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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Optics (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 11अध्याय 4 / 4

Chapter 12अध्ययन नोट्स

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12.1 लेजर का परिचय

व्याख्या

12.1 लेजर का परिचय

लेजर (LASER) का पूर्ण रूप 'Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation' है, अर्थात् प्रकाश का प्रवर्धन प्रेरित उत्सर्जन द्वारा। लेजर एक ऐसी तकनीक है जिसमें प्रकाश की किरणें अत्यंत संकीर्ण, एकरूप और उच्च तीव्रता वाली होती हैं। लेजर की खोज 1960 में थियोडोर मैमन ने की थी। लेजर के प्रकाश में अद्वितीय गुण होते हैं जैसे कि एकरूपता (coherence), दिशा-निर्देशित (directionality), और उच्च तीव्रता (intensity)। लेजर स्रोतों का उपयोग विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग, संचार आदि क्षेत्रों में किया जाता है। लेजर प्रकाश सामान्य प्रकाश से भिन्न होता है क्योंकि इसमें सभी फोटॉन एक ही दिशा में, एक ही ऊर्जा के साथ चलते हैं।

  • लेजर का पूर्ण रूप 'Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation' है।
  • लेजर प्रकाश अत्यंत संकीर्ण, एकरूप और उच्च तीव्रता वाला होता है।
  • लेजर की खोज 1960 में थियोडोर मैमन ने की थी।
  • लेजर में फोटॉन एक ही दिशा में और एक ही ऊर्जा के साथ चलते हैं।
  • लेजर का उपयोग चिकित्सा, उद्योग, संचार आदि में होता है।
  • लेजर प्रकाश सामान्य प्रकाश से भिन्न होता है।
  • 📌 लेजर: प्रकाश का प्रवर्धन प्रेरित उत्सर्जन द्वारा।
  • 📌 एकरूपता: प्रकाश की तरंगों का एक ही चरण में होना।
  • 📌 दिशा-निर्देशित: प्रकाश की किरणें एक ही दिशा में चलती हैं।

12.2 लेजर का सिद्धांत

अवधारणा

12.2 लेजर का सिद्धांत

लेजर का सिद्धांत प्रेरित उत्सर्जन (stimulated emission) पर आधारित है। जब कोई परमाणु या अणु उच्च ऊर्जा अवस्था (excited state) में होता है और उसे एक फोटॉन द्वारा प्रेरित किया जाता है, तो वह उसी ऊर्जा और चरण के एक अतिरिक्त फोटॉन का उत्सर्जन करता है। यह प्रक्रिया 'प्रेरित उत्सर्जन' कहलाती है। लेजर में तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ होती हैं: (1) अवशोषण (absorption), (2) स्वाभाविक उत्सर्जन (spontaneous emission), (3) प्रेरित उत्सर्जन (stimulated emission)। लेजर के लिए आवश्यक है कि सक्रिय माध्यम में आबादी उलट (population inversion) हो, अर्थात् उच्च ऊर्जा अवस्था में अधिक कण हों।

  • लेजर का सिद्धांत प्रेरित उत्सर्जन पर आधारित है।
  • प्रेरित उत्सर्जन में फोटॉन एक ही ऊर्जा और चरण के होते हैं।
  • लेजर में आबादी उलट (population inversion) आवश्यक है।
  • तीन प्रक्रियाएँ: अवशोषण, स्वाभाविक उत्सर्जन, प्रेरित उत्सर्जन।
  • लेजर प्रकाश की एकरूपता और दिशा-निर्देशितता का कारण यही सिद्धांत है।
  • सक्रिय माध्यम में उच्च ऊर्जा अवस्था में अधिक कण होने चाहिए।
  • 📌 प्रेरित उत्सर्जन: फोटॉन द्वारा प्रेरित उत्सर्जन प्रक्रिया।
  • 📌 आबादी उलट: उच्च ऊर्जा अवस्था में अधिक कण।
  • 📌 सक्रिय माध्यम: वह पदार्थ जिसमें लेजर क्रिया होती है।

12.3 आबादी उलट और पंपिंग

व्याख्या

12.3 आबादी उलट और पंपिंग

लेजर क्रिया के लिए आबादी उलट (population inversion) आवश्यक है। सामान्य अवस्था में, अधिकांश कण निम्न ऊर्जा अवस्था में होते हैं। लेजर के लिए आवश्यक है कि सक्रिय माध्यम में उच्च ऊर्जा अवस्था में अधिक कण हों। आबादी उलट प्राप्त करने के लिए पंपिंग (pumping