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Chapter 1

🎓 Class 12📖 Manav Paristhitik avam Parivar Vigyan Bhag 1📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min
Chapter 1 of 7Chapter 2

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कार्य और अर्थपूर्ण कार्य

Explanation

कार्य और अर्थपूर्ण कार्य

कार्य का अर्थ है वह गतिविधि जो मनुष्य करता है और जिसके माध्यम से वह अपने जीवन में एक स्थान प्राप्त करता है, नए संबंध बनाता है तथा अपनी विशिष्ट प्रतिभा और कौशल का उपयोग करता है। कार्य केवल धन कमाने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की पहचान, समाज के प्रति लगाव और स्वाभिमान को विकसित करने का माध्यम भी है। कार्य विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग महत्व रखता है, परंतु सभी के लिए यह दैनिक जीवन की अनिवार्य गतिविधि है। कार्य के प्रकार और स्वरूप व्यक्ति की शिक्षा, स्वास्थ्य, आयु, लिंग, अवसर, पारिवारिक पृष्ठभूमि आदि कारकों पर निर्भर करते हैं। अधिकांश लोग कार्य इसलिए करते हैं ताकि वे परिवार का खर्च चला सकें और आराम, मनोरंजन के लिए भी समय निकाल सकें। कार्य से व्यक्ति को व्यक्तिगत विकास, कौशलों में वृद्धि, वित्तीय लाभ के साथ-साथ सामाजिक योगदान का अवसर भी मिलता है। अर्थपूर्ण कार्य वह होता है जो समाज या अन्य लोगों के लिए उपयोगी होता है, जिसे जिम्मेदारी से किया जाता है और जो करने वाले को आनंद भी प्रदान करता है। यह कार्य व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और समस्या समाधान की योग्यता के लिए समर्थ बनाता है। कार्य का वातावरण सकारात्मक होना चाहिए, जहाँ व्यावसायिक संबंधों का विकास हो, मान्यता और लाभ प्राप्त हो। जब कार्य सफल होता है, तो यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और महत्व की भावना को बढ़ाता है। व्यक्ति के लिए कार्य का चयन उसकी प्रतिभा, अभिरुचि और योग्यता के अनुसार होना चाहिए ताकि वह कार्य में निरंतर उत्साह बनाए रख सके। कार्य के प्रति व्यक्ति को निम्नलिखित प्रश्न स्वयं से पूछने चाहिए: मेरी विशिष्ट प्रतिभाएँ क्या हैं? क्या कार्य चुनौतीपूर्ण है? क्या यह मुझे समाज के लिए उपयोगी महसूस कराता है? क्या कार्यस्थल का वातावरण उपयुक्त है? इस प्रकार, कार्य केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आत्मसंतोष, सामाजिक योगदान और स्व-विकास का माध्यम भी है।

  • कार्य व्यक्ति की पहचान और समाज के प्रति लगाव का माध्यम है।
  • कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य, आयु, लिंग, अवसर आदि कारकों पर निर्भर करता है।
  • अर्थपूर्ण कार्य समाज के लिए उपयोगी और आनंददायक होता है।
  • कार्य का सकारात्मक वातावरण व्यक्ति के विकास में सहायक होता है।
  • व्यक्ति को अपनी प्रतिभा और अभिरुचि के अनुसार कार्य चुनना चाहिए।
  • कार्य केवल आय का साधन नहीं, बल्कि स्व-विकास और सामाजिक योगदान का माध्यम है।
  • 📌 कार्य: वह गतिविधि जो व्यक्ति करता है और जिसके माध्यम से वह समाज में अपनी पहचान बनाता है।
  • 📌 अर्थपूर्ण कार्य: ऐसा कार्य जो समाज के लिए उपयोगी हो, जिम्मेदारी से किया जाए और आनंददायक हो।

कार्य, जीविका और आजीविकाएँ

Explanation

कार्य, जीविका और आजीविकाएँ

कार्य, जीविका और आजीविका ये तीनों शब्द एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, पर इनके अर्थ और उपयोग में सूक्ष्म भिन्नताएँ होती हैं। कार्य वह गतिविधि है जिसे व्यक्ति किसी उद्देश्य या आवश्यकता के लिए करता है, जो वेतन या लाभ के लिए हो या न हो। जीविका का अर्थ है वह साधन या व्यवसाय जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करता है और जीवनशैली बनाए रखता है। आजीविका जीविका का एक रूप है, जो मुख्यतः आय अर्जित करने के लिए किया जाता है। कार्य में वेतनभोगी नौकरी, स्वेच्छावृत्ति, परामर्श, सामाजिक कार्य आदि शामिल हो सकते हैं। जीविका एक जीवन-प्रबंधन संकल्पना है जिसमें व्यक्ति अपने जीवन के विभिन्न चरणों में प्रबंधन करता है, जैसे प्रबंधक भूमिकाएँ, वेतनभोगी और अवैतनिक कार्यों का संतुलन, सीखना और व्यक्तिगत जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति। जीविका व्यक्ति के लिए विशिष्ट होती है और समय के साथ बदलती रहती है। कार्य के विभिन्न परिप्रेक्ष्य हैं: (i) नौकरी और जीविका के रूप में कार्य, जहाँ आय का स्रोत होता है; (ii) जीविका के रूप में कार्य, जिसमें व्यक्ति अपने कार्य को निरंतर उन्नत करता है; (iii) मनपसंद कार्य, जो संतोष और प्रेरणा का स्रोत होता है। एक प्रसिद्ध दंतकथा में तीन पत्थर तोड़ने वाले व्यक्तियों को पूछा गया कि वे क्या कर रहे हैं। पहला व्यक्ति कहता है कि यह मेरा रोजगार है, दूसरा कहता है कि यह मेरी आजीविका है, जबकि तीसरा व्यक्ति कहता है कि वह एक मूर्तिकार बनने की कल्पना कर रहा है। यह कथा कार्य, आजीविका और जीविका के विभिन्न दृष्टिकोणों को दर्शाती है।

  • कार्य वह गतिविधि है जो किसी उद्देश्य के लिए की जाती है, वेतन के लिए या न हो।
  • जीविका वह साधन है जिससे व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी करता है।
  • आजीविका मुख्यतः आय अर्जित करने के लिए किया जाने वाला कार्य है।
  • कार्य के तीन प्रमुख रूप हैं: नौकरी, जीविका और मनपसंद कार्य।
  • जीविका जीवन प्रबंधन की संकल्पना है जिसमें विभिन्न भूमिकाएँ और संतुलन शामिल हैं।
  • तीन पत्थर तोड़ने वालों की दंतकथा कार्य के विभिन्न दृष्टिकोणों को स्पष्ट करती है।
  • 📌 कार्य: किसी उद्देश्य के लिए की जाने वाली गतिविधि।
  • 📌 जीविका: जीवन यापन के लिए आवश्यक साधन।
  • 📌 आजीविका: आय अर्जित करने के लिए किया गया कार्य।

भारत के परंपरागत व्यवसाय

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भारत के परंपरागत व्यवसाय

भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता ने यहाँ के परंपरागत व्यवसायों को समृद्ध और विशिष्ट बनाया है। कृषि भारत की अधिकांश जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय है, क्योंकि अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और जलवायु कृषि के लिए अनुकूल है। छोटे भूखंडों पर

Practice QuestionsChapter 1

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.6-8 बच्चों के समूह बनाएँ और बेरोजगारी के मुद्दों पर समूहों के बीच चर्चा का आयोजन करें। चर्चा और प्रस्तुतीकरण निम्नलिखित पर केंद्रित होने चाहिए — - क्या आप किसी को जानते हैं, जो बेरोजगार है? - उस बात से कि वह बेरोजगार है, उसके रहने के स्तर और मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है? - क्या वह काम करना चाहता/चाहती है? - क्या हमारे देश में बेरोजगारी एक समस्या है? - आपके विचार से भारत में बेरोजगारी के मुख्य कारण क्या हैं? - सरकार (स्थानीय और राष्ट्रीय) इस समस्या के लिए क्या करती है? - समस्या के समाधान के लिए आप और क्या सुझाव दे सकते हैं?

Answer:

यह प्रश्न समूह चर्चा पर आधारित है। उत्तर में विद्यार्थियों को बेरोजगारी के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना होगा। 1. क्या आप किसी को जानते हैं, जो बेरोजगार है? - विद्यार्थी अपने अनुभव से किसी बेरोजगार व्यक्ति का उल्लेख कर सकते हैं। 2. उस बात से कि वह बेरोजगार है, उसके रहने के स्तर और मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है? - बेरोजगारी से व्यक्ति का जीवन स्तर गिर सकता है, मानसिक तनाव, निराशा और आत्मसम्मान में कमी हो सकती है। 3. क्या वह काम करना चाहता/चाहती है? - आमतौर पर बेरोजगार व्यक्ति काम करने की इच्छा रखते हैं, पर अवसरों की कमी होती है। 4. क्या हमारे देश में बेरोजगारी एक समस्या है? - हाँ, भारत में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है जो सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रभावित करती है। 5. आपके विचार से भारत में बेरोजगारी के मुख्य कारण क्या हैं? - जनसंख्या वृद्धि, शिक्षा और कौशल की कमी, आर्थिक मंदी, तकनीकी परिवर्तन, औद्योगिक विकास की कमी आदि। 6. सरकार (स्थानीय और राष्ट्रीय) इस समस्या के लिए क्या करती है? - रोजगार योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार को प्रोत्साहन, उद्योगों को बढ़ावा देना। 7. समस्या के समाधान के लिए आप और क्या सुझाव दे सकते हैं? - शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार, स्वरोजगार को बढ़ावा, उद्यमिता को प्रोत्साहन, कृषि और ग्रामीण विकास, तकनीकी नवाचार।

Explanation:

यह प्रश्न सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर विचार करने के लिए है। विद्यार्थियों को समूह में चर्चा कर विभिन्न पहलुओं को समझना और प्रस्तुत करना होगा। सही उत्तर में बेरोजगारी के कारण, प्रभाव और समाधान पर संतुलित विचार होना चाहिए।

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Q2.कार्य क्या है और इसे किस प्रकार समझा जा सकता है?

Answer:

कार्य वह गतिविधि है जो किसी उद्देश्य या आवश्यकता के लिए की जाती है। इसे दैनिक जीवन की आवश्यक गतिविधियों के रूप में समझा जा सकता है, जो व्यक्ति की पहचान, कौशल और समाज के प्रति लगाव को विकसित करती है। उदाहरण के लिए, नौकरी करना या घर के काम करना।

Explanation:

कार्य वह आवश्यक गतिविधि है जो किसी उद्देश्य के लिए की जाती है। यह व्यक्ति को समाज में स्थान दिलाता है, उसकी पहचान बनाता है और कौशल विकसित करता है। कार्य विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग अर्थ रखता है, लेकिन सभी के लिए यह जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Easy
Q3.अर्थपूर्ण कार्य से क्या आशय है? इसे उदाहरण सहित समझाइए।

Answer:

अर्थपूर्ण कार्य वह कार्य है जो समाज या अन्य लोगों के लिए उपयोगी होता है और जिसे जिम्मेदारी से किया जाता है। यह कार्य करने वाले को आनंददायक होता है और उसकी कौशलता को बढ़ाता है। उदाहरण के लिए, एक शिक्षक का कार्य जो बच्चों को ज्ञान देता है।

Explanation:

अर्थपूर्ण कार्य समाज के लिए लाभकारी होता है और व्यक्ति को अपने कौशल के उपयोग और समस्या समाधान में समर्थ बनाता है। यह कार्य सकारात्मक वातावरण में किया जाना चाहिए जिससे मान्यता और लाभ भी प्राप्त हो। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास और कार्य क्षमता बढ़ती है।

Medium
Q4.नौकरी और करिअर में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।

Answer:

नौकरी वह कार्य है जो व्यक्ति को धन कमाने के लिए करता है, जबकि करिअर जीवन को बेहतर बनाने की प्रबल इच्छा और स्वयं को प्रमाणित करने की प्रक्रिया है। उदाहरण के लिए, बैंक में क्लर्क की नौकरी, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार उन्नति कर करिअर बनाना।

Explanation:

नौकरी केवल आय का स्रोत होती है, जबकि करिअर में व्यक्ति अपनी रुचि, प्रतिभा और विकास को ध्यान में रखता है। करिअर में निरंतर कौशल सीखना और उन्नति करना शामिल होता है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाता है।

Medium
Q5.कार्य के विभिन्न रूपों को संक्षेप में लिखिए।

Answer:

कार्य के रूप हैं: नौकरी और आजीविका का साधन, कर्तव्य जिसमें बाध्यता होती है, आय प्राप्ति का माध्यम, धर्म या कर्तव्य, आध्यात्मिक आचरण का भाग, आनंद और मानसिक संतुष्टि का स्रोत, पद और शक्ति का प्रतीक, स्वविकास का साधन। उदाहरण के लिए, एक शिक्षक का कार्य आध्यात्मिक आचरण और आनंद का स्रोत हो सकता है।

Explanation:

कार्य विभिन्न रूपों में होता है जो व्यक्ति की जीवनशैली, सामाजिक भूमिका और व्यक्तिगत संतुष्टि से जुड़ा होता है। यह व्यक्ति के लिए आय, पहचान, स्वाभिमान और विकास के अवसर प्रदान करता है।

Medium
Q6.किसी व्यक्ति के लिए कार्य-जीवन में सही विकल्प चुनने के लिए किन प्रश्नों का उत्तर जानना आवश्यक है?

Answer:

व्यक्ति को जानना चाहिए कि उसकी विशिष्ट प्रतिभाएँ और अभिरुचियाँ क्या हैं, क्या कार्य चुनौतीपूर्ण है, क्या वह समाज के लिए उपयोगी है, और कार्यस्थल का वातावरण उपयुक्त है। उदाहरण के लिए, यदि किसी को कला में रुचि है तो उसे कला से संबंधित करिअर चुनना चाहिए।

Explanation:

सही करिअर चयन के लिए व्यक्ति को अपनी क्षमताओं, रुचियों और कार्य के सामाजिक महत्व को समझना आवश्यक है। इससे वह संतुष्ट और सफल कार्य जीवन प्राप्त कर सकता है।

Medium
Q7.कार्य, आजीविका और जीविका में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।

Answer:

(a) कार्य: किसी उद्देश्य के लिए की जाने वाली गतिविधि है, जैसे नौकरी या घर का काम। (b) आजीविका: वह साधन जिससे व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं को पूरा करता है, जैसे खेती या व्यापार। (c) जीविका: जीवन-प्रबंधन की संकल्पना है जिसमें कार्य, व्यवसाय, जीवनशैली और व्यक्तिगत विकास शामिल हैं। उदाहरण: एक किसान का कार्य खेती करना है, उसकी आजीविका खेती से होती है और जीविका में उसके परिवार की देखभाल और सामाजिक जीवन भी शामिल है।

Explanation:

कार्य वह गतिविधि है जो व्यक्ति करता है, आजीविका वह माध्यम है जिससे वह जीवन यापन करता है, और जीविका व्यापक रूप से जीवन के प्रबंधन और विकास से जुड़ी होती है। ये तीनों परस्पर जुड़े हुए हैं लेकिन अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।

Hard
Q8.भारत के परंपरागत व्यवसायों के उदाहरण दीजिए और उनके महत्व को समझाइए।

Answer:

(a) कृषि: भारत की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, जो रोजगार का बड़ा स्रोत है। (b) हस्तशिल्प: काष्ठशिल्प, मिट्टी के बर्तन, कशीदाकारी, बुनाई आदि ग्रामीण जीविका के प्रमुख स्रोत हैं। (c) चित्रण कला: विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक चित्रण कलाएँ भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं। महत्व: ये व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं, विदेशी मुद्रा अर्जित करते हैं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं।

Explanation:

परंपरागत व्यवसाय भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान हैं। कृषि और हस्तशिल्प ग्रामीण जीवन का आधार हैं। चित्रण कला धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। ये व्यवसाय रोजगार प्रदान करते हैं और आर्थिक विकास में योगदान देते हैं।

Hard