Chapter 17
Chapter 17 — अध्ययन नोट्स
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17.1 सरकारी कंपनियों का परिचय
व्याख्या17.1 सरकारी कंपनियों का परिचय
सरकारी कंपनियाँ वे कंपनियाँ होती हैं जिनमें केंद्र या राज्य सरकार की हिस्सेदारी 51% या उससे अधिक होती है। इन कंपनियों का गठन भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किया जाता है। सरकारी कंपनियाँ सार्वजनिक हित के लिए कार्य करती हैं और इनका उद्देश्य लाभ कमाने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास भी होता है। इन कंपनियों के संचालन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और अंकेक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकारी कंपनियों की संरचना, प्रबंधन और अंकेक्षण में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इन कंपनियों के निदेशक मंडल में सरकारी प्रतिनिधि होते हैं और इनके वित्तीय लेन-देन का अंकेक्षण नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा किया जाता है।
- सरकारी कंपनियों में सरकार की न्यूनतम 51% हिस्सेदारी होती है।
- भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत इनका गठन होता है।
- लाभ के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास इनका उद्देश्य है।
- इनका संचालन पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ होता है।
- निदेशक मंडल में सरकारी प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
- अंकेक्षण नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा किया जाता है।
- 📌 सरकारी कंपनी: ऐसी कंपनी जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 51% या उससे अधिक हो।
- 📌 निदेशक मंडल: कंपनी का प्रबंधन करने वाला समूह।
- 📌 CAG: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, जो सरकारी कंपनियों का अंकेक्षण करता है।
17.2 सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण की आवश्यकता
अवधारणा17.2 सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण की आवश्यकता
सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि उनके वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और विश्वसनीयता बनी रहे। अंकेक्षण से यह सुनिश्चित होता है कि कंपनी के खाते सही तरीके से बनाए गए हैं और किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार नहीं है। चूंकि सरकारी कंपनियाँ सार्वजनिक धन का उपयोग करती हैं, इसलिए उनके अंकेक्षण से जनता को विश्वास मिलता है कि धन का सही उपयोग हो रहा है। अंकेक्षण के माध्यम से कंपनी की वित्तीय स्थिति, लाभ-हानि, संपत्ति और देनदारियों का मूल्यांकन किया जाता है।
- अंकेक्षण से वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता आती है।
- सरकारी कंपनियों में उत्तरदायित्व और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
- सार्वजनिक धन के उपयोग की निगरानी होती है।
- कंपनी की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन होता है।
- अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की रोकथाम होती है।
- जनता को विश्वास मिलता है कि धन का सही उपयोग हो रहा है।
- 📌 अंकेक्षण: वित्तीय खातों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया।
- 📌 पारदर्शिता: स्पष्ट और खुले तरीके से कार्य करना।
- 📌 उत्तरदायित्व: जिम्मेदारी और जवाबदेही।
17.3 सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण के कानूनी प्रावधान
व्याख्या17.3 सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण के कानूनी प्रावधान
सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण के लिए भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अधिनियम, 1971 के तहत विशेष प्रावधान किए गए हैं। कंपनी अधिनियम के अनुसार, सरकारी कंपनियों के अंकेक्षण के लिए CAG द्वारा नियुक्त ऑडिटर होते हैं। CAG को
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Auditing · Vardhman Mahaveer Open University
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