Major Rajput Dynasties - Mewar and Marwar
Major Rajput Dynasties - Mewar and Marwar — अध्ययन नोट्स
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महाराणा बप्पा रावल एवं मेवाड़ राज्य की स्थापना
व्याख्यामहाराणा बप्पा रावल एवं मेवाड़ राज्य की स्थापना
मेवाड़ राज्य का इतिहास राजस्थान के राजपूत वंशों में सबसे प्राचीन और गौरवशाली है। मेवाड़ की स्थापना 8वीं शताब्दी में गुहिल वंश के बप्पा रावल (Bappa Rawal) ने की थी। बप्पा रावल को मेवाड़ का संस्थापक माना जाता है। गुहिल वंश की उत्पत्ति के विषय में कई कथाएँ प्रचलित हैं, परंतु ऐतिहासिक रूप से बप्पा रावल ने 734 ई. में चित्तौड़गढ़ पर अधिकार कर मेवाड़ राज्य की नींव रखी। मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) रही, जो अपनी अभेद्य दुर्ग प्रणाली के लिए प्रसिद्ध थी। बप्पा रावल ने अरब आक्रमणों का सफलतापूर्वक सामना किया और मेवाड़ को एक सशक्त राज्य के रूप में स्थापित किया। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • बप्पा रावल ने 734 ई. में चित्तौड़गढ़ पर अधिकार किया। • गुहिल वंश की उत्पत्ति 566 ई. में मानी जाती है। • मेवाड़ की पहली राजधानी नागदा थी। • बप्पा रावल एवं चित्तौड़गढ़ की स्थापना से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। • गुहिल वंश की उत्पत्ति और बप्पा रावल की उपाधि याद रखें।
- बप्पा रावल ने 734 ई. में चित्तौड़गढ़ पर अधिकार किया।
- गुहिल वंश की स्थापना 566 ई. में गुहिल (Guhil) द्वारा मानी जाती है।
- मेवाड़ की राजधानी प्रारंभ में नागदा (Nagda) थी, बाद में चित्तौड़गढ़ बनी।
- बप्पा रावल ने अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम के विरुद्ध संघर्ष किया।
- मेवाड़ को 'राजपूताना की आत्मा' (Soul of Rajputana) कहा जाता है।
- 📌 गुहिल वंश: मेवाड़ का प्राचीन राजवंश
- 📌 बप्पा रावल: मेवाड़ राज्य के संस्थापक
राणा हम्मीर एवं मेवाड़ का पुनरुत्थान
व्याख्याराणा हम्मीर एवं मेवाड़ का पुनरुत्थान
राणा हम्मीर (Hammir Singh) मेवाड़ के इतिहास में पुनरुत्थान के प्रतीक माने जाते हैं। 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के बाद चित्तौड़ पर मुसलमानों का कब्जा हो गया था। राणा हम्मीर ने 1326 ई. में चित्तौड़ को पुनः स्वतंत्र कराया और मेवाड़ राज्य का पुनर्निर्माण किया। राणा हम्मीर ने मेवाड़ के गौरव को पुनर्स्थापित किया और दिल्ली सल्तनत के प्रभाव को समाप्त किया। उनके शासन में मेवाड़ ने आर्थिक, सांस्कृतिक और सैन्य दृष्टि से प्रगति की। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राणा हम्मीर ने 1326 ई. में चित्तौड़ को स्वतंत्र कराया। • 1303 ई. में चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी का कब्जा था। • हम्मीर के बाद राणा कुम्भा ने मेवाड़ को और शक्तिशाली बनाया। • राणा हम्मीर का नाम 'पुनरुत्थानकर्ता' के रूप में याद रखें। • चित्तौड़ की मुक्ति की तिथि (1326 ई.) महत्वपूर्ण है।
- राणा हम्मीर ने 1326 ई. में चित्तौड़ को स्वतंत्र कराया।
- अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 ई. में चित्तौड़ पर अधिकार किया था।
- राणा हम्मीर को 'मेवाड़ का पुनरुत्थानकर्ता' कहा जाता है।
- हम्मीर ने दिल्ली सल्तनत के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक को हराया।
- हम्मीर के समय मेवाड़ की सीमाएँ विस्तृत हुईं।
- 📌 पुनरुत्थान: किसी राज्य या संस्कृति का पुनः उत्कर्ष
- 📌 अलाउद्दीन खिलजी: दिल्ली सल्तनत का सुल्तान, जिसने चित्तौड़ पर आक्रमण किया
राणा कुम्भा: स्थापत्य, संगीत एवं सैन्य उपलब्धियाँ
व्याख्याराणा कुम्भा: स्थापत्य, संगीत एवं सैन्य उपलब्धियाँ
राणा कुम्भा (1433-1468 ई.) मेवाड़ के सबसे महान शासकों में गिने जाते हैं। उनके शासनकाल में मेवाड़ ने सांस्कृतिक, स्थापत्य और सैन्य दृष्टि से अपूर्व प्रगति की। राणा कुम्भा ने 32 किलों का निर्माण कराया, जिनमें कुम्भलगढ़ दुर्ग (Kumbhalgarh Fort) सबसे प्र
राजस्थान का इतिहास के सभी 15 अध्याय
History of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge