Chemistryकक्षा 12ऐमीनहिंदी

ऐमीन | Class 12 Chemistry Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

ऐमीन | Class 12 Chemistry Notes

ऐमीन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ऐमीन from Class 12 Chemistry, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

9.9 रासायनिक अभिक्रियाएँ

डाइएजोनियम लवणों की अभिक्रियाएँ दो मुख्य वर्गों में विभाजित होती हैं:

(क) नाइट्रोजन प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ: डाइएजोनियम समूह एक उत्तम अवशिष्ट समूह (leaving group) होता है, जो Cl⁻, Br⁻, I⁻, CN⁻, OH⁻ आदि द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है। इस प्रकार से नाइट्रोजन गैस मुक्त होकर विभिन्न ऐरोमैटिक यौगिक बनते हैं।

1. हैलाइड या सायनाइड आयन द्वारा प्रतिस्थापन (सैन्डमायर अभिक्रिया): Cu(I) की उपस्थिति में Cl⁻, Br⁻, CN⁻ समूह बेन्जीन वलय में प्रवेश करते हैं।

2. आयोडाइड आयन द्वारा प्रतिस्थापन: पोटैशियम आयोडाइड से आयोडोबेन्जीन बनता है।

3. फ्लुओराइड आयन द्वारा प्रतिस्थापन: फ्लुओरोबोरिक अम्ल से ऐरीन डाइएजोनियम फ्लुओरोबोरेट बनता है, जो गरम करने पर ऐरिल फ्लुओराइड देता है।

4. H द्वारा प्रतिस्थापन: हाइपोफ्रास्फोरस अम्ल या एथेनॉल से डाइएजोनियम लवण अपचित होकर ऐरिल हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।

5. हाइड्रॉक्सिल समूह द्वारा प्रतिस्थापन: जल के साथ अभिक्रिया कर फीनॉल बनाते हैं।

6. NO₂ समूह द्वारा प्रतिस्थापन: कॉपर की उपस्थिति में सोडियम नाइट्रेट के साथ गरम करने पर NO₂ समूह प्रवेश करता है।

(ख) अभिक्रियाएँ जिनमें डाइएजो समूह सुरक्षित रहता है: युग्मन अभिक्रियाएँ, जिनमें डाइएजोनियम लवण ऐरोमैटिक यौगिकों के साथ अभिक्रिया कर रंगीन ऐजो यौगिक बनाते हैं, जो रंजकों के रूप में उपयोगी होते हैं।

🔗 Connection: रासायनिक अभिक्रियाओं के बाद अंतिम खंड में डाइऐजोनियम लवणों के ऐरोमैटिक यौगिकों के संश्लेषण में महत्व की चर्चा होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9.3 निम्नलिखित के कारण बताइए- (i) ऐनिलीन का pKₗ मेथिलएमीन की तुलना में अधिक होता है। (ii) ऐथिलऐमीन जल में विलेय है जबकि ऐनिलीन नहीं। (iii) मेथिलऐमीन फेरिक क्लोराइड के साथ जल में अभिक्रिया करने पर जलयोजित फेरिक आक्साइड का अवक्षेप देता है। (iv) यद्यपि ऐमीनों समूह इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं में आर्थो एवं पैरा निर्देशक होता है फिर भी ऐनिलीन नाइट्रोकरण द्वारा यथेष्ट मात्रा में मेटानाइट्रोऐनीलीन देती है। (v) ऐनिलीन फ्रिडेल क्राफ्ट्स अभिक्रिया प्रदर्शित नहीं करती। (vi) ऐरोमैटिक ऐमीनों के डाइऐजोनियम लवण ऐलीफैटिक ऐमीनों से प्राप्त लवण से अधिक स्थायी होते हैं। (vii) प्राथमिक ऐमीन के संश्लेषण में गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण को प्राथमिकता दी जाती है।

उत्तर: (i) ऐनिलीन का pKₗ मेथिलएमीन की तुलना में अधिक होता है क्योंकि ऐनिलीन में नाइट्रोजन के lone pair इलेक्ट्रॉन बेंज़ीन रिंग के π-तंत्र के साथ संलग्न होते हैं, जिससे उसका availability कम हो जाता है, अतः वह कम क्षारक होता है। मेथिलएमीन में lone pair पूरी तरह से नाइट्रोजन पर उपलब्ध होता है, इसलिए उसका pKₗ कम होता है।

(ii) ऐथिलऐमीन जल में विलेय है क्योंकि यह एक अल्काइल ऐमीन है और जल के साथ हाइड्रोजन बांड बना सकता है। जबकि ऐनिलीन में नाइट्रोजन का lone pair बेंज़ीन रिंग के साथ संलग्न होता है, जिसस

9.4 निम्नलिखित को क्रम में लिखिए— (i) $pK_{b}$ मान के घटते क्रम में— $C_2H_5NH_2, C_6H_5NHCH_3, (C_2H_5)_2NH$ एवं $C_6H_5NH_2$ (ii) क्षारकीय प्राबल्य के घटते क्रम में— $C_6H_5NH_2, C_6H_5N(CH_3)_2, (C_2H_5)_2NH$ एवं $CH_3NH_2$ (iii) क्षारकीय प्राबल्य के बढ़ते क्रम में— (क) ऐनिलीन, पैरा-नाइट्रोऐनिलीन, एवं पैरा-टॉल्ड्रीन (ख) $C_6H_5NH_2, C_6H_5NHCH_3, C_6H_5CH_2NH_2$ (iv) गैस अवस्था में घटते हुए क्षारकीय प्राबल्य के क्रम में— $C_2H_5NH_2, (C_2H_5)_2NH, (C_2H_5)_3N$ एवं $NH_3$ (v) क्वथनांक के बढ़ते क्रम में— $C_2H_5OH, (CH_3)_2NH, C_2H_5NH_2$ (vi) जल में विलेयता के बढ़ते क्रम में— $C_6H_5NH_2, (C_2H_5)_2NH, C_2H_5NH_2$

उत्तर: (i) $pK_b$ के घटते क्रम में: $(C_2H_5)_2NH > C_6H_5NHCH_3 > C_2H_5NH_2 > C_6H_5NH_2$

(ii) क्षारकीय प्राबल्य के घटते क्रम में: $ (C_2H_5)_2NH > CH_3NH_2 > C_6H_5N(CH_3)_2 > C_6H_5NH_2$

(iii) क्षारकीय प्राबल्य के बढ़ते क्रम में: (क) पैरा-नाइट्रोऐनिलीन < ऐनिलीन < पैरा-टॉल्ड्रीन (ख) $C_6H_5NH_2 < C_6H_5NHCH_3 < C_6H_5CH_2NH_2$

(iv) गैस अवस्था में घटते हुए क्षारकीय प्राबल्य के क्रम में: $C_2H_5NH_2 > (C_2H_5)_2NH > (C_2H_5)_3N > NH_3$

(v) क्वथनांक के बढ़ते क्रम में: $ (CH_3)_2NH < C_2H_5NH

9.5 इन्हें आप कैसे परिवर्तित करेंगे— (i) एथेनॉइक अम्ल को मेथेनेमीन में (ii) हैक्सेननाइट्राइल को 1-ऐमीनोपेस्टेन में (iii) मेथेनॉल को एथेनॉइक अम्ल में (iv) एथेनेमीन को मेथेनेमीन में (v) एथेनॉइक अम्ल को प्रोपेनॉइक अम्ल में (vi) मेथेनेमीन को ऐथेनेमीन में (vii) नाइट्रोमेथेन को डाइमेथिलऐमीन में (viii) प्रोपेनॉइक अम्ल को ऐथेनॉइक अम्ल में?

उत्तर: (i) एथेनॉइक अम्ल को मेथेनेमीन में: एथेनॉइक अम्ल को पहले क्लोराइड में परिवर्तित करें (एथेनॉयल क्लोराइड), फिर अमोनिया के साथ अभिक्रिया कर अमाइड बनाएं, अंत में अमाइड को हाइड्रोजन गैस और निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजनीकरण कर मेथेनेमीन प्राप्त करें।

(ii) हैक्सेननाइट्राइल को 1-ऐमीनोपेस्टेन में: हाइड्रोजन गैस और निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हैक्सेननाइट्राइल का हाइड्रोजनीकरण करें।

(iii) मेथेनॉल को एथेनॉइक अम्ल में: मेथेनॉल को ऑक्सीकरण के द्वारा एथेनॉइक अम्ल में बदला जा सकता है।

(

9.6 प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐमीनों को पहचान की विधि का वर्णन कीजिए। इन अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।

उत्तर: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीनों की पहचान के लिए निम्नलिखित विधियाँ हैं:

1. हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया: प्राथमिक ऐमीन हॉफमान ब्रोमेमाइड के साथ अभिक्रिया कर एक अमीनो समूह को हटाकर एल्केन बनाती है। द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन इस अभिक्रिया में भाग नहीं लेते।

रासायनिक समीकरण: R-NH_2 + Br_2 + 4NaOH → R-H + Na_2CO_3 + 2NaBr + 2H_2O

2. डाइऐजोकरण अभिक्रिया: प्राथमिक ऐमीन नाइट्रस अम्ल के साथ डाइऐजोनीकरण करती है, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन नहीं।

रासायनिक समीकरण: R-NH_2 + HNO_2 + HCl → R-N_2^+Cl^-

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा ऐमीन अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#chemistry#class 12#ncert

और पढ़ें