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Chapter 10

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Political Theory & Thought (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 16Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 परिचय

व्याख्या

10.1 परिचय

इस अनुभाग में थॉमस हॉब्स के जीवन, उनके ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ तथा उनके राजनीतिक विचारों की पृष्ठभूमि का परिचय दिया गया है। हॉब्स का जन्म 1588 में इंग्लैंड में हुआ था, और उनका जीवन इंग्लैंड के गृहयुद्ध के दौरान व्यतीत हुआ। इस समय समाज में अस्थिरता, धार्मिक संघर्ष और राजनीतिक उथल-पुथल थी। हॉब्स ने अपने विचारों में मानव प्रकृति, सामाजिक अनुबंध और राज्य की आवश्यकता को केंद्र में रखा। उनका प्रमुख ग्रंथ 'लेवायथन' 1651 में प्रकाशित हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य की उत्पत्ति, उसकी शक्ति और नागरिकों की भूमिका का विश्लेषण किया। हॉब्स के विचारों ने आधुनिक राजनीतिक विचारधारा को गहराई से प्रभावित किया।

  • थॉमस हॉब्स का जन्म 1588 में इंग्लैंड में हुआ।
  • उनका जीवन इंग्लैंड के गृहयुद्ध के दौरान व्यतीत हुआ।
  • हॉब्स ने 'लेवायथन' नामक ग्रंथ में राज्य की उत्पत्ति और शक्ति का विश्लेषण किया।
  • उनके विचारों का आधार मानव प्रकृति और सामाजिक अनुबंध है।
  • हॉब्स के विचारों ने आधुनिक राजनीतिक विचारधारा को प्रभावित किया।
  • 📌 राज्य: वह संस्था जो समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखती है।
  • 📌 सामाजिक अनुबंध: वह समझौता जिसके तहत व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता राज्य को सौंपता है।

10.2 मानव प्रकृति

अवधारणा

10.2 मानव प्रकृति

हॉब्स के अनुसार, मानव प्रकृति स्वार्थी और प्रतिस्पर्धात्मक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक अवस्था में प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र होता है और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए संघर्ष करता है। इस अवस्था में 'सभी के विरुद्ध सभी की स्थिति' (Bellum omnium contra omnes) होती है। हॉब्स के अनुसार, मानव में भय, स्वार्थ, और सत्ता की इच्छा प्रमुख होती है। प्राकृतिक अवस्था में कोई कानून, न्याय या सुरक्षा नहीं होती, जिससे जीवन 'निराशाजनक, क्रूर और छोटा' (solitary, poor, nasty, brutish, and short) होता है। हॉब्स ने तर्क दिया कि मानव स्वभाव के कारण समाज में शांति और सुरक्षा के लिए एक शक्तिशाली राज्य की आवश्यकता है।

  • हॉब्स के अनुसार मानव स्वभाव स्वार्थी और प्रतिस्पर्धात्मक है।
  • प्राकृतिक अवस्था में कोई कानून या सुरक्षा नहीं होती।
  • जीवन 'निराशाजनक, क्रूर और छोटा' होता है।
  • सभी के विरुद्ध सभी की स्थिति होती है।
  • राज्य की आवश्यकता मानव स्वभाव से उत्पन्न होती है।
  • 📌 Bellum omnium contra omnes: सभी के विरुद्ध सभी की स्थिति।
  • 📌 प्राकृतिक अवस्था: वह स्थिति जिसमें राज्य या कानून नहीं होता।

10.3 सामाजिक अनुबंध

व्याख्या

10.3 सामाजिक अनुबंध

हॉब्स के अनुसार, सामाजिक अनुबंध वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों को एक केंद्रीय सत्ता (राज्य) को सौंप देते हैं। यह अनुबंध स्वैच्छिक होता है और इसका उद्देश्य शांति, सुरक्षा और व्यवस्था स्थापित करना है। हॉब्स ने कहा कि सभी व्य