नियंत्रण | Class 12 Business Studies Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

नियंत्रण – this guide gives you a concise, exam-ready overview of नियंत्रण from Class 12 Business Studies, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
विषय प्रवेश
नियंत्रण प्रबंधकीय कार्यों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। यह प्रक्रिया संगठन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है, क्योंकि इसके माध्यम से प्रबंधक यह सुनिश्चित करता है कि सभी गतिविधियाँ नियोजन के अनुसार हो रही हैं या नहीं। स्टिलिंग कोरियर के उदाहरण से स्पष्ट होता है कि एक कुशल प्रबंधक विपरीत व्यावसायिक परिस्थितियों को नियंत्रित कर सकता है और संभावित नुकसान से बचाव कर सकता है। नियंत्रण कार्य सुरक्षा कवच की तरह है जो केवल कार्य को विधिवत् चलाने में सहायता नहीं करता बल्कि उसे द्रुत गति से आगे बढ़ने में भी मदद करता है। प्रबंधकीय नियंत्रण के अंतर्गत वास्तविक प्रगति तथा निर्धारित मानकों की तुलना की जाती है और यदि कोई विचलन होता है तो उसे दूर करने के लिए सुधारात्मक कार्यवाही की जाती है। इस प्रकार नियंत्रण प्रबंध प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है जो नियोजन के साथ मिलकर संगठन को सफलता की ओर ले जाता है।
🔗 Connection: यह परिचय नियंत्रण की परिभाषा और महत्व की विस्तृत चर्चा के लिए आधार तैयार करता है।
Table on page 1 (7×1)
| अधिगम उद्देश्य |
|---|
| इस अध्याय के अध्ययन के पश्चात् आप- |
| • नियंत्रण को परिभाषित कर सकेंगे; |
| • नियंत्रण का महत्व बता सकेंगे; |
| • नियोजन तथा नियंत्रण में संबंध स्थापित कर सकेंगे; |
| • नियंत्रण प्रक्रिया के चरणों की व्याख्या कर सकेंगे; |
| • नियंत्रण की तकनीक समझा सकेंगे। |
Table on page 6 (6×4)
| उत्पादन | विपणन | कार्मिक प्रबंध | वित्तीय एवं लेखांकन |
|---|---|---|---|
| मात्रा | विक्री की मात्रा | श्रम संबंध | पूँजीगत व्यय |
| गुण | विक्रय व्यय | श्रम आवर्त | स्कंध |
| लागत | विज्ञापन व्यय | श्रम अनुपस्थिति | पूँजी का प्रवाह |
| व्यक्तिगत कार्य | व्यक्तिगत | — | तरलता |
| निष्पादन | विक्रयकर्ता का निष्पादन | — | — |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नियंत्रण का क्या अर्थ है और यह प्रबंधकीय कार्य में क्यों महत्वपूर्ण है?
नियंत्रण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से प्रबंधक अपने अधीनस्थों के कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखता है ताकि नियोजित परिणाम प्राप्त हो सकें। यह संगठन के पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संसाधनों के प्रभावी और दक्षतापूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करता है। उदाहरण के लिए, एक प्रबंधक उत्पादन में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करता है।
नियंत्रण की प्रक्रिया के मुख्य पाँच चरण कौन-कौन से हैं?
नियंत्रण प्रक्रिया के पाँच मुख्य चरण हैं— 1. निष्पादन मानकों का निर्धारण 2. वास्तविक निष्पादन की माप 3. मानकों एवं वास्तविक निष्पादन की तुलना 4. विचलनों का विश्लेषण 5. सुधारात्मक कार्यवाही करना। उदाहरण के लिए, एक कंपनी उत्पादन मानक निर्धारित करती है, फिर उत्पादन की माप करती है, तुलना करती है, विचलन का विश्लेषण करती है और आवश्यक सुधार करती है।
नियोजन और नियंत्रण के बीच क्या संबंध होता है? इसे स्पष्ट कीजिए।
(a) परिचय: नियोजन और नियंत्रण प्रबंध के दो अपूरणीय यमज हैं जो एक-दूसरे को पूरक करते हैं।
(b) नियोजन भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करता है और कार्यविधि तय करता है।
(c) नियंत्रण नियोजन के अनुसार कार्यों के निष्पादन की जांच करता है और विचलनों पर सुधारात्मक कार्यवाही करता है।
(d) नियोजन बिना नियंत्रण अर्थहीन है क्योंकि बिना नियंत्रण योजनाओं का सही निष्पादन सुनिश्चित नहीं होता। इसी तरह नियंत्रण बिना नियोजन दृष्टिहीन है क्योंकि बिना मानकों के नियंत्रण संभव नहीं।
(e) निष्कर्ष: दोनों मिलकर प्रबंध प
नियंत्रण के महत्व में से कौन सा बिंदु संगठन में आदेश एवं अनुशासन सुनिश्चित करता है?
आदेश एवं अनुशासन की सुनिश्चितता
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