Scienceकक्षा 9ध्वनिहिंदी

ध्वनि | Class 9 Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

ध्वनि | Class 9 Science Notes

ध्वनि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ध्वनि from Class 9 Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

ध्वनि का उत्पादन

ध्वनि का उत्पादन किसी वस्तु के कंपन (vibration) के कारण होता है। जब कोई वस्तु तेजी से बार-बार इधर-उधर गति करती है, तो उसे कंपमान वस्तु कहते हैं। ध्वनि उत्पन्न करने के लिए वस्तु का कंपन आवश्यक होता है। उदाहरण के लिए, जब हम स्वरित्र (tuning fork) को किसी कठोर सतह से मारते हैं, तो वह कंपन करने लगता है और ध्वनि उत्पन्न करता है। इस कंपन के कारण स्वरित्र की भुजाएँ कंपन करती हैं, जो वायु के कणों को कंपन के लिए प्रेरित करती हैं। इसी प्रकार, विभिन्न वाद्य यंत्रों में भी ध्वनि उत्पन्न करने वाले भाग कंपन करते हैं। ध्वनि उत्पन्न करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हम किसी वस्तु को हिलाकर या मारकर प्रदान करते हैं।

ध्वनि उत्पन्न करने के लिए कंपन आवश्यक है क्योंकि कंपन के बिना ध्वनि उत्पन्न नहीं होती। कंपन के कारण वस्तु के आस-पास के माध्यम के कण भी कंपन करते हैं, जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। मनुष्य की आवाज़ भी वाक-तंतुओं के कंपन के कारण उत्पन्न होती है। पक्षी पंख फड़फड़ाने पर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, मक्खी के भिनभिनाने की ध्वनि भी पंखों के तेज़ कंपन के कारण होती है। इस प्रकार, ध्वनि का स्रोत वह वस्तु होती है जो कंपन करती है।

इस अनुभाग में स्वरित्र के साथ किए गए क्रियाकलापों से यह स्पष्ट होता है कि कंपमान वस्तु से ही ध्वनि उत्पन्न होती है। स्वरित्र की भुजा को स्पर्श करने पर कंपन महसूस होते हैं और ध्वनि सुनाई देती है। जब स्वरित्र की भुजा से लटकी हुई गेंद को स्पर्श किया जाता है, तो गेंद भी कंपन करने लगती है, जिससे ध्वनि के प्रसार का अनुभव होता है। पानी में स्वरित्र की भुजाओं को डुबोने पर भी ध्वनि उत्पन्न होती है, जो यह दर्शाता है कि ध्वनि तरंगें विभिन्न माध्यमों में संचरित होती हैं।

📊 Diagram: चित्र 11.1: कंपमान स्वरिल द्विभुज लटकी हुई टेबल टेनिस की गेंद को स्पर्श करते हुए

🧪 Activity: क्रियाकलाप 11.1: स्वरित्र की भुजा को रबड़ के पैड पर मारकर कंपित करना, उसे कान के समीप लाना, गेंद को स्पर्श कराना, और पानी में स्वरित्र की भुजाओं को डुबोकर ध्वनि उत्पन्न करना।

🔗 Connection: यह अनुभाग ध्वनि के उत्पादन के बाद ध्वनि के संचरण की प्रक्रिया को समझने के लिए आधार प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधारणा - ध्वनि का संचरण ध्वनि का ज़ोर मापने के लिए प्रयुक्त होने वाली इकाई क्या है?

डेसिबल

अवधारणा - ध्वनि का संचरण एक संगीत समारोह में ऑर्केस्ट्रा बजाने से पहले, एक सितारवादक तार के तनाव को समायोजित करने की कोशिश में तार को उपयुक्त रूप से बांधता है। ऐसा करके, वह समायोजित कर रहा है- (i) ध्वनि का आयाम (ii) अन्य संगीत वाद्ययंत्र की आवृत्ति के साथ सितार तार की आवृत्ति (iii) ध्वनि की तीव्रता (iv) आवाज का तेज होना सही विकल्प चुनें:

केवल (ii)

कर्ण का कौन सा भाग ध्वनि को बढ़ा देती है?

मुग्दरक, निहाई तथा वलयक

अवधारणा - ध्वनि का संचरण यांत्रिक पियानो की एक कुंजी को पहले धीरे से मारा जाता है और फिर अगली बार बहुत तेज़ी से मारा जाता है। दूसरे मामले में आप ध्वनि में किस तरह का बदलाव देखंगे-

ध्वनि तेज होगी लेकिन तारत्व कम होगा

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा ध्वनि अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#class 9#ncert#science

और पढ़ें