NCERTCh 2निःशुल्क

Chapter 2

🎓 Class 6📖 Malhar📖 11 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~17 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 13Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

गोल

व्याख्या

गोल

यह अनुभाग मेजर ध्यानचंद के संस्मरण का एक अंश प्रस्तुत करता है, जिसमें वे अपने खेल के अनुभवों को साझा करते हैं। पाठ की शुरुआत में गोल शब्द से जुड़ी वस्तुओं की कल्पना होती है, जैसे गोल गेंद, गोल रोटी, गोल चंद्रमा आदि, लेकिन यह पाठ हॉकी के गोल और खेल भावना पर केंद्रित है। मेजर ध्यानचंद बताते हैं कि खेल के मैदान में धक्का-मुक्की और नोंक-झोंक सामान्य होती हैं, लेकिन खेल भावना के साथ खेलना आवश्यक है। 1933 में पंजाब रेजिमेंट और सैंपर्स एंड माइनर्स टीम के बीच मुकाबले का वर्णन है, जहाँ एक खिलाड़ी ने गुस्से में हॉकी स्टिक से चोट पहुंचाई, लेकिन ध्यानचंद ने बदला लेने के लिए छह गोल किए। उन्होंने खेल में गुस्सा न करने और खेल भावना बनाए रखने की सीख दी। यह अनुभाग खेल में अनुशासन, धैर्य और खेल भावना की महत्ता को दर्शाता है।

  • खेल के मैदान में धक्का-मुक्की सामान्य है लेकिन खेल भावना जरूरी है।
  • मेजर ध्यानचंद ने चोट लगने के बाद भी संयम बनाए रखा।
  • बदला लेने का तरीका खेल भावना के अनुरूप था।
  • खेल में गुस्सा करना उचित नहीं है।
  • खेल में जीत-हार व्यक्तिगत नहीं, पूरे देश की होती है।
  • 📌 गोल: हॉकी या अन्य खेलों में लक्ष्य क्षेत्र में गेंद को पहुँचाना।
  • 📌 खेल भावना: खेल को सही तरीके से, सम्मान और अनुशासन के साथ खेलने की भावना।
  • 📌 पंजाब रेजिमेंट: भारतीय सेना की एक इकाई।

लेखक से परिचय

व्याख्या

लेखक से परिचय

इस अनुभाग में मेजर ध्यानचंद का परिचय दिया गया है। वे हॉकी के जादूगर के नाम से प्रसिद्ध हैं और भारत में उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद का जन्म 1905 में प्रयाग में हुआ था और वे एक साधारण परिवार से थे। 16 वर्ष की उम्र में वे फस्टर ब्राह्मण रेजिमेंट में सिपाही बने। शुरुआत में उन्हें हॉकी में रुचि नहीं थी, लेकिन मेजर तिवारी के प्रोत्साहन से उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया। उनका खेल कौशल बढ़ता गया और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में वे भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बने। उनकी खेल भावना और टीम के प्रति समर्पण ने उन्हें 'हॉकी का जादूगर' बना दिया।

  • मेजर ध्यानचंद का जन्म 1905 में प्रयाग में हुआ।
  • वे फस्टर ब्राह्मण रेजिमेंट में सिपाही बने।
  • मेजर तिवारी ने उन्हें हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया।
  • 1936 के बर्लिन ओलंपिक में वे कप्तान थे।
  • उनकी खेल भावना और टीम भावना प्रेरणादायक थी।
  • 📌 फस्टर ब्राह्मण रेजिमेंट: भारतीय सेना की एक रेजिमेंट।
  • 📌 बर्लिन ओलंपिक: 1936 में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता।
  • 📌 कप्तान: खेल टीम का नेतृत्व करने वाला खिलाड़ी।

पाठ से

व्याख्या

पाठ से

इस अनुभाग में पाठ के आधार पर प्रश्न दिए गए हैं जो विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व और खेल भावना को समझने में मदद करते हैं। प्रश्नों के उत्तर देते समय विद्यार्थियों को पाठ के भाव और अर्थ पर ध्यान देना होता है। इसके अतिरिक्त, शब्दों के अर्थ

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.पुराने समय में लोगों की सोच थी कि ----------की खोज ईश्वर ने की है|
A.ध्वनियों
B.अक्षरों
C.शब्दों
D.पुस्तकों

उत्तर:

अक्षरों

MediumNCERT
Q2.मनुष्य अपनी बात दूर-दराज तक कैसे पहुँचाता था?
A.संकेतों द्वारा
B.पत्र द्वारा
C.घोड़े द्वारा
D.हाथी द्वारा

उत्तर:

संकेतों द्वारा

MediumNCERT
Q3.प्राचीन समय में मनुष्य का रूप कैसा था ?
A.आदि मानव
B.बंदर
C.गोमुख
D.भालू

उत्तर:

आदि मानव

MediumNCERT
Q4.10000 वर्ष पहले धरती कैसी थी?
A.बंजर थी
B.निर्जन थी
C.खामोश थी
D.सुनसान थी

उत्तर:

बंजर थी

MediumNCERT
Q5.मनुष्य 'सभ्य' कब कहलाने लगा?
A.जब वह लिखने लगा
B.जब वह खेती करना सीख गया
C.जब उसने औजारों को बनाना सीखा
D.जब वह शिकार करने लगा

उत्तर:

जब वह लिखने लगा

MediumNCERT
Q6.मनुष्य ने अपने भाव सबसे पहले किस माध्यम से व्यक्त किए ?
A.चित्रों से
B.लेखनी से
C.अक्षरों से
D.मुंह से

उत्तर:

चित्रों से

MediumNCERT
Q7.मनुष्य का प्रारंभिक हथियार किस धातु का था?
A.तांबा और काँटे का
B.लोहे का
C.पत्थर का
D.चाँदी का

उत्तर:

पत्थर का

MediumNCERT
Q8.मनुष्य ने खेती का काम कब शुरू किया ?
A.1 हज़ार साल पहले
B.10 हज़ार साल पहले
C.500 साल पहले
D.1 लाख साल पहले

उत्तर:

10 हज़ार साल पहले

MediumNCERT