Ch 5निःशुल्क

Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Practical Geography (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 5अध्याय 5 / 8Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 मानचित्रण की परिभाषा एवं महत्व

परिभाषा

5.1 मानचित्रण की परिभाषा एवं महत्व

मानचित्रण भौगोलिक तथ्यों, आकृतियों एवं घटनाओं को कागज़, कपड़े या अन्य सतहों पर माप एवं अनुपात के आधार पर दर्शाने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। मानचित्रण के माध्यम से पृथ्वी की सतह के विभिन्न भागों, उनके विस्तार, दिशा, दूरी, ऊँचाई, गहराई आदि का सटीक निरूपण किया जाता है। मानचित्र न केवल भौगोलिक अध्ययन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि प्रशासन, योजना, सैन्य, शिक्षा, यातायात, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों में भी इनका अत्यधिक महत्व है। मानचित्रण भौगोलिक सूचना का संक्षिप्त, सुस्पष्ट एवं तुलनात्मक रूप प्रस्तुत करता है, जिससे जटिल भौगोलिक तथ्यों को समझना सरल हो जाता है।

  • मानचित्रण भौगोलिक तथ्यों का माप एवं अनुपात के आधार पर निरूपण है।
  • मानचित्र विभिन्न क्षेत्रों में योजना एवं निर्णय के लिए उपयोगी हैं।
  • मानचित्रण से पृथ्वी की सतह के विस्तार, दिशा, दूरी आदि का ज्ञान होता है।
  • मानचित्र भौगोलिक सूचना का संक्षिप्त एवं तुलनात्मक रूप प्रदान करते हैं।
  • शिक्षा, प्रशासन, सैन्य, कृषि आदि में मानचित्रण का महत्व है।
  • 📌 मानचित्रण: भौगोलिक तथ्यों का माप एवं अनुपात के आधार पर निरूपण।
  • 📌 माप (Scale): मानचित्र पर दर्शाए गए दूरी का वास्तविक दूरी से अनुपात।

5.2 मानचित्र के प्रकार

अवधारणा

5.2 मानचित्र के प्रकार

मानचित्रों को उनके उद्देश्य, विषयवस्तु एवं निर्माण विधि के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है। मुख्यतः मानचित्र तीन प्रकार के होते हैं: (1) सामान्य मानचित्र (General Maps), (2) विषयगत मानचित्र (Thematic Maps), (3) विशेष मानचित्र (Special Maps)। सामान्य मानचित्रों में भौगोलिक तत्त्वों जैसे स्थलाकृति, जलस्रोत, सड़कें, नगर आदि का समावेश होता है। विषयगत मानचित्र किसी विशेष विषय जैसे जनसंख्या, वर्षा, कृषि आदि को दर्शाते हैं। विशेष मानचित्र जैसे भू-वैज्ञानिक, सैन्य, जलवायु, समुद्री आदि विशिष्ट उद्देश्यों के लिए बनाए जाते हैं।

  • मानचित्रों को उद्देश्य एवं विषय के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
  • सामान्य मानचित्रों में प्राकृतिक एवं मानव निर्मित तत्त्व दर्शाए जाते हैं।
  • विषयगत मानचित्र किसी एक विषय की जानकारी देते हैं।
  • विशेष मानचित्र विशिष्ट कार्यों के लिए बनाए जाते हैं।
  • प्रत्येक प्रकार के मानचित्र का अपना महत्व एवं उपयोग है।
  • 📌 सामान्य मानचित्र: जिसमें प्राकृतिक एवं मानव निर्मित तत्त्व दर्शाए जाते हैं।
  • 📌 विषयगत मानचित्र: किसी विशेष विषय को दर्शाने वाला मानचित्र।
  • 📌 विशेष मानचित्र: विशिष्ट उद्देश्यों के लिए निर्मित मानचित्र।

5.3 मापन एवं मापनी (Scale)

सूत्र

5.3 मापन एवं मापनी (Scale)

मापन एवं मापनी मानचित्रण के अत्यंत महत्वपूर्ण तत्त्व हैं। मापनी (Scale) वह अनुपात है, जिसमें मानचित्र पर दर्शाई गई दूरी एवं वास्तविक दूरी के बीच संबंध स्थापित किया जाता है। मापनी को तीन प्रकार से दर्शाया जाता है: (1) कथनात्मक मापनी (Statement Scale),