rajasthan under British Rule and Subsidiary Alliance
Rajasthan under British Rule and Subsidiary Alliance — अध्ययन नोट्स
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ब्रिटिश शासन की स्थापना से पूर्व राजस्थान की राजनीतिक स्थिति
व्याख्याब्रिटिश शासन की स्थापना से पूर्व राजस्थान की राजनीतिक स्थिति
ब्रिटिश शासन के आगमन से पूर्व राजस्थान अनेक स्वतंत्र और अर्ध-स्वतंत्र राजपूत रियासतों में बंटा हुआ था। ये रियासतें आपसी संघर्ष, बाहरी आक्रमणों (विशेषकर मराठा और अफगान आक्रमण) और आपसी ईर्ष्या के कारण कमजोर हो गई थीं। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठों का प्रभाव राजस्थान की राजनीति पर बढ़ गया था। अधिकांश रियासतें अपनी रक्षा के लिए एक-दूसरे से या बाहरी शक्तियों से संधि करने को विवश थीं। इस अस्थिरता का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने धीरे-धीरे राजस्थान की रियासतों को अपने अधीन किया। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • 1817-18 के बाद अधिकांश रियासतें अंग्रेजों के अधीन हो गईं। • राजस्थान को ब्रिटिश काल में 'राजपूताना' कहा जाने लगा। • मुगल साम्राज्य की कमजोरी के बाद राजस्थान की रियासतें स्वतंत्र हो गई थीं। • प्रश्न अक्सर रियासतों की संख्या, नाम और मराठा प्रभाव पर पूछे जाते हैं। • मुगल और मराठा काल के अंतर्गत राजस्थान की स्थिति याद रखें।
- 18वीं शताब्दी के अंत तक राजस्थान में 22 प्रमुख रियासतें थीं।
- मराठों के हमलों के कारण रियासतें आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर हो गई थीं।
- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, बूंदी, जैसलमेर, भरतपुर, धौलपुर आदि प्रमुख रियासतें थीं।
- रियासतों के आपसी संघर्षों ने उनकी सामूहिक शक्ति को क्षीण कर दिया।
- राजस्थान की रियासतें दिल्ली के मुगल सम्राट की नाममात्र अधीनता स्वीकार करती थीं।
- 📌 रियासत: एक स्वतंत्र या अर्ध-स्वतंत्र राज्य
- 📌 मराठा प्रभाव: मराठों का राजस्थान की राजनीति में हस्तक्षेप
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की राजस्थान में प्रवेश प्रक्रिया
व्याख्याब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की राजस्थान में प्रवेश प्रक्रिया
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने राजस्थान में अपने प्रभाव का विस्तार 19वीं सदी के प्रारंभ में प्रारंभ किया। मराठों और पिंडारियों के आक्रमणों से त्रस्त रियासतों ने अंग्रेजों से सुरक्षा की आशा की। अंग्रेजों ने 'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance) के माध्यम से रियासतों को अपने अधीन किया। सबसे पहले 1817 में कोटा और बूंदी ने अंग्रेजों से संधि की। इसके बाद अन्य रियासतें भी एक-एक कर अंग्रेजों के संरक्षण में आईं। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • 1817-18 में अधिकांश रियासतें अंग्रेजों के अधीन हो गईं। • अजमेर 1818 में ब्रिटिश क्षेत्र बना, बाकी रियासतें संरक्षित राज्य (Princely States) रहीं। • राजस्थान में अंग्रेजों का शासन अप्रत्यक्ष (Indirect Rule) था। • सहायक संधि के वर्ष, रियासतों के नाम और क्रम याद रखें। • अजमेर का विशेष दर्जा अक्सर पूछा जाता है।
- 1817 में कोटा, बूंदी और करौली ने सहायक संधि पर हस्ताक्षर किए।
- 1818 में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, भरतपुर, धौलपुर आदि ने अंग्रेजों से संधि की।
- ब्रिटिश सैन्य छावनियां (Cantonments) अजमेर, नीमच, एरिनपुरा आदि में स्थापित की गईं।
- अंग्रेजों ने रियासतों को आंतरिक स्वायत्तता दी, परंतु विदेश नीति और रक्षा उनके अधीन रही।
- राजस्थान में अंग्रेजों का प्रवेश मुख्यतः संधियों के माध्यम से हुआ, न कि सीधे युद्ध द्वारा।
- 📌 सहायक संधि (Subsidiary Alliance): एक ऐसी संधि जिसमें रियासत अंग्रेजों की सुरक्षा के बदले अपनी विदेश नीति अंग्रेजों के अधीन कर देती थी।
- 📌 सैन्य छावनी: अंग्रेजी सेना के स्थायी ठिकाने
सहायक संधि (Subsidiary Alliance) की अवधारणा एवं कार्यप्रणाली
अवधारणासहायक संधि (Subsidiary Alliance) की अवधारणा एवं कार्यप्रणाली
सहायक संधि (Subsidiary Alliance) लॉर्ड वेलेजली द्वारा 1798 में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य भारतीय रियासतों को अंग्रेजों के अधीन लाना था। इस संधि के तहत रियासतें अंग्रेजों की सुरक्षा स्वीकार करती थीं और बदले में अंग्रेजी सेना का खर्च उठाती थीं। रि
राजस्थान का इतिहास के सभी 15 अध्याय
History of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge