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Chapter 17

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Cost Accounting (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 16अध्याय 19 / 20Chapter 18

Chapter 17अध्ययन नोट्स

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17.1 मानक परिक्षण का अर्थ

परिभाषा

17.1 मानक परिक्षण का अर्थ

मानक परिक्षण (Standard Costing) एक ऐसी लागत लेखांकन तकनीक है जिसमें मानक लागतों का निर्धारण किया जाता है और वास्तविक लागतों की तुलना मानक लागतों से की जाती है। इसका उद्देश्य लागतों पर नियंत्रण रखना और लागतों में होने वाले विचलनों (variances) का विश्लेषण करना है। मानक परिक्षण के अंतर्गत प्रत्येक लागत तत्व (सीधा पदार्थ, सीधा श्रम, अन्य प्रत्यक्ष व्यय, अप्रत्यक्ष व्यय आदि) के लिए मानक लागतें निर्धारित की जाती हैं। इसके पश्चात् वास्तविक लागतों का तुलनात्मक विश्लेषण कर विचलनों के कारणों की पहचान की जाती है। यह तकनीक प्रबंधकों को लागत नियंत्रण, मूल्य निर्धारण, बजट निर्माण, और निर्णय लेने में सहायक होती है।

  • मानक परिक्षण लागत नियंत्रण की एक तकनीक है।
  • इसमें मानक लागतों का निर्धारण और वास्तविक लागतों से तुलना की जाती है।
  • विचलनों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।
  • यह तकनीक लागत लेखांकन का एक महत्वपूर्ण अंग है।
  • मानक परिक्षण से लागतों की योजना और नियंत्रण में सहायता मिलती है।
  • 📌 मानक लागत: पूर्व निर्धारित लागत जिसे आदर्श परिस्थितियों में प्राप्त किया जा सकता है।
  • 📌 वास्तविक लागत: उत्पादन में वास्तव में आई हुई लागत।
  • 📌 विचलन: मानक और वास्तविक लागत के बीच का अंतर।

17.2 मानक लागत निर्धारण की प्रक्रिया

व्याख्या

17.2 मानक लागत निर्धारण की प्रक्रिया

मानक लागत निर्धारण की प्रक्रिया में विभिन्न चरण होते हैं। सबसे पहले, प्रत्येक लागत तत्व के लिए मानक निर्धारित किए जाते हैं। इसमें कच्चा माल, श्रम, और अन्य व्ययों के मानक शामिल होते हैं। इसके लिए ऐतिहासिक आंकड़ों, तकनीकी अध्ययनों, और विशेषज्ञों की सलाह का उपयोग किया जाता है। मानक लागत निर्धारण के मुख्य चरण निम्नलिखित हैं: (1) लागत केंद्रों की पहचान, (2) मानक मात्रा और दर का निर्धारण, (3) मानक लागत का संकलन, (4) मानक लागतों की समीक्षा और अद्यतन। मानक लागत निर्धारण में सटीकता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे का विश्लेषण किया जाता है।

  • मानक लागत निर्धारण के लिए लागत केंद्रों की पहचान आवश्यक है।
  • प्रत्येक लागत तत्व के लिए मानक मात्रा और दर निर्धारित की जाती है।
  • मानक लागतों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
  • ऐतिहासिक आंकड़ों और तकनीकी अध्ययनों का उपयोग किया जाता है।
  • सटीक मानक लागत निर्धारण से विचलन विश्लेषण में सहायता मिलती है।
  • 📌 मानक मात्रा: किसी उत्पाद के लिए निर्धारित आदर्श मात्रा।
  • 📌 मानक दर: किसी लागत तत्व के लिए निर्धारित आदर्श दर।

17.3 मानक परिक्षण के लाभ

अवधारणा

17.3 मानक परिक्षण के लाभ

मानक परिक्षण के अनेक लाभ हैं, जिनमें प्रमुख हैं: लागत नियंत्रण, कार्यक्षमता में वृद्धि, प्रबंधन को त्वरित निर्णय लेने में सहायता, बजट निर्माण में सुविधा, और कर्मचारियों को प्रोत्साहन। मानक परिक्षण से लागतों में होने वाले अनावश्यक खर्चों की पहचान होती