Ch 14निःशुल्क

Chapter 14

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Real Analysis & Metric Space (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 13अध्याय 12 / 13Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

14.1 उपसमितियाँ (Subsets)

व्याख्या

14.1 उपसमितियाँ (Subsets)

इस अनुभाग में उपसमितियाँ की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। यदि कोई सेट A है और सेट B है, तो A को B का उपसमिति कहा जाता है यदि A का प्रत्येक तत्व B में भी उपस्थित हो। इसे A ⊆ B द्वारा दर्शाया जाता है। उपसमितियाँ गणित में मूलभूत भूमिका निभाती हैं, क्योंकि वे किसी सेट के भीतर विभिन्न संभावित समूहों को दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए, यदि B = {1, 2, 3}, तो A = {1, 2} एक उपसमिति है। यदि कोई सेट A, सेट B का उपसमिति है और A ≠ B, तो A को B का उचित उपसमिति (Proper Subset) कहा जाता है। प्रत्येक सेट में दो विशेष उपसमितियाँ होती हैं: शून्य समुच्चय (∅) और स्वयं समुच्चय। उपसमितियों की कुल संख्या 2^n होती है, जहाँ n सेट के तत्वों की संख्या है।

  • A ⊆ B का अर्थ है A का प्रत्येक तत्व B में है।
  • A ⊂ B का अर्थ है A, B का उचित उपसमिति है।
  • किसी n तत्वों वाले सेट की उपसमितियों की कुल संख्या 2^n होती है।
  • शून्य समुच्चय (∅) और स्वयं समुच्चय हमेशा उपसमिति होते हैं।
  • उपसमितियाँ सेट थ्योरी की आधारशिला हैं।
  • 📌 उपसमिति: ऐसा समुच्चय जिसके सभी तत्व किसी अन्य समुच्चय में हों।
  • 📌 शून्य समुच्चय: कोई तत्व नहीं रखने वाला समुच्चय (∅)।
  • 📌 उचित उपसमिति: A ⊂ B, जहाँ A ≠ B।

14.2 गणन समितियाँ (Counting Subsets)

व्याख्या

14.2 गणन समितियाँ (Counting Subsets)

इस अनुभाग में उपसमितियों की गणना के तरीके को विस्तार से समझाया गया है। यदि किसी सेट में n तत्व हैं, तो उसकी उपसमितियों की कुल संख्या 2^n होती है। इसका कारण यह है कि प्रत्येक तत्व को दो विकल्प मिलते हैं: या तो वह उपसमिति में शामिल होगा या नहीं। उचित उपसमितियों की संख्या 2^n - 1 होती है, क्योंकि स्वयं समुच्चय को उचित उपसमिति में नहीं गिना जाता। यह गणना बाइनरी विकल्पों पर आधारित है। उदाहरण के लिए, यदि S = {1, 2, 3}, तो उपसमितियाँ: ∅, {1}, {2}, {3}, {1,2}, {1,3}, {2,3}, {1,2,3} कुल 8 हैं।

  • n तत्वों वाले सेट की उपसमितियाँ = 2^n
  • उचित उपसमितियाँ = 2^n - 1
  • प्रत्येक तत्व के लिए दो विकल्प होते हैं।
  • गणना बाइनरी विकल्पों पर आधारित है।
  • यह सिद्धांत सेट थ्योरी में महत्वपूर्ण है।
  • 📌 गणन समिति: उपसमितियों की कुल संख्या का निर्धारण।
  • 📌 उचित उपसमिति: स्वयं समुच्चय को छोड़कर सभी उपसमितियाँ।

14.3 संतत फलन (Continuous Functions)

व्याख्या

14.3 संतत फलन (Continuous Functions)

इस अनुभाग में संतत फलन की परिभाषा, गुण, और उदाहरण दिए गए हैं। यदि कोई फलन f: X → Y है, तो f को संतत कहा जाता है यदि प्रत्येक बिंदु x₀ ∈ X के लिए, f(x) का मान x₀ के समीपस्थ बिंदुओं पर f(x₀) के समीपस्थ रहता है। गणितीय रूप से, f संतत है यदि lim x→x₀ f(x