Chapter 11
Chapter 11 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
11.1 परिचालन लागत निर्धारण विधि का परिचय
व्याख्या11.1 परिचालन लागत निर्धारण विधि का परिचय
परिचालन लागत निर्धारण विधि (Operating Costing Method) उन लागत निर्धारण विधियों में से एक है, जो मुख्य रूप से सेवा-उन्मुख उद्यमों में उपयोग की जाती है। यह विधि उन संगठनों के लिए उपयुक्त है, जहाँ उत्पादन के स्थान पर सेवाओं का वितरण होता है, जैसे कि परिवहन, विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति, हॉस्पिटल, होटल, आदि। परिचालन लागत निर्धारण विधि का उद्देश्य सेवा की प्रति इकाई लागत का निर्धारण करना है। इस विधि में सभी खर्चों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: स्थायी (Fixed) और परिवर्ती (Variable) खर्च। स्थायी खर्च वे होते हैं जो सेवा की मात्रा में परिवर्तन के बावजूद स्थिर रहते हैं, जैसे वाहन का बीमा, लाइसेंस शुल्क, आदि। परिवर्ती खर्च वे होते हैं जो सेवा की मात्रा के साथ बदलते हैं, जैसे ईंधन, रखरखाव, मजदूरी आदि। इस विधि में लागत पत्रक तैयार किया जाता है, जिसमें सभी खर्चों को सूचीबद्ध किया जाता है और प्रति इकाई लागत की गणना की जाती है।
- परिचालन लागत निर्धारण विधि सेवा-उन्मुख संस्थानों में प्रयुक्त होती है।
- इस विधि में खर्चों को स्थायी और परिवर्ती श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।
- लागत पत्रक के माध्यम से प्रति इकाई लागत का निर्धारण किया जाता है।
- यह विधि परिवहन, हॉस्पिटल, होटल आदि में उपयोगी है।
- सेवा की मात्रा के अनुसार खर्चों का विश्लेषण किया जाता है।
- उद्देश्य सेवा की प्रति इकाई लागत का सटीक निर्धारण है।
- 📌 परिचालन लागत: सेवा प्रदान करने के लिए किए गए कुल खर्च।
- 📌 स्थायी खर्च: वे खर्च जो सेवा की मात्रा के परिवर्तन से प्रभावित नहीं होते।
- 📌 परिवर्ती खर्च: वे खर्च जो सेवा की मात्रा के अनुसार बदलते हैं।
11.2 परिचालन लागत के तत्व
अवधारणा11.2 परिचालन लागत के तत्व
परिचालन लागत के तत्वों को समझना आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर लागत पत्रक तैयार किया जाता है। परिचालन लागत मुख्यतः दो भागों में विभाजित होती है: (1) स्थायी खर्च (Standing Charges) और (2) परिवर्ती खर्च (Running Charges)। स्थायी खर्च वे होते हैं, जो सेवा की मात्रा में परिवर्तन के बावजूद स्थिर रहते हैं, जैसे वाहन का बीमा, लाइसेंस शुल्क, चालक का वेतन, वाहन का कर, आदि। परिवर्ती खर्च वे होते हैं, जो सेवा की मात्रा के साथ बदलते हैं, जैसे ईंधन, तेल, रखरखाव, मरम्मत, मजदूरी आदि। इसके अतिरिक्त, कुछ खर्च अर्ध-परिवर्ती (Semi-variable) भी होते हैं, जो आंशिक रूप से परिवर्ती और आंशिक रूप से स्थायी होते हैं।
- परिचालन लागत के तत्व स्थायी, परिवर्ती और अर्ध-परिवर्ती खर्च होते हैं।
- स्थायी खर्च सेवा की मात्रा से प्रभावित नहीं होते।
- परिवर्ती खर्च सेवा की मात्रा के अनुसार बदलते हैं।
- अर्ध-परिवर्ती खर्च आंशिक रूप से परिवर्ती और स्थायी होते हैं।
- लागत पत्रक में सभी खर्चों का वर्गीकरण आवश्यक है।
- सही तत्वों की पहचान से लागत निर्धारण सटीक होता है।
- 📌 स्थायी खर्च: सेवा की मात्रा से अप्रभावित खर्च।
- 📌 परिवर्ती खर्च: सेवा की मात्रा के अनुसार बदलने वाले खर्च।
- 📌 अर्ध-परिवर्ती खर्च: आंशिक रूप से स्थायी और आंशिक रूप से परिवर्ती खर्च।
11.3 परिचालन लागत पत्रक की संरचना
व्याख्या11.3 परिचालन लागत पत्रक की संरचना
परिचालन लागत पत्रक (Operating Cost Sheet) वह दस्तावेज है, जिसमें सभी खर्चों को व्यवस्थित रूप से सूचीबद्ध किया जाता है और प्रति सेवा इकाई लागत का निर्धारण किया जाता है। लागत पत्रक में सबसे पहले स्थायी खर्चों को दर्शाया जाता है, जैसे बीमा, लाइसेंस शुल्
SLM - Cost Accounting (Hindi) के सभी 20 अध्याय
Cost Accounting · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →