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Chapter 7

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Optics (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 4Chapter 11

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 प्रकाश का परावर्तन

अवधारणा

7.1 प्रकाश का परावर्तन

इस अनुभाग में प्रकाश के परावर्तन (Reflection of Light) की मूलभूत अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। जब प्रकाश किसी सतह से टकराता है और उसी माध्यम में लौट जाता है, तो इस घटना को परावर्तन कहते हैं। परावर्तन के नियमों के अनुसार, आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब (normal) एक ही तल में होते हैं तथा आपतन कोण (angle of incidence) आपतन बिंदु पर अभिलंब के साथ बनता है, और परावर्तन कोण (angle of reflection) भी अभिलंब के साथ बनता है। दोनों कोण आपस में बराबर होते हैं। इस अनुभाग में दर्पण, विशेषकर समतल दर्पण (plane mirror) के लिए परावर्तन का अध्ययन किया गया है।

  • प्रकाश का परावर्तन तब होता है जब वह किसी चिकनी सतह से टकराता है।
  • परावर्तन के दो मुख्य नियम होते हैं।
  • आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।
  • आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
  • समतल दर्पण में प्रतिबिंब का निर्माण परावर्तन के कारण होता है।
  • 📌 परावर्तन (Reflection): प्रकाश की किरणों का सतह से टकराकर उसी माध्यम में लौटना।
  • 📌 आपतन कोण (Angle of Incidence): आपतित किरण और अभिलंब के बीच का कोण।
  • 📌 परावर्तन कोण (Angle of Reflection): परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच का कोण।

7.2 समतल दर्पण में प्रतिबिंब

व्याख्या

7.2 समतल दर्पण में प्रतिबिंब

इस अनुभाग में समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब (Image Formation in Plane Mirror) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है। जब प्रकाश की किरणें किसी वस्तु से निकलकर समतल दर्पण पर गिरती हैं और परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, तो हमें दर्पण में उस वस्तु का प्रतिबिंब दिखाई देता है। समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब आभासी (virtual), सीधा (erect) और वस्तु के बराबर आकार का होता है। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है। इस अनुभाग में प्रतिबिंब की विशेषताओं, उसकी स्थिति और प्रकृति को विस्तार से समझाया गया है।

  • समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।
  • प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बराबर होता है।
  • प्रतिबिंब दर्पण के पीछे वस्तु से समान दूरी पर बनता है।
  • प्रतिबिंब और वस्तु के बीच की रेखा दर्पण के अभिलंब होती है।
  • प्रतिबिंब का बायाँ-दायाँ उल्टा होता है (Left-Right Reversal)।
  • 📌 प्रतिबिंब (Image): वह दृश्य जो दर्पण में दिखाई देता है।
  • 📌 आभासी प्रतिबिंब (Virtual Image): वह प्रतिबिंब जिसे पर्दे पर नहीं उतारा जा सकता।
  • 📌 सीधा प्रतिबिंब (Erect Image): वह प्रतिबिंब जो वस्तु के समान दिशा में होता है।

7.3 वक्रित दर्पण

अवधारणा

7.3 वक्रित दर्पण

इस अनुभाग में वक्रित दर्पण (Curved Mirrors) के प्रकार, उनकी संरचना और उनके द्वारा प्रतिबिंब निर्माण की प्रक्रिया को समझाया गया है। वक्रित दर्पण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: अवतल दर्पण (Concave Mirror) और उत्तल दर्पण (Convex Mirror)। अवतल दर्पण का प