Chapter 10
Chapter 10 — अध्ययन नोट्स
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10.1 प्रस्तावना
व्याख्या10.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में लाभ के प्रायोजन का परिचय दिया गया है। लाभ का प्रायोजन व्यापारिक संस्थाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संस्था के दीर्घकालिक अस्तित्व, विकास और सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति के लिए आवश्यक है। लाभ का तात्पर्य वह शुद्ध आय है जो सभी खर्चों को घटाने के पश्चात शेष रहती है। लाभ का प्रायोजन यह निर्धारित करता है कि अर्जित लाभ का उपयोग किस प्रकार किया जाए – जैसे लाभांश वितरण, आरक्षित निधि में स्थानांतरण, विस्तार योजनाओं में निवेश आदि। लाभ के प्रायोजन के निर्णय में प्रबंधकीय विवेक, कानूनी प्रावधान, शेयरधारकों की अपेक्षाएँ, भविष्य की आवश्यकताएँ तथा सामाजिक उत्तरदायित्व शामिल होते हैं। इस अध्याय में लाभ के प्रायोजन की प्रक्रिया, उद्देश्य, नीति निर्धारण, कानूनी एवं व्यावहारिक पक्षों का विस्तृत अध्ययन किया गया है।
- लाभ का प्रायोजन संस्था की वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण भाग है।
- यह संस्था के विकास, विस्तार एवं सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति हेतु आवश्यक है।
- लाभ के प्रायोजन में लाभांश वितरण, आरक्षित निधि, विस्तार आदि शामिल हैं।
- प्रबंधकीय विवेक, कानूनी प्रावधान एवं शेयरधारकों की अपेक्षाएँ इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- लाभ के प्रायोजन के निर्णय संस्था की दीर्घकालिक नीति पर निर्भर करते हैं।
- 📌 लाभ: सभी खर्चों को घटाने के पश्चात शेष आय।
- 📌 प्रायोजन: किसी वस्तु या राशि का नियोजन या उपयोग।
10.2 लाभ के प्रायोजन की आवश्यकता
अवधारणा10.2 लाभ के प्रायोजन की आवश्यकता
इस अनुभाग में लाभ के प्रायोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। किसी भी व्यापारिक संस्था के लिए लाभ का अर्जन ही मुख्य उद्देश्य नहीं है, बल्कि उसका विवेकपूर्ण प्रायोजन भी अत्यंत आवश्यक है। लाभ के प्रायोजन से संस्था की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होती है, भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिलती है, विस्तार योजनाएँ संभव होती हैं, तथा सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति भी की जा सकती है। लाभ का उचित प्रायोजन संस्था के शेयरधारकों, कर्मचारियों, ग्राहकों तथा समाज के अन्य हितधारकों के हित में होता है।
- भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षा हेतु आरक्षित निधि बनाना आवश्यक है।
- संस्था के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए लाभ का निवेश आवश्यक है।
- शेयरधारकों को नियमित लाभांश देने हेतु लाभ का प्रायोजन किया जाता है।
- सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति के लिए लाभ का एक भाग नियोजित किया जाता है।
- कर्मचारियों के कल्याण हेतु भी लाभ का उपयोग किया जाता है।
- 📌 आरक्षित निधि: भविष्य की आवश्यकताओं या आपात स्थितियों हेतु सुरक्षित की गई राशि।
- 📌 लाभांश: कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को वितरित लाभ का भाग।
10.3 लाभ के प्रायोजन के उद्देश्य
व्याख्या10.3 लाभ के प्रायोजन के उद्देश्य
इस अनुभाग में लाभ के प्रायोजन के मुख्य उद्देश्य विस्तार से बताए गए हैं। लाभ का प्रायोजन संस्था के दीर्घकालिक विकास, वित्तीय स्थिरता, शेयरधारकों की संतुष्टि, कर्मचारियों के कल्याण, सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति तथा कानूनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु
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