Ch 11निःशुल्क

Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Optics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 7अध्याय 3 / 4Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 प्रकाशिकी का परिचय

व्याख्या

11.1 प्रकाशिकी का परिचय

प्रकाशिकी (Optics) भौतिकी की वह शाखा है जिसमें प्रकाश के व्यवहार, उसके गुणों, तथा उससे संबंधित घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। प्रकाशिकी के अंतर्गत प्रकाश का संचरण, परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, व्यतिकरण, ध्रुवण आदि प्रमुख विषय हैं। प्रकाश को दो रूपों में समझा जाता है — तरंग सिद्धांत (Wave Theory) और कण सिद्धांत (Particle Theory)। प्रकाशिकी का अध्ययन दो भागों में विभाजित है: ज्यामितीय प्रकाशिकी (Geometrical Optics) और भौतिक प्रकाशिकी (Physical Optics)। ज्यामितीय प्रकाशिकी में प्रकाश की किरणों के पथ का अध्ययन किया जाता है, जबकि भौतिक प्रकाशिकी में प्रकाश की तरंग प्रकृति पर बल दिया जाता है। प्रकाशिकी का महत्व दैनिक जीवन में अत्यंत है, जैसे चश्मा, कैमरा, दूरबीन, माइक्रोस्कोप आदि उपकरणों का निर्माण प्रकाशिकी के सिद्धांतों पर आधारित है।

  • प्रकाशिकी प्रकाश के अध्ययन की भौतिकी की शाखा है।
  • प्रकाश का अध्ययन दो प्रमुख सिद्धांतों — तरंग और कण — के आधार पर किया जाता है।
  • ज्यामितीय प्रकाशिकी में प्रकाश की किरणों के पथ का अध्ययन होता है।
  • भौतिक प्रकाशिकी में प्रकाश की तरंग प्रकृति और संबंधित घटनाओं का अध्ययन होता है।
  • प्रकाशिकी के सिद्धांतों का उपयोग दैनिक जीवन के कई उपकरणों में होता है।
  • 📌 प्रकाशिकी: प्रकाश के गुणों और उसके व्यवहार का अध्ययन।
  • 📌 ज्यामितीय प्रकाशिकी: प्रकाश की किरणों के पथ का अध्ययन।
  • 📌 भौतिक प्रकाशिकी: प्रकाश की तरंग प्रकृति का अध्ययन।

11.2 प्रकाश का परावर्तन

अवधारणा

11.2 प्रकाश का परावर्तन

प्रकाश का परावर्तन वह घटना है जिसमें प्रकाश की किरण किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में लौट आती है। परावर्तन के दो मुख्य नियम होते हैं: (1) आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब (Normal) एक ही तल में होते हैं; (2) आपतन कोण (i) और परावर्तन कोण (r) आपस में बराबर होते हैं। परावर्तन का सबसे सामान्य उदाहरण दर्पण में अपनी छवि देखना है। परावर्तन के नियमों का उपयोग परावर्तक दर्पण, प्रिज्म, तथा अन्य प्रकाशीय यंत्रों में किया जाता है।

  • प्रकाश का परावर्तन सतह से टकराने पर उसी माध्यम में लौटना है।
  • परावर्तन के दो नियम होते हैं।
  • आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं।
  • सभी किरणें, अभिलंब, और सतह एक ही तल में होते हैं।
  • दर्पण में छवि बनना परावर्तन का उदाहरण है।
  • 📌 परावर्तन: प्रकाश का सतह से टकराकर लौटना।
  • 📌 आपतन कोण: आपतित किरण और अभिलंब के बीच का कोण।
  • 📌 परावर्तन कोण: परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच का कोण।

11.3 प्रकाश का अपवर्तन

अवधारणा

11.3 प्रकाश का अपवर्तन

प्रकाश का अपवर्तन वह घटना है जिसमें प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर अपने पथ को बदल लेती है। यह परिवर्तन माध्यमों के अपवर्तनांक (Refractive Index) के कारण होता है। अपवर्तन के नियम हैं: (1) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही