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Chapter 11

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Chapter 10अध्याय 11 / 14Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

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11.1 भूमिका (Introduction)

व्याख्या

11.1 भूमिका (Introduction)

त्रिविमीय ज्यामिति वह शाखा है जो त्रि-आयामी स्थान में बिंदुओं, रेखाओं, तल और ठोस आकृतियों का अध्ययन करती है। हम जानते हैं कि किसी तल में स्थित एक बिंदु की स्थिति निर्धारित करने के लिए हमें उस तल में दो परस्पर लंब और प्रतिच्छेदित रेखाओं से दूरी की आवश्यकता होती है, जिन्हें निर्देशांक कहते हैं। परंतु वास्तविक जीवन में हमें केवल दो आयामों में स्थित बिंदुओं की स्थिति ही नहीं, बल्कि तीन आयामों में स्थित बिंदुओं की स्थिति भी जाननी होती है। उदाहरण के लिए, अंतरिक्ष में फेंकी गई गेंद की स्थिति, वायुयान की उड़ान के दौरान उसकी स्थिति, कमरे में लटकते हुए बल्ब की नोक की स्थिति आदि। इन सभी स्थितियों को समझने के लिए हमें तीन परस्पर लंबवत तलों से लंबवत दूरियों की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में किसी बिंदु के तीन निर्देशांक होते हैं, जो उस बिंदु की स्थिति को पूर्ण रूप से निरूपित करते हैं। इस अध्याय में हम त्रिविमीय अंतरिक्ष में ज्यामिति की मूलभूत संकल्पनाओं का अध्ययन करेंगे।

  • त्रिविमीय ज्यामिति तीन आयामों वाले स्थान में बिंदुओं और आकृतियों का अध्ययन है।
  • दो आयामी तल में बिंदु की स्थिति के लिए दो निर्देशांकों की आवश्यकता होती है।
  • वास्तविक जीवन में तीन आयामी स्थान में बिंदुओं की स्थिति जानना आवश्यक होता है।
  • तीन परस्पर लंबवत तलों से लंबवत दूरियाँ बिंदु के तीन निर्देशांक होती हैं।
  • त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में बिंदु की स्थिति तीन संख्याओं के क्रमित त्रिदिक (x, y, z) से व्यक्त होती है।
  • 📌 त्रिविमीय ज्यामिति: तीन आयामों वाले स्थान में ज्यामिति का अध्ययन।
  • 📌 निर्देशांक: किसी बिंदु की स्थिति को निरूपित करने वाली संख्याएँ।
  • 📌 परस्पर लंबवत तल: तीन ऐसे तल जो एक-दूसरे के प्रति 90° पर स्थित हों।

11.2 त्रिविमीय अंतरिक्ष में निर्देशांक और निर्देशांक-तल (Coordinate Axes and Coordinate Planes in Three Dimensional Space)

व्याख्या

11.2 त्रिविमीय अंतरिक्ष में निर्देशांक और निर्देशांक-तल (Coordinate Axes and Coordinate Planes in Three Dimensional Space)

त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में तीन परस्पर लंबवत रेखाएँ होती हैं जिन्हें x-अक्ष, y-अक्ष और z-अक्ष कहते हैं। ये तीनों रेखाएँ बिंदु O पर प्रतिच्छेदित होती हैं, जिसे मूल बिंदु (origin) कहा जाता है। इन तीन अक्षों के आधार पर तीन निर्देशांक तल बनते हैं: XY-तल, YZ-तल, और ZX-तल। ये तीन तल अंतरिक्ष को आठ भागों में बाँटते हैं जिन्हें अष्टांश (octants) कहा जाता है। प्रत्येक अष्टांश में x, y, और z के मान धनात्मक या ऋणात्मक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, XY-तल को कागज के तल के रूप में लिया जाता है और z-अक्ष को कागज के तल के लंबवत ऊपर की ओर माना जाता है। इस व्यवस्था में z-अक्ष की ऊपर की ओर दूरी धनात्मक और नीचे की ओर दूरी ऋणात्मक होती है। इसी प्रकार x और y के मान भी उनके दिशा के अनुसार धनात्मक या ऋणात्मक होते हैं। इस प्रकार त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में किसी बिंदु की स्थिति को तीन अक्षों के सापेक्ष उसकी दूरी से निरूपित किया जाता है।

  • त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में तीन परस्पर लंबवत अक्ष होते हैं: x, y, और z।
  • तीन अक्ष बिंदु O पर प्रतिच्छेदित होते हैं, जिसे मूल बिंदु कहते हैं।
  • तीन निर्देशांक तल होते हैं: XY-तल, YZ-तल, और ZX-तल।
  • तीन तल अंतरिक्ष को आठ भागों (अष्टांश) में विभाजित करते हैं।
  • अष्टांशों में x, y, z के चिह्न धनात्मक या ऋणात्मक होते हैं।
  • 📌 निर्देशांक अक्ष: x, y, z रेखाएँ जो मूल बिंदु पर प्रतिच्छेदित होती हैं।
  • 📌 निर्देशांक तल: XY, YZ, ZX तल जो अक्षों के द्वारा बनते हैं।
  • 📌 अष्टांश: त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में आठ भाग।

11.3 अंतरिक्ष में एक बिंदु के निर्देशांक (Coordinates of a Point in Space)

व्याख्या

11.3 अंतरिक्ष में एक बिंदु के निर्देशांक (Coordinates of a Point in Space)

त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली में किसी बिंदु P की स्थिति उसके तीन निर्देशांकों (x, y, z) द्वारा व्यक्त की जाती है। इसके लिए बिंदु P से XY-तल पर लंब खींचकर पाद बिंदु M प्राप्त किया जाता है। फिर M से x-अक्ष पर लंब खींचकर बिंदु L प्राप्त होता है। यदि OL

अभ्यास प्रश्नChapter 11

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. एक बिंदु x-अक्ष पर स्थित है। इसके y-निर्देशांक तथा z-निर्देशांक क्या हैं?

उत्तर:

यदि बिंदु x-अक्ष पर स्थित है, तो इसका y-निर्देशांक और z-निर्देशांक दोनों शून्य होंगे। अर्थात् y = 0 और z = 0।

व्याख्या:

x-अक्ष पर स्थित बिंदुओं के लिए y और z निर्देशांक शून्य होते हैं क्योंकि वे x-अक्ष पर ही होते हैं।

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Q2.2. एक बिंदु XZ-तल में है। इसके y-निर्देशांक के बारे में आप क्या कह सकते हैं?

उत्तर:

यदि बिंदु XZ-तल में स्थित है, तो इसका y-निर्देशांक शून्य होगा। अर्थात् y = 0।

व्याख्या:

XZ-तल में y-निर्देशांक शून्य होता है क्योंकि यह तल y-अक्ष के समांतर नहीं होता।

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Q3.3. उन अष्टांशों के नाम बताइए, जिनमें निम्नलिखित बिंदु स्थित हैं। (1, 2, 3), (4, -2, 3), (4, -2, -5), (4, 2, -5), (-4, 2, -5), (-4, 2, 5), (-3, -1, 6) (-2, -4, -7)

उत्तर:

अष्टांशों के नाम निम्नलिखित हैं: 1) (1, 2, 3): सभी निर्देशांक धनात्मक हैं → प्रथम अष्टांश 2) (4, -2, 3): x धनात्मक, y ऋणात्मक, z धनात्मक → चौथा अष्टांश 3) (4, -2, -5): x धनात्मक, y ऋणात्मक, z ऋणात्मक → आठवां अष्टांश 4) (4, 2, -5): x धनात्मक, y धनात्मक, z ऋणात्मक → तीसरा अष्टांश 5) (-4, 2, -5): x ऋणात्मक, y धनात्मक, z ऋणात्मक → छठा अष्टांश 6) (-4, 2, 5): x ऋणात्मक, y धनात्मक, z धनात्मक → पाँचवां अष्टांश 7) (-3, -1, 6): x ऋणात्मक, y ऋणात्मक, z धनात्मक → सातवां अष्टांश 8) (-2, -4, -7): सभी निर्देशांक ऋणात्मक → आठवां अष्टांश

व्याख्या:

अष्टांशों का निर्धारण x, y, z निर्देशांकों के चिह्नों के आधार पर किया जाता है। सभी धनात्मक प्रथम अष्टांश, x धनात्मक y ऋणात्मक आदि के अनुसार अष्टांश निर्धारित होते हैं।

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Q4.4. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए: (i) x-अक्ष और y-अक्ष दोनों एक साथ मिल कर एक तल बनाते हैं, उस तल को ______ कहते हैं। (ii) XY-तल में एक बिंदु के निर्देशांक ______ रूप के होते हैं। (iii) निर्देशांक तल अंतरिक्ष को ______ अष्टांश में विभाजित करते हैं।

उत्तर:

(i) x-अक्ष और y-अक्ष दोनों मिल कर XY-तल बनाते हैं। (ii) XY-तल में एक बिंदु के निर्देशांक (x, y, 0) रूप के होते हैं। (iii) निर्देशांक तल अंतरिक्ष को 8 अष्टांश में विभाजित करते हैं।

व्याख्या:

x और y अक्ष मिलकर XY-तल बनाते हैं। XY-तल में z निर्देशांक शून्य होता है। निर्देशांक तल (XY, YZ, ZX) मिलकर अंतरिक्ष को 8 अष्टांशों में विभाजित करते हैं।

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Q5.1. निम्नलिखित बिंदु-युग्मों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए: (i) (2, 3, 5) और (4, 3, 1) (ii) (-3, 7, 2) और (2, 4, -1) (iii) (-1, 3, -4) और (1, -3, 4) (iv) (2, -1, 3) और (-2, 1, 3)

उत्तर:

दूरी सूत्र: दो बिंदुओं A(x_1,y_1,z_1) और B(x_2,y_2,z_2) के बीच दूरी = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2 + (z_2 - z_1)^2} (i) (2,3,5) और (4,3,1) के बीच दूरी: = \sqrt{(4-2)^2 + (3-3)^2 + (1-5)^2} = \sqrt{2^2 + 0 + (-4)^2} = \sqrt{4 + 16} = \sqrt{20} = 2\sqrt{5} (ii) (-3,7,2) और (2,4,-1) के बीच दूरी: = \sqrt{(2+3)^2 + (4-7)^2 + (-1-2)^2} = \sqrt{5^2 + (-3)^2 + (-3)^2} = \sqrt{25 + 9 + 9} = \sqrt{43} (iii) (-1,3,-4) और (1,-3,4) के बीच दूरी: = \sqrt{(1+1)^2 + (-3-3)^2 + (4+4)^2} = \sqrt{2^2 + (-6)^2 + 8^2} = \sqrt{4 + 36 + 64} = \sqrt{104} = 2\sqrt{26} (iv) (2,-1,3) और (-2,1,3) के बीच दूरी: = \sqrt{(-2-2)^2 + (1+1)^2 + (3-3)^2} = \sqrt{(-4)^2 + 2^2 + 0} = \sqrt{16 + 4} = \sqrt{20} = 2\sqrt{5}

व्याख्या:

प्रत्येक जोड़े के लिए दूरी सूत्र का प्रयोग किया गया है। दूरी = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2 + (z_2 - z_1)^2} सभी निर्देशांकों के अंतर के वर्गों का योग लेकर उसका वर्गमूल निकाला गया।

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Q6.2. दशाइए कि बिंदु (-2, 3, 5) (1, 2, 3) और (7, 0, -1) संरेख हैं।

उत्तर:

तीन बिंदु संरेख हैं यदि वे एक ही रेखा पर स्थित हों, अर्थात् यदि दो वेक्टर collinear हों। बिंदु A(-2,3,5), B(1,2,3), C(7,0,-1) हैं। वेक्टर AB = B - A = (1+2, 2-3, 3-5) = (3, -1, -2) वेक्टर BC = C - B = (7-1, 0-2, -1-3) = (6, -2, -4) यदि AB और BC collinear हैं, तो BC = k * AB के लिए कोई k होगा। तुलना करें: 6 = 3k => k=2 -2 = -1*k => k=2 -4 = -2*k => k=2 तीनों मान k के समान हैं, अतः AB और BC collinear हैं। इसलिए बिंदु A, B, C संरेख हैं।

व्याख्या:

तीन बिंदु संरेख हैं यदि उनके बीच के दो वेक्टर एक-दूसरे के समानुपाती हों। यहाँ AB और BC वेक्टरों के अनुपात समान हैं, इसलिए वे collinear हैं।

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Q7.3. निम्नलिखित को सत्यापित कीजिए: (i) (0, 7, -10), (1, 6, -6) और (4, 9, -6) एक समद्विबाहु त्रिभुज के शीर्ष हैं। (ii) (0, 7, 10), (-1, 6, 6) और (-4, 9, 6) एक समकोण त्रिभुज के शीर्ष हैं। (iii) (-1, 2, 1), (1, -2, 5), (4, -7, 8) और (2, -3, 4) एक समांतर चतुर्भुज के शीर्ष हैं।

उत्तर:

(i) समद्विबाहु त्रिभुज के लिए दो भुजाओं की लंबाई समान होनी चाहिए। बिंदु A(0,7,-10), B(1,6,-6), C(4,9,-6) AB = \sqrt{(1-0)^2 + (6-7)^2 + (-6+10)^2} = \sqrt{1 + 1 + 16} = \sqrt{18} = 3\sqrt{2} BC = \sqrt{(4-1)^2 + (9-6)^2 + (-6+6)^2} = \sqrt{9 + 9 + 0} = \sqrt{18} = 3\sqrt{2} AC = \sqrt{(4-0)^2 + (9-7)^2 + (-6+10)^2} = \sqrt{16 + 4 + 16} = \sqrt{36} = 6 चूंकि AB = BC, त्रिभुज समद्विबाहु है। (ii) समकोण त्रिभुज के लिए दो भुजाओं का आंतरिक गुणनफल शून्य होना चाहिए। बिंदु A(0,7,10), B(-1,6,6), C(-4,9,6) वेक्टर AB = (-1-0, 6-7, 6-10) = (-1, -1, -4) वेक्टर BC = (-4+1, 9-6, 6-6) = (-3, 3, 0) AB · BC = (-1)(-3) + (-1)(3) + (-4)(0) = 3 - 3 + 0 = 0 इसलिए त्रिभुज समकोण है। (iii) समांतर चतुर्भुज के लिए, यदि ABCD के शीर्ष हैं, तो AB और DC समान और AD और BC समान होने चाहिए। बिंदु A(-1,2,1), B(1,-2,5), C(4,-7,8), D(2,-3,4) AB = (1+1, -2-2, 5-1) = (2, -4, 4) DC = (2-4, -3+7, 4-8) = (-2, 4, -4) = -1 * AB AD = (2+1, -3-2, 4-1) = (3, -5, 3) BC = (4-1, -7+2, 8-5) = (3, -5, 3) चूंकि AB = -DC और AD = BC, इसलिए ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

व्याख्या:

प्रत्येक भाग में दूरी सूत्र और वेक्टर गुणनफल का प्रयोग किया गया है। (i) दो भुजाओं की लंबाई समान पाई गई। (ii) दो भुजाओं का आंतरिक गुणनफल शून्य पाया गया। (iii) सम्मुख भुजाएँ समान और समानुपाती पाई गईं।

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Q8.4. ऐसे बिंदुओं के समुच्चय का समीकरण ज्ञात कीजिए जो बिंदु (1, 2, 3) और (3, 2, -1) से समदूरस्थ हैं।

उत्तर:

कोई बिंदु P(x, y, z) बिंदुओं A(1, 2, 3) और B(3, 2, -1) से समदूरस्थ है यदि PA = PB हो। PA = \sqrt{(x-1)^2 + (y-2)^2 + (z-3)^2} PB = \sqrt{(x-3)^2 + (y-2)^2 + (z+1)^2} PA = PB \Rightarrow (x-1)^2 + (y-2)^2 + (z-3)^2 = (x-3)^2 + (y-2)^2 + (z+1)^2 साधारण करें: (x-1)^2 - (x-3)^2 + (z-3)^2 - (z+1)^2 = 0 \Rightarrow [(x-1) - (x-3)] \times [(x-1) + (x-3)] + [(z-3) - (z+1)] \times [(z-3) + (z+1)] = 0 \Rightarrow (2)(2x - 4) + (-4)(2z - 2) = 0 \Rightarrow 4x - 8 - 8z + 8 = 0 \Rightarrow 4x - 8z = 0 \Rightarrow 2x - 4z = 0 \Rightarrow x - 2z = 0 अतः समीकरण है: x - 2z = 0

व्याख्या:

दो बिंदुओं से समदूरस्थ बिंदुओं का स्थान मध्यवर्ती तल (plane) होता है। PA = PB की शर्त से समीकरण निकाला गया। साधारण करके तल का समीकरण प्राप्त किया गया।

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