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Intelligent System 93 - 105

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Computer Applications in Corporate World (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

Intelligent System 93 - 105अध्ययन नोट्स

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8.1 बुद्धिमान प्रणाली का परिचय

व्याख्या

8.1 बुद्धिमान प्रणाली का परिचय

बुद्धिमान प्रणाली (Intelligent System) वे कम्प्यूटर आधारित सिस्टम हैं जो मानव जैसी सोचने, समझने, निर्णय लेने और सीखने की क्षमता रखते हैं। ये सिस्टम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं। बुद्धिमान प्रणाली का उद्देश्य जटिल समस्याओं को हल करना, डेटा का विश्लेषण करना और स्वचालित निर्णय लेना है। इन प्रणालियों में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, प्राकृतिक भाषा संसाधन (Natural Language Processing), विशेषज्ञ प्रणाली (Expert System) आदि तकनीकों का उपयोग किया जाता है। बुद्धिमान प्रणाली का विकास 1950 के दशक में हुआ जब वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर को सोचने और सीखने के लिए तैयार करना शुरू किया। आज के समय में, ये प्रणाली चिकित्सा, व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग, और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग की जा रही हैं। बुद्धिमान प्रणाली के मुख्य घटक हैं: ज्ञान अधिग्रहण, ज्ञान प्रस्तुति, तर्कशक्ति, अधिगम, और संवाद। ये घटक मिलकर सिस्टम को जटिल कार्यों के लिए सक्षम बनाते हैं। बुद्धिमान प्रणाली के प्रकारों में विशेषज्ञ प्रणाली, रोबोटिक्स, प्राकृतिक भाषा संसाधन, और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम शामिल हैं।

  • बुद्धिमान प्रणाली मानव जैसी सोचने की क्षमता रखती है।
  • ये प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित होती है।
  • इनमें मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, और विशेषज्ञ प्रणाली शामिल हैं।
  • बुद्धिमान प्रणाली का उपयोग चिकित्सा, व्यापार, और शिक्षा में होता है।
  • मुख्य घटक: ज्ञान अधिग्रहण, तर्कशक्ति, अधिगम, संवाद।
  • 1950 के दशक से इन प्रणालियों का विकास हुआ है।
  • 📌 बुद्धिमान प्रणाली: ऐसी कंप्यूटर प्रणाली जो मानव जैसी सोच, समझ और निर्णय क्षमता रखती है।
  • 📌 कृत्रिम बुद्धिमत्ता: कंप्यूटर को सोचने, समझने और सीखने की क्षमता प्रदान करने वाली तकनीक।

8.2 बुद्धिमान प्रणाली के घटक

अवधारणा

8.2 बुद्धिमान प्रणाली के घटक

बुद्धिमान प्रणाली के मुख्य घटक निम्नलिखित हैं: 1. ज्ञान अधिग्रहण (Knowledge Acquisition): इसमें डेटा और जानकारी को एकत्रित करना और उसे सिस्टम में संग्रहित करना शामिल है। यह जानकारी मानव विशेषज्ञों, पुस्तकों, इंटरनेट या अन्य स्रोतों से ली जाती है। 2. ज्ञान प्रस्तुति (Knowledge Representation): एकत्रित ज्ञान को इस प्रकार संरचित किया जाता है कि कंप्यूटर उसे समझ सके। इसके लिए नियम, फ्रेम, सेमांटिक नेटवर्क आदि विधियों का उपयोग किया जाता है। 3. तर्कशक्ति (Inference): यह घटक संग्रहित ज्ञान का विश्लेषण करता है और निष्कर्ष निकालता है। तर्कशक्ति के लिए विभिन्न लॉजिक जैसे प्रोडक्शन रूल्स, फजी लॉजिक आदि का प्रयोग होता है। 4. अधिगम (Learning): बुद्धिमान प्रणाली स्वयं अनुभव से सीखती है। मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म के माध्यम से सिस्टम अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाता है। 5. संवाद (Communication): यह घटक उपयोगकर्ता और प्रणाली के बीच संवाद स्थापित करता है। प्राकृतिक भाषा संसाधन तकनीक का प्रयोग किया जाता है ताकि सिस्टम मानव भाषा को समझ सके। इन घटकों के माध्यम से बुद्धिमान प्रणाली जटिल समस्याओं का समाधान कर सकती है।

  • ज्ञान अधिग्रहण में डेटा संग्रहण शामिल है।
  • ज्ञान प्रस्तुति से ज्ञान को संरचित किया जाता है।
  • तर्कशक्ति के माध्यम से निष्कर्ष निकाले जाते हैं।
  • अधिगम से प्रणाली अनुभव से सीखती है।
  • संवाद उपयोगकर्ता और प्रणाली के बीच होता है।
  • प्रत्येक घटक प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ाता है।
  • 📌 ज्ञान अधिग्रहण: जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया।
  • 📌 ज्ञान प्रस्तुति: जानकारी को संरचित रूप में प्रस्तुत करना।
  • 📌 तर्कशक्ति: संग्रहित ज्ञान का विश्लेषण और निष्कर्ष निकालना।

8.3 विशेषज्ञ प्रणाली

परिभाषा

8.3 विशेषज्ञ प्रणाली

विशेषज्ञ प्रणाली (Expert System) एक प्रकार की बुद्धिमान प्रणाली है जो किसी विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञ का ज्ञान संग्रहित करती है और निर्णय लेने में सहायता करती है। यह प्रणाली 'यदि-तो' (If-Then) नियमों पर आधारित होती है। विशेषज्ञ प्रणाली का उद्देश्य जटि