कार्य, आजीविका तथा जीविका | Class 12 Home Science Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन
कार्य, आजीविका तथा जीविका – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कार्य, आजीविका तथा जीविका from Class 12 Home Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
भारत के परंपरागत व्यवसाय
भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता ने यहाँ के परंपरागत व्यवसायों को समृद्ध और विशिष्ट बनाया है। कृषि भारत की अधिकांश जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय है, क्योंकि अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और जलवायु कृषि के लिए अनुकूल है। छोटे भूखंडों पर खेती करने वाले किसान अक्सर सीमित उत्पादन करते हैं, जो परिवार के लिए पर्याप्त होता है। नकदी फसलें जैसे चाय, कॉफी, इलायची और रबड़ विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायक हैं। मछली पकड़ना भी एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है क्योंकि भारत की लंबी तटरेखा है।
हस्तशिल्प भारत के परंपरागत व्यवसायों में एक प्रमुख स्थान रखता है। इसमें काष्ठशिल्प, मिट्टी के बर्तन, धातु शिल्प, कशीदाकारी, बुनाई, रंगाई, मूर्तिकला, टेराकोटा, शोलापीठ शिल्प, दरी, गलीचा, कार्पेट आदि शामिल हैं। प्रत्येक राज्य की विशिष्ट वस्त्र परंपरा होती है जो जलवायु और जीवनशैली के अनुरूप होती है। परंपरागत शिल्प कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में हस्तांतरित होते रहे हैं।
धर्म, जाति और व्यवसाय का घनिष्ठ संबंध भारत के सामाजिक ढांचे में देखा जाता है। परंपरागत व्यवसायों में शिकार, नमक बनाना, खनन, पुजारी, सफाई कर्मचारी आदि शामिल हैं। भारत की पाक-प्रणाली भी विविध और विशिष्ट है, जो स्थानीय सामग्री और मसालों पर आधारित है। आज भी सड़क किनारे भोजन विक्रेता से लेकर पाँच सितारा होटलों तक अनेक लोग भोजन व्यवसाय से अपनी आजीविका कमाते हैं।
परंपरागत व्यवसायों को आधुनिक अर्थव्यवस्था में चुनौतियाँ भी मिली हैं जैसे निरक्षरता, वित्तीय सेवाओं की कमी, पर्यावरणीय क्षरण आदि। सरकार और गैर-सरकारी संस्थाएँ संरक्षण, प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास और विपणन में सहायता कर रही हैं। स्थानीय शिल्पकारों के भ्रमण और प्रदर्शनी आयोजित कर विद्यार्थियों को इन व्यवसायों से परिचित कराना आवश्यक है।
📊 Diagram: इस अनुभाग में विभिन्न परंपरागत शिल्पों जैसे शोला शिल्प, मूर्तिकला, कठपुतली शिल्प, कशीदाकारी और वस्त्रों के चित्र शामिल हैं जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।
🧪 Activity: विद्यालय द्वारा स्थानीय शिल्पकारों के यहाँ भ्रमण की व्यवस्था की जा सकती है। इसके बाद विद्यार्थी स्थानीय परंपरागत कलाओं, शिल्पों और पाक-कलाओं पर संसाधन फ़ाइल (पोर्टफोलियो) तैयार करेंगे। स्थानीय परंपरागत कलाओं और शिल्पों के प्रदर्शन हेतु प्रदर्शनी का आयोजन किया जा सकता है।
🔗 Connection: यह अनुभाग कार्य के सामाजिक और आर्थिक आयामों की चर्चा के लिए आधार बनाता है, जो आगे आयु और जेंडर के संदर्भ में कार्य के मुद्दों में विस्तृत होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6-8 बच्चों के समूह बनाएँ और बेरोजगारी के मुद्दों पर समूहों के बीच चर्चा का आयोजन करें। चर्चा और प्रस्तुतीकरण निम्नलिखित पर केंद्रित होने चाहिए — - क्या आप किसी को जानते हैं, जो बेरोजगार है? - उस बात से कि वह बेरोजगार है, उसके रहने के स्तर और मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है? - क्या वह काम करना चाहता/चाहती है? - क्या हमारे देश में बेरोजगारी एक समस्या है? - आपके विचार से भारत में बेरोजगारी के मुख्य कारण क्या हैं? - सरकार (स्थानीय और राष्ट्रीय) इस समस्या के लिए क्या करती है? - समस्या के समाधान के लिए आप और क्या सुझाव दे सकते हैं?
यह प्रश्न समूह चर्चा पर आधारित है। उत्तर में विद्यार्थियों को बेरोजगारी के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना होगा।
1. क्या आप किसी को जानते हैं, जो बेरोजगार है?
- विद्यार्थी अपने अनुभव से किसी बेरोजगार व्यक्ति का उल्लेख कर सकते हैं।
2. उस बात से कि वह बेरोजगार है, उसके रहने के स्तर और मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- बेरोजगारी से व्यक्ति का जीवन स्तर गिर सकता है, मानसिक तनाव, निराशा और आत्मसम्मान में कमी हो सकती है।
3. क्या वह काम करना चाहता/चाहती है?
- आमतौर पर बेरोजगार व्यक्ति क
कार्य क्या है और इसे किस प्रकार समझा जा सकता है?
कार्य वह गतिविधि है जो किसी उद्देश्य या आवश्यकता के लिए की जाती है। इसे दैनिक जीवन की आवश्यक गतिविधियों के रूप में समझा जा सकता है, जो व्यक्ति की पहचान, कौशल और समाज के प्रति लगाव को विकसित करती है। उदाहरण के लिए, नौकरी करना या घर के काम करना।
अर्थपूर्ण कार्य से क्या आशय है? इसे उदाहरण सहित समझाइए।
अर्थपूर्ण कार्य वह कार्य है जो समाज या अन्य लोगों के लिए उपयोगी होता है और जिसे जिम्मेदारी से किया जाता है। यह कार्य करने वाले को आनंददायक होता है और उसकी कौशलता को बढ़ाता है। उदाहरण के लिए, एक शिक्षक का कार्य जो बच्चों को ज्ञान देता है।
नौकरी और करिअर में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
नौकरी वह कार्य है जो व्यक्ति को धन कमाने के लिए करता है, जबकि करिअर जीवन को बेहतर बनाने की प्रबल इच्छा और स्वयं को प्रमाणित करने की प्रक्रिया है। उदाहरण के लिए, बैंक में क्लर्क की नौकरी, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार उन्नति कर करिअर बनाना।
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