Chapter 12
Chapter 12 — अध्ययन नोट्स
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12.1 प्रस्तावना
व्याख्या12.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में कंपनी अंकन (Company Audit) की आवश्यकता, महत्व और उद्देश्य का परिचय दिया गया है। कंपनी अंकन वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी के खातों और वित्तीय विवरणों की जाँच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सभी लागू कानूनों, नियमों और विनियमों के अनुसार तैयार किए गए हैं। कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, प्रत्येक कंपनी के लिए अपने खातों का ऑडिट करवाना अनिवार्य है। प्रस्तावना में यह भी बताया गया है कि कंपनी ऑडिट से कंपनी के हितधारकों को खातों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का विश्वास मिलता है। यह अनुभाग ऑडिट के प्रकारों, जैसे आंतरिक ऑडिट और बाह्य ऑडिट, के बीच अंतर को भी स्पष्ट करता है।
- कंपनी ऑडिट कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अनिवार्य है।
- ऑडिट खातों की सत्यता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
- ऑडिट से कंपनी के हितधारकों को पारदर्शिता मिलती है।
- ऑडिट के दो मुख्य प्रकार: आंतरिक और बाह्य ऑडिट।
- ऑडिट कंपनी के वित्तीय नियंत्रण को मजबूत करता है।
- 📌 कंपनी ऑडिट: कंपनी के खातों की जाँच की प्रक्रिया।
- 📌 हितधारक: वे व्यक्ति या संस्थाएँ जिनका कंपनी में आर्थिक हित होता है।
12.2 कंपनी ऑडिटर की नियुक्ति
अवधारणा12.2 कंपनी ऑडिटर की नियुक्ति
इस अनुभाग में कंपनी ऑडिटर की नियुक्ति की प्रक्रिया, योग्यता और शर्तों का विस्तृत वर्णन किया गया है। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 139 के अनुसार, प्रत्येक कंपनी को अपनी पहली वार्षिक आम बैठक (AGM) में एक ऑडिटर नियुक्त करना अनिवार्य है, जो कंपनी के छठे AGM तक पद पर बना रहता है। ऑडिटर की नियुक्ति बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या शेयरधारकों द्वारा की जाती है। ऑडिटर के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट होना अनिवार्य है और वह कंपनी का कर्मचारी या अधिकारी नहीं होना चाहिए। यदि ऑडिटर की नियुक्ति समय पर नहीं होती है, तो कंपनी के सदस्य या केंद्रीय सरकार नियुक्ति कर सकते हैं।
- ऑडिटर की नियुक्ति AGM में की जाती है।
- ऑडिटर की योग्यता: चार्टर्ड अकाउंटेंट होना आवश्यक।
- ऑडिटर कंपनी का कर्मचारी या अधिकारी नहीं हो सकता।
- ऑडिटर का कार्यकाल 5 वर्षों तक होता है।
- समय पर नियुक्ति न होने पर सदस्य या सरकार नियुक्ति कर सकते हैं।
- 📌 ऑडिटर: वह व्यक्ति या फर्म जो कंपनी के खातों की जाँच करता है।
- 📌 AGM: वार्षिक आम बैठक, जिसमें कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।
12.3 कंपनी ऑडिटर की शक्तियाँ और कर्तव्य
व्याख्या12.3 कंपनी ऑडिटर की शक्तियाँ और कर्तव्य
इस अनुभाग में कंपनी ऑडिटर की शक्तियों और कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है। ऑडिटर को कंपनी के सभी खातों, पुस्तकों, दस्तावेज़ों और रजिस्टरों की जाँच करने का अधिकार है। वह कंपनी के किसी भी कर्मचारी से आवश्यक जानकारी और स्पष्टीकरण मांग सकता है।
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Auditing · Vardhman Mahaveer Open University
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