Delhi Sultanate and Rajasthan
Delhi Sultanate and Rajasthan — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
दिल्ली सल्तनत का उदय एवं राजस्थान पर प्रभाव
व्याख्यादिल्ली सल्तनत का उदय एवं राजस्थान पर प्रभाव
दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate) का उदय 1206 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक के शासन से हुआ। राजस्थान के तत्कालीन राजपूत राज्यों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। सल्तनत के शासकों ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के माध्यम से अपना प्रभुत्व स्थापित करने का प्रयास किया। प्रारंभिक सल्तनत काल में अजमेर, रणथंभौर, चित्तौड़, जालौर, नागौर आदि प्रमुख राजपूत राज्यों पर बार-बार आक्रमण हुए। सल्तनत के शासकों ने राजस्थान के किलों पर अधिकार करने के लिए अनेक युद्ध किए, जिससे स्थानीय राजपूत राज्यों की शक्ति कमजोर हुई। राजस्थान की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संरचना में भी परिवर्तन आया। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1192 ई. में अजमेर पर अधिकार किया। • इल्तुतमिश ने 1236 ई. में रणथंभौर पर आक्रमण किया। • अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 ई. में चित्तौड़ पर विजय प्राप्त की। • सल्तनत के प्रमुख आक्रमणों की तिथियाँ याद रखें। • किस सल्तान ने किस किले पर कब आक्रमण किया, यह अक्सर पूछा जाता है।
- 1206 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली सल्तनत की स्थापना की।
- रणथंभौर (Ranthambore) पर इल्तुतमिश (Iltutmish) ने 1236 ई. में आक्रमण किया।
- अजमेर (Ajmer) पर मोहम्मद गौरी ने 1192 ई. में कब्जा किया।
- चित्तौड़ (Chittor) पर अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) ने 1303 ई. में आक्रमण किया।
- राजस्थान के राजपूत राज्यों ने सल्तनत के विरुद्ध कई बार संघटित प्रतिरोध किया।
- 📌 सल्तनत: मुस्लिम शासकों द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था
- 📌 राजपूत: राजस्थान के योद्धा वंश
- 📌 आक्रमण: बाहरी शक्तियों द्वारा सैन्य हमला
राजस्थान के प्रमुख राजपूत राज्य और सल्तनत के साथ संघर्ष
व्याख्याराजस्थान के प्रमुख राजपूत राज्य और सल्तनत के साथ संघर्ष
दिल्ली सल्तनत के काल में राजस्थान के प्रमुख राजपूत राज्य - मेवाड़, मारवाड़, अजमेर, रणथंभौर, जालौर, बूंदी, कोटा, बयाना आदि थे। इन राज्यों ने सल्तनत के विस्तार का कड़ा विरोध किया। रणथंभौर का हम्मीर देव चौहान, चित्तौड़ के राणा हम्मीर, अजमेर के पृथ्वीराज चौहान, जालौर के कान्हड़देव आदि ने सल्तनत के विरुद्ध वीरता का प्रदर्शन किया। सल्तनत के शासकों ने इन राज्यों को अपने अधीन करने के लिए बार-बार सैन्य अभियान चलाए, जिससे राजस्थान की राजनीतिक स्थिति अस्थिर रही। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • रणथंभौर के हम्मीर देव चौहान ने 1301 ई. में अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध किया। • जालौर के कान्हड़देव ने 1311 ई. में खिलजी सेना का सामना किया। • चित्तौड़ के राणा हम्मीर ने 1326 ई. में मेवाड़ को पुनः स्वतंत्र किया। • राजस्थान के किस राज्य ने किस सल्तान से संघर्ष किया, यह पूछा जाता है। • रणथंभौर, जालौर, चित्तौड़ के संघर्षों की तिथियाँ याद रखें।
- रणथंभौर के हम्मीर देव ने खिलजी के विरुद्ध संघर्ष किया।
- जालौर के कान्हड़देव ने अलाउद्दीन खिलजी से वीरता से युद्ध किया।
- चित्तौड़ के राणा हम्मीर ने सल्तनत की अधीनता अस्वीकार की।
- अजमेर के पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी से युद्ध किया।
- राजस्थान के राजपूत राज्यों ने बार-बार सल्तनत के विरुद्ध संघटित संघर्ष किया।
- 📌 संघर्ष: विरोध या युद्ध की स्थिति
- 📌 राजपूत राज्य: राजस्थान के स्वतंत्र शासक क्षेत्र
सल्तनत काल के प्रमुख युद्ध एवं राजस्थान
अवधारणासल्तनत काल के प्रमुख युद्ध एवं राजस्थान
सल्तनत काल में राजस्थान के किलों और राजपूत राज्यों के विरुद्ध कई निर्णायक युद्ध लड़े गए। इनमें तराइन का युद्ध (1191, 1192), रणथंभौर का युद्ध (1301), चित्तौड़ का युद्ध (1303), जालौर का युद्ध (1311) आदि प्रमुख हैं। इन युद्धों में राजपूतों ने अदम्य साहस
राजस्थान का इतिहास के सभी 15 अध्याय
History of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge