COMMUNICATION AND CONNECTIVITY
COMMUNICATION AND CONNECTIVITY — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
2.1 संचार का परिचय
व्याख्या2.1 संचार का परिचय
इस अनुभाग में संचार की मूल अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। संचार का अर्थ है सूचना, विचार, भावनाएँ या निर्देशों का आदान-प्रदान। कंप्यूटर अनुप्रयोगों के कॉर्पोरेट जगत में संचार का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि इससे संगठन के भीतर और बाहर सूचना का प्रवाह सुचारू रूप से होता है। संचार के विभिन्न माध्यमों में मौखिक, लिखित, और इलेक्ट्रॉनिक संचार शामिल हैं। मौखिक संचार में आमने-सामने बातचीत, टेलीफोन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि आते हैं। लिखित संचार में ईमेल, पत्र, रिपोर्ट, मेमो आदि शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक संचार में कंप्यूटर नेटवर्क, इंटरनेट, सोशल मीडिया, और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग होता है। संचार की प्रक्रिया में प्रेषक (Sender), संदेश (Message), माध्यम (Medium), प्राप्तकर्ता (Receiver), और प्रतिक्रिया (Feedback) शामिल होते हैं। कॉर्पोरेट जगत में प्रभावी संचार से निर्णय लेने, समस्या समाधान, टीमवर्क, और ग्राहक संबंधों में सुधार होता है।
- संचार सूचना का आदान-प्रदान है।
- कॉर्पोरेट जगत में संचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- संचार के मुख्य प्रकार: मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक।
- संचार प्रक्रिया में प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता, प्रतिक्रिया शामिल हैं।
- प्रभावी संचार से संगठन की कार्यक्षमता बढ़ती है।
- संचार के माध्यम समय, लागत और प्रभाव पर निर्भर करते हैं।
- 📌 संचार: सूचना, विचार या भावनाओं का आदान-प्रदान।
- 📌 प्रेषक: संदेश भेजने वाला व्यक्ति।
- 📌 प्राप्तकर्ता: संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
2.2 कॉर्पोरेट जगत में संचार के प्रकार
अवधारणा2.2 कॉर्पोरेट जगत में संचार के प्रकार
इस अनुभाग में कॉर्पोरेट जगत में प्रयुक्त संचार के विभिन्न प्रकारों का वर्णन किया गया है। कॉर्पोरेट संचार मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित होता है: आंतरिक (Internal) और बाह्य (External) संचार। आंतरिक संचार संगठन के भीतर कर्मचारियों, प्रबंधकों, और अन्य विभागों के बीच होता है। इसमें मीटिंग, नोटिस, ईमेल, इंट्रानेट आदि शामिल हैं। बाह्य संचार संगठन और बाहरी पक्षों जैसे ग्राहक, आपूर्तिकर्ता, निवेशक, सरकारी एजेंसियों आदि के बीच होता है। इसमें प्रेस रिलीज, विज्ञापन, वेबसाइट, सोशल मीडिया, पत्र आदि आते हैं। संचार के प्रकारों में आगे मौखिक, लिखित, दृश्य, और इलेक्ट्रॉनिक संचार शामिल हैं। मौखिक संचार शीघ्र और व्यक्तिगत होता है, जबकि लिखित संचार स्थायी और दस्तावेजी होता है। दृश्य संचार में ग्राफ, चार्ट, चित्र आदि का उपयोग होता है। इलेक्ट्रॉनिक संचार में ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, चैट आदि शामिल हैं।
- कॉर्पोरेट संचार आंतरिक और बाह्य दो प्रकार के होते हैं।
- आंतरिक संचार संगठन के भीतर होता है।
- बाह्य संचार संगठन और बाहरी पक्षों के बीच होता है।
- मौखिक, लिखित, दृश्य, और इलेक्ट्रॉनिक संचार मुख्य प्रकार हैं।
- लिखित संचार स्थायी रिकॉर्ड के लिए उपयुक्त है।
- इलेक्ट्रॉनिक संचार तेज और व्यापक है।
- 📌 आंतरिक संचार: संगठन के भीतर सूचना का प्रवाह।
- 📌 बाह्य संचार: संगठन और बाहरी पक्षों के बीच सूचना का प्रवाह।
- 📌 मौखिक संचार: बोलकर किया गया संचार।
2.3 संचार माध्यम
व्याख्या2.3 संचार माध्यम
इस अनुभाग में संचार के लिए प्रयुक्त विभिन्न माध्यमों का विस्तार से वर्णन किया गया है। संचार माध्यम वह तरीका है जिससे संदेश प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है। कॉर्पोरेट जगत में प्रमुख संचार माध्यमों में टेलीफोन, फैक्स, ईमेल, इंटरनेट, सोशल मीडिया, व
SLM - Computer Applications in Corporate World (Hindi) के सभी 20 अध्याय
Computer Applications in Corporate World · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →