Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 कंपनी अंकक का अर्थ
परिभाषा8.1 कंपनी अंकक का अर्थ
कंपनी अंकक (Company Audit) का अर्थ है कंपनी के खातों की जाँच-पड़ताल करना, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनी के वित्तीय विवरण सही, निष्पक्ष और कानूनी रूप से तैयार किए गए हैं। कंपनी अंकक एक कानूनी आवश्यकता है, जो कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत अनिवार्य की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के खातों में पारदर्शिता, सच्चाई और विश्वसनीयता बनाए रखना है। कंपनी के खातों का ऑडिट एक स्वतंत्र ऑडिटर द्वारा किया जाता है, जिसे शेयरधारकों द्वारा नियुक्त किया जाता है। ऑडिटर कंपनी के खातों, बही-खातों, वाउचर, चालान, रसीदों आदि की जाँच करता है और अपनी रिपोर्ट तैयार करता है।
- कंपनी अंकक का मुख्य उद्देश्य खातों की सच्चाई और निष्पक्षता की पुष्टि करना है।
- यह कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अनिवार्य है।
- ऑडिटर की नियुक्ति शेयरधारकों द्वारा की जाती है।
- ऑडिटर खातों की जाँच कर रिपोर्ट तैयार करता है।
- कंपनी अंकक से खातों में पारदर्शिता आती है।
- 📌 कंपनी अंकक: कंपनी के खातों की जाँच-पड़ताल की प्रक्रिया।
- 📌 ऑडिटर: वह व्यक्ति जो कंपनी के खातों का ऑडिट करता है।
8.2 कंपनी अंकक की आवश्यकता और उद्देश्य
अवधारणा8.2 कंपनी अंकक की आवश्यकता और उद्देश्य
कंपनी अंकक की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि कंपनियों के पास बहुत बड़ी पूंजी होती है और उनके लेन-देन जटिल होते हैं। शेयरधारकों और अन्य हितधारकों के हितों की सुरक्षा के लिए खातों की जाँच आवश्यक है। कंपनी अंकक के मुख्य उद्देश्य हैं— खातों की सच्चाई की पुष्टि, धोखाधड़ी की संभावना को कम करना, कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना, और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की सही जानकारी देना। ऑडिट के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कंपनी के प्रबंधक शेयरधारकों के धन का सही उपयोग कर रहे हैं।
- कंपनी अंकक से खातों की सच्चाई और निष्पक्षता की पुष्टि होती है।
- शेयरधारकों के हितों की सुरक्षा होती है।
- कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित होता है।
- धोखाधड़ी और गड़बड़ी की संभावना कम होती है।
- कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की सही जानकारी मिलती है।
- 📌 हितधारक: वे लोग या संस्थाएँ जिनका कंपनी से हित जुड़ा हो।
- 📌 धोखाधड़ी: जानबूझकर की गई वित्तीय गड़बड़ी।
8.3 कंपनी अंकक के कानूनी प्रावधान (कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत)
व्याख्या8.3 कंपनी अंकक के कानूनी प्रावधान (कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत)
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, प्रत्येक कंपनी को अपने खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य है। अधिनियम की धारा 139 से 148 तक ऑडिट से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। ऑडिटर की नियुक्ति, योग्यता, कर्तव्य, शक्तियाँ और उत्तरदायित्व का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
SLM - Auditing (Hindi) के सभी 19 अध्याय
Auditing · Vardhman Mahaveer Open University
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