Biologyकक्षा 12पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजननहिंदी

पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन | Class 12 Biology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन | Class 12 Biology Notes

पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन from Class 12 Biology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

1.4 निषेचन — पश्च-संरचनाएँ एवं घटनाएँ

निषेचन के पश्चात् भ्रूणपोष और भ्रूण का विकास होता है। प्राथमिक भ्रूणपोष कोशिका बार-बार विभाजित होकर भ्रूणपोष ऊतक बनाती है जो संरक्षित खाद्य सामग्री से भरपूर होता है और भ्रूण के पोषण के लिए आवश्यक होता है। भ्रूणपोष विकास की प्रारंभिक अवस्था को मुक्त केंद्रकी भ्रूणपोष (फ्रीन्यूकिलियर इंडोस्यर्म) कहा जाता है। इसके बाद कोशिका भित्ति बनती है और कोशकीय भ्रूणपोष बनता है।

भ्रूण विकास की प्रारंभिक अवस्थाएँ प्राक्भ्रूण, गोलाकार, हृदयाकार और परिपक्वता होती हैं। द्विबीजपत्री भ्रूण में दो बीजपत्र, भ्रूण अक्ष और बीजपत्राधार होते हैं। एकबीजपत्री भ्रूण में एक बीजपत्र (स्कुटेलम) होता है।

निषेचन के बाद अंडाशय फल में और बीजांड बीज में विकसित होता है। बीज में बीज आवरण, बीजपत्र और भ्रूण अक्ष होते हैं। बीजपत्र में आरक्षित आहार होता है जो भ्रूण के विकास में सहायक होता है। फल का विकास अंडाशय की दीवार से होता है जिसे फलभित्ति कहते हैं। कुछ फलों में पुष्प के अन्य भाग भी शामिल होते हैं जिन्हें आभासी फल कहा जाता है।

कुछ प्रजातियों में बिना निषेचन के फल विकसित होते हैं जिन्हें अनिषेकजनित फल कहते हैं। बीज की जीवन क्षमता और प्रसुप्ति भी इस चरण में महत्वपूर्ण होती है।

📊 Diagram: चित्र 1.14 (अ) एक प्ररूपी द्विबीजपत्री भ्रूण (ब) एक घास के भ्रूण का अनुप्रस्थ काट; चित्र 1.15 (अ) कुछ बीजों की संरचना (ब) सेब एवं स्ट्राबेरी के आभासी फल

🧪 Activity: बीजों को रात भर पानी में भिगोकर उनके भ्रूण और बीजपत्रों का अवलोकन करें।

🔗 Connection: यह अनुभाग निषेचन के पश्चात की घटनाओं को समझाता है, जो अगले अनुभाग में असंगजनन और बहुभ्रूणता की अवधारणाओं से जुड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गन्ने और अदरक जैसे पौधों के नोड से वनस्पित प्रसार की उपिस्थित मुख्य रूप से है?

नोड्स में मेिरस्टेमेिटक कोिशकाएँ होती हैं

चावल के पौधे के नर युग्मक के नािभक में 12 गुणसूत्र होते हैं। मादा युग्मक, युग्मनज और अंकु र की कोिशकाओ ं में गुणसूत्र संख्या क्रमशः होगी,

12,24,24

1. एक आवृत्तबीजी पुष्प के उन अंगों के नाम बताएँ; जहाँ नर एवं मादा युग्मकोद्भिद का विकास होता है?

आवृत्तबीजी पुष्प में नर युग्मकोद्भिद का विकास परागकोष में होता है, जबकि मादा युग्मकोद्भिद का विकास अंडाशय में होता है। नर युग्मकोद्भिद परागकण के भीतर परागमातृ कोशिका से विकसित होता है। मादा युग्मकोद्भिद अंडाणु के भीतर अंडाणु कोशिका से विकसित होता है।

2. लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजाणुधानी के बीच अंतर स्पष्ट करें? इन घटनाओं के दौरान किस प्रकार का कोशिका विभाजन संपन्न होता है? इन दोनों घटनाओं के अंत में बनने वाली संरचनाओं के नाम बताएँ?

लघुबीजाणुधानी वह संरचना है जिसमें लघुबीजाणु (नर युग्मकोशिका) विकसित होता है, जबकि गुरूबीजाणुधानी वह संरचना है जिसमें गुरूबीजाणु (मादा युग्मकोशिका) विकसित होता है। दोनों घटनाओं के दौरान माइटोसिस (कोशिका विभाजन) होता है। लघुबीजाणुधानी के अंत में परागकोशिका और परागकण बनते हैं, जबकि गुरूबीजाणुधानी के अंत में अंडाणु और युग्मकोद्भिद बनते हैं।

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